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लूट के मामले में 2
Updated Wed, 13 Dec 2017 12:23 AM IST
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सबूत के अभाव में दो आरोपी अदालत से बरी
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। छपार क्षेत्र में हाईवे पर हुई लूट की घटना के मामले में 28 वर्ष बाद कोर्ट का फैसला आया। अदालत ने सबूत के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया, जबकि न्याय के इंतजार में दो आरोपियों की मौत हो चुकी है।
छपार थाना क्षेत्र में 28 वर्ष पहले 20 जनवरी 1989 में हाईवे पर खामपुर के एक ग्रामीण से नगदी और साइकिल की लूट हुई थी। पुलिस ने अज्ञात में लूट का मामला दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने प्रकाश में आए चार आरोपियों अख्तर, खुर्शीद, जरनल और रहीस को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जो कि बाद में जमानत पर रिहा हो गए थे। बीते 28 वर्ष से यह मुकदमा कोर्ट में चल रहा था। एसीजेएम द्वितीय मधु गुप्ता की कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई हुई। कोर्ट ने सबूत के अभाव में दो आरोपियों अख्तर और खुर्शीद को बरी कर दिया, जबकि दो आरोपियों जरनल और रहीस की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। आरोपी पक्ष की ओर से अधिवक्ता जुलकरण सिंह और चंद्रवीर सिंह ने पैरवी की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। छपार क्षेत्र में हाईवे पर हुई लूट की घटना के मामले में 28 वर्ष बाद कोर्ट का फैसला आया। अदालत ने सबूत के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया, जबकि न्याय के इंतजार में दो आरोपियों की मौत हो चुकी है।
छपार थाना क्षेत्र में 28 वर्ष पहले 20 जनवरी 1989 में हाईवे पर खामपुर के एक ग्रामीण से नगदी और साइकिल की लूट हुई थी। पुलिस ने अज्ञात में लूट का मामला दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने प्रकाश में आए चार आरोपियों अख्तर, खुर्शीद, जरनल और रहीस को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जो कि बाद में जमानत पर रिहा हो गए थे। बीते 28 वर्ष से यह मुकदमा कोर्ट में चल रहा था। एसीजेएम द्वितीय मधु गुप्ता की कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई हुई। कोर्ट ने सबूत के अभाव में दो आरोपियों अख्तर और खुर्शीद को बरी कर दिया, जबकि दो आरोपियों जरनल और रहीस की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। आरोपी पक्ष की ओर से अधिवक्ता जुलकरण सिंह और चंद्रवीर सिंह ने पैरवी की है।
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