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ससुराल पहुंचते ही हो गया था अनहोनी का आभास
Updated Sat, 22 Sep 2018 12:13 AM IST
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ससुराल पहुंचते ही हो गया था अनहोनी का आभास
मुजफ्फरनगर। शाहपुर के गांव कुटबा में रक्षा मंत्रालय के कर्मचारी दोघट के गांव नंगला मोजिजाबाद निवासी मनोज शर्मा की हत्या आकस्मिक जरूर थी, लेकिन हत्याभियुक्तों ने बहुत पहले ही इसकी साजिश रच डाली थी। मनोज के ससुराल पहुंचते ही उसकी पत्नी सोनिया बालियान को इस अनहोनी का आभास हो गया, जिसने मनोज को वहां से भागने के लिए कहा। पत्नी के कहने पर मनोज घर से निकलकर भागा भी, लेकिन कुछ दूरी पर ही सोनिया के छोटे भाई ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद पहले उसे घेर में ले जाया गया और बाद में जबरन बाइक पर बैठाकर काकड़ा मार्ग स्थित खेत में ले जाकर उसकी हत्या कर लाश को पांच फीट गहरे गड्ढे में दफन कर दिया गया।
बागपत के दोघट थाना क्षेत्र के गांव नंगला मोजिजाबाद निवासी रक्षा मंत्रालय के कर्मचारी मनोज शर्मा पुत्र जगपाल ने जनवरी 2015 में शाहपुर के गांव कुटबा निवासी सोनिया पत्नी देवेंद्र बालियान से प्रेम विवाह किया था। तीन साल पूर्व हुई लव मैरिज के बाद मनोज शर्मा 18 सितंबर को बेटे के साथ मायके में रह रही सोनिया से मिलने उसके गांव कुटबा पहुंचा था। पहली बार ससुराल पहुंचा मनोज पत्नी को वहां पहुंचने का सरप्राइज गिफ्ट देना चाहता था, लेकिन मनोज के साथ ही सोनिया को भी यह अंदेशा नहीं था कि यह सरप्राइज मौत के रूप में होगा। दरअसल, सोनिया के भाई शादी के तीन साल बीतने व डेढ़ साल का बेटा होने के बावजूद मनोज को बहनोई के रूप में स्वीकार नहीं कर पाए थे। सोनिया के अनुसार शाम करीब 7.15 बजे मनोज शर्मा उसके मायके पहुंचे और घर के दरवाजे पर खड़े होकर उसे कॉल कर सरप्राइज देने की बात कही। मनोज को घर के दरवाजे पर खड़े देख सोनिया गेट खोलकर उसे अंदर ले गई, जहां पहले से मौजूद उसके बड़े भाई सनी ने मनोज को वहां नहीं आने की नसीहत करते हुए उसके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। यह देख सोनिया को अनहोनी का आभास हो गया और उसने मनोज को वहां से भाग जाने के लिए कहा। पत्नी की बात मानकर मनोज आनन-फानन में घर से निकलकर बाहर भागा, लेकिन कुछ ही दूरी पर उसे सोनिया के दूसरे भाई आदेश उर्फ शिवम ने पकड़ लिया और ममेरे भाई विशाल उर्फ विशु के साथ मिलकर जबरन घेर में ले गया। यह देख सोनिया घर से निकलकर घेर की तरफ दौड़ी, लेकिन उसके सामने ही दोनों आरोपी मनोज को जबरन एक बाइक पर बैठाकर काकड़ा मार्ग की तरफ भाग निकले। पति मनोज को मौत के मुंह में जाते देख सोनिया ने पहले कुछ दूरी पर पैदल और फिर गांव के ही एक युवक से हेल्प मांगते हुए उसकी बाइक पर लिफ्ट लेकर भाइयों का पीछा किया, लेकिन तब तक हत्यारोपी भाई मनोज को लेकर दूर निकल चुके थे। इस पर सोनिया ने तत्काल अपनी ससुराल में फोन कर उन्हें घटना की जानकारी देते हुए मदद की गुहार लगाई, लेकिन जब तक उन्हें अनहोनी का आभास होता, मौत मनोज को अपना शिकार बना चुकी थी।
