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बाल कल्याण समिति संभालेगी बच्चों की जिम्मेदारी
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बाल कल्याण समिति संभालेगी बच्चों की जिम्मेदारी
मुजफ्फरनगर। कोविड-19 के कारण जिन बच्चों के माता-पिता या दोनों में से किसी एक की मृत्यु हो चुकी है या ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता कोविड-19 से संक्रमित होने के कारण अस्पताल, होम आइसोलेशन में हैं और इन बच्चों की देखरेख करने वाला कोई नहीं है, ऐसे बच्चों की देखरेख जिले की बाल कल्याण समिति