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उपद्रवियों के साथ अन्य चेहरों की तलाश
Updated Thu, 05 Apr 2018 12:44 AM IST
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उपद्रवियों के साथ अन्य चेहरों की तलाश
मुजफ्फरनगर। उपद्रवियों की तलाश के साथ अन्य वर्गों के संदिग्ध चेहरों पर शक की सुई घूम गई है। वेस्ट यूपी में संवेदनशील जिले में सबसे बड़ी वारदात मानी गई हैं। पुलिस की टीमें कई बिंदुओं को जांच में शामिल कर आगे बढ़ी हैं। हालांकि अभी कोई ठोस सुबूत सुराग नहीं मिला है, लेकिन 100 से ज्यादा संदिग्धों के नाम सामने आ रहे हैं, जो कि रेलवे स्टेशन से लेकर नईमंडी थाने पर बवाल मचाने में आगे रहे हैं।
पुलिस-प्रशासन की टीम कई पहलुओं पर जांच कर रही है। जीआईसी के मैदान के साथ रेलवे स्टेशन, नईमंडी थाने पर बवाल में सैकड़ों चेहरे अलग-अलग सामने आए हैं। सुई इस बिंदू पर अटकी है कि यदि जीआईसी के मैदान से जुलूस के रूप में भीड़ आगे बढ़ी थी, तो नए चेहरे कहां से शामिल हुए हैं। उपद्रवियों की भीड़ को कई ग्रुपों में किसने बांटा है, जो हर शहर की लाइफ लाइन सड़क महावीर चौक, मालवीय चौक के साथ शिव चौक पर पर पहुंचे। यहां प्रशासन की बेरिकेडिंग को सड़क के बीच में लगाकर उपद्रव किया गया। उपद्रवियों ने रास्तों को चोक करने के बाद मनमानी की है। इसी के चलते पुलिस-प्रशासन की टीम को उपद्रवियों को घेरने में ज्यादा वक्त लगा है। नईमंडी थाने पर दोपहर के बाद अचानक उग्र हुई भीड़ ने जो हाथ में आया वह फेंक कर मारा है। रेलवे ट्रैक के पत्थरों के साथ पेड़ों से तोड़े गए डंडे बरसाए गए। पुलिस, लोकल जांच एजेंसियों की जांच इस पर अटकी है कि उपद्रवियों के साथ कौन-कौन जुड़ा था, जो इतनी बड़ी हिंसा की गई। अभी तक जांच में जो चेहरे सामने आ रहे हैं वह अलग-अलग भूमिका के हैं। चौराहों पर भीड़ दूसरी दिखी है, रेलवे स्टेशन और और नईमंडी क्षेत्र में और है। जबकि पूरी भीड़ जीआईसी के मैदान से एक साथ निकलना बताया जा रहा है। ग्रुपों में बंटी भीड़ के मुख्य मुखियाओं की तलाश हो रही है।
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मुजफ्फरनगर। उपद्रवियों की तलाश के साथ अन्य वर्गों के संदिग्ध चेहरों पर शक की सुई घूम गई है। वेस्ट यूपी में संवेदनशील जिले में सबसे बड़ी वारदात मानी गई हैं। पुलिस की टीमें कई बिंदुओं को जांच में शामिल कर आगे बढ़ी हैं। हालांकि अभी कोई ठोस सुबूत सुराग नहीं मिला है, लेकिन 100 से ज्यादा संदिग्धों के नाम सामने आ रहे हैं, जो कि रेलवे स्टेशन से लेकर नईमंडी थाने पर बवाल मचाने में आगे रहे हैं।
पुलिस-प्रशासन की टीम कई पहलुओं पर जांच कर रही है। जीआईसी के मैदान के साथ रेलवे स्टेशन, नईमंडी थाने पर बवाल में सैकड़ों चेहरे अलग-अलग सामने आए हैं। सुई इस बिंदू पर अटकी है कि यदि जीआईसी के मैदान से जुलूस के रूप में भीड़ आगे बढ़ी थी, तो नए चेहरे कहां से शामिल हुए हैं। उपद्रवियों की भीड़ को कई ग्रुपों में किसने बांटा है, जो हर शहर की लाइफ लाइन सड़क महावीर चौक, मालवीय चौक के साथ शिव चौक पर पर पहुंचे। यहां प्रशासन की बेरिकेडिंग को सड़क के बीच में लगाकर उपद्रव किया गया। उपद्रवियों ने रास्तों को चोक करने के बाद मनमानी की है। इसी के चलते पुलिस-प्रशासन की टीम को उपद्रवियों को घेरने में ज्यादा वक्त लगा है। नईमंडी थाने पर दोपहर के बाद अचानक उग्र हुई भीड़ ने जो हाथ में आया वह फेंक कर मारा है। रेलवे ट्रैक के पत्थरों के साथ पेड़ों से तोड़े गए डंडे बरसाए गए। पुलिस, लोकल जांच एजेंसियों की जांच इस पर अटकी है कि उपद्रवियों के साथ कौन-कौन जुड़ा था, जो इतनी बड़ी हिंसा की गई। अभी तक जांच में जो चेहरे सामने आ रहे हैं वह अलग-अलग भूमिका के हैं। चौराहों पर भीड़ दूसरी दिखी है, रेलवे स्टेशन और और नईमंडी क्षेत्र में और है। जबकि पूरी भीड़ जीआईसी के मैदान से एक साथ निकलना बताया जा रहा है। ग्रुपों में बंटी भीड़ के मुख्य मुखियाओं की तलाश हो रही है।
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