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मुजफ्फरनगर। शाहपुर के गांव कुटबा में रक्षा मंत्रालय के कर्मचारी दोघट के गांव नंगला मोजिजाबाद निवासी मनोज शर्मा की हत्या आकस्मिक जरूर थी, लेकिन हत्याभियुक्तों ने बहुत पहले ही इसकी साजिश रच डाली थी। मनोज के ससुराल पहुंचते ही उसकी पत्नी सोनिया बालियान को इस अनहोनी का आभास हो गया, जिसने मनोज को वहां से भागने के लिए कहा। पत्नी के कहने पर मनोज घर से निकलकर भागा भी, लेकिन कुछ दूरी पर ही सोनिया के छोटे भाई ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद पहले उसे घेर में ले जाया गया और बाद में जबरन बाइक पर बैठाकर काकड़ा मार्ग स्थित खेत में ले जाकर उसकी हत्या कर लाश को पांच फीट गहरे गड्ढे में दफन कर दिया गया।
बागपत के दोघट थाना क्षेत्र के गांव नंगला मोजिजाबाद निवासी रक्षा मंत्रालय के कर्मचारी मनोज शर्मा पुत्र जगपाल ने जनवरी 2015 में शाहपुर के गांव कुटबा निवासी सोनिया पत्नी देवेंद्र बालियान से प्रेम विवाह किया था। तीन साल पूर्व हुई लव मैरिज के बाद मनोज शर्मा 18 सितंबर को बेटे के साथ मायके में रह रही सोनिया से मिलने उसके गांव कुटबा पहुंचा था। पहली बार ससुराल पहुंचा मनोज पत्नी को वहां पहुंचने का सरप्राइज गिफ्ट देना चाहता था, लेकिन मनोज के साथ ही सोनिया को भी यह अंदेशा नहीं था कि यह सरप्राइज मौत के रूप में होगा। दरअसल, सोनिया के भाई शादी के तीन साल बीतने व डेढ़ साल का बेटा होने के बावजूद मनोज को बहनोई के रूप में स्वीकार नहीं कर पाए थे। सोनिया के अनुसार शाम करीब 7.15 बजे मनोज शर्मा उसके मायके पहुंचे और घर के दरवाजे पर खड़े होकर उसे कॉल कर सरप्राइज देने की बात कही। मनोज को घर के दरवाजे पर खड़े देख सोनिया गेट खोलकर उसे अंदर ले गई, जहां पहले से मौजूद उसके बड़े भाई सनी ने मनोज को वहां नहीं आने की नसीहत करते हुए उसके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। यह देख सोनिया को अनहोनी का आभास हो गया और उसने मनोज को वहां से भाग जाने के लिए कहा। पत्नी की बात मानकर मनोज आनन-फानन में घर से निकलकर बाहर भागा, लेकिन कुछ ही दूरी पर उसे सोनिया के दूसरे भाई आदेश उर्फ शिवम ने पकड़ लिया और ममेरे भाई विशाल उर्फ विशु के साथ मिलकर जबरन घेर में ले गया। यह देख सोनिया घर से निकलकर घेर की तरफ दौड़ी, लेकिन उसके सामने ही दोनों आरोपी मनोज को जबरन एक बाइक पर बैठाकर काकड़ा मार्ग की तरफ भाग निकले। पति मनोज को मौत के मुंह में जाते देख सोनिया ने पहले कुछ दूरी पर पैदल और फिर गांव के ही एक युवक से हेल्प मांगते हुए उसकी बाइक पर लिफ्ट लेकर भाइयों का पीछा किया, लेकिन तब तक हत्यारोपी भाई मनोज को लेकर दूर निकल चुके थे। इस पर सोनिया ने तत्काल अपनी ससुराल में फोन कर उन्हें घटना की जानकारी देते हुए मदद की गुहार लगाई, लेकिन जब तक उन्हें अनहोनी का आभास होता, मौत मनोज को अपना शिकार बना चुकी थी।
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