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आठ साल से अधर में लटका आईटीआई कॉलेज का निर्माण

Sat, 24 Jul 2021 12:07 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jul 2021 12:07 AM IST
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Construction of ITI hanging for eight years
छपार में आईटीआई का अधूरा पड़ा निर्माण। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
आठ साल से अधर में लटका आईटीआई का निर्माण
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मुजफ्फरनगर, छपार। कस्बे में राजकीय आईटीआई का निर्माण कार्य आठ वर्ष से अधर में लटका पड़ा है। क्षेत्र के युवाओं को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सपा सरकार ने अल्पसंख्यक योजना के तहत ब्लॉकों में आईटीआई खोलने की घोषणा की थी, ताकि गांव के युवक रोजगारपरक ट्रेड में प्रशिक्षित होकर रोजगार हासिल कर सकें। कस्बे में वर्ष 2013 में सरकार द्वारा राजकीय आईटीआई का प्रस्ताव आया था, उसके लिए सरकार की ओर से तीन करोड़ रुपये मंजूर हुए। तत्कालीन ग्राम प्रधान कादिर त्यागी ने तालाब की जमीन पर कॉलेज बनाने प्रस्ताव पास कर जिलाधिकारी को भेज दिया था, जिसे मंजूरी मिल गई थी। जल निगम की ओर से मेरठ के एक ठेकेदार को कार्य सौंपा गया। उसने तालाब का मिट्टी से भराव कराकर आईटीआई निर्माण कार्य शुरू किया। उसी समय सरकार बदल गई और निर्माण कार्य पैसे की कमी के कारण रुक गया जो आज तक बंद पड़ा है।
ठेकेदार देविंद्र शर्मा ने बताया कि 80 लाख रुपये फर्नीचर के थे बाकी में निर्माण कार्य होना था। उसने बताया कि आधी रकम राज्य सरकार व आधी केंद्र सरकार को देनी थी। बाद में दो करोड़ रुपये और मंजूर हुए, लेकिन अभी तक कोई किस्त न आने के कारण कार्य निर्माण अधर में लटका पडा है।
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पूर्व प्रधान कादिर त्यागी ने बताया कि बहुत प्रयास करने के बाद 200 सीटों का कॉलेज मंजूर हुआ था। इससे क्षेत्र व छपार के युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे खुल गए थे, क्योंकि तकनीकी शिक्षा की बहुत कमी है। यहां के युवाओं को तकनीकी शिक्षा पाने के लिए मुजफ्फरनगर या बाहर जाना पड़ता है, लेकिन निर्माण कार्य अधर में लटकने से क्षेत्र के युवाओं में मायूसी है। कब बजट आएगा और आईटीआई बनेगा, युवा इसकी बाट जोह रहे है।
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-छपार में आईटीआई का निर्माण कई साल से बजट के अभाव में अधूरा पड़ा है। इस संबंध में बजट की डिमांड कई बार शासन को भेजी गई है, मगर डिमांड पूरी नहीं हुई। इसी कारण से आईटीआई का निर्माण पूरा नहीं हो सका। फिर से शासन को रिमाइंडर भेजा जाएगा।
- मनोज कुमार दूबे, प्रधानाचार्य, राजकीय आईटीआई, मुजफ्फरनगर।
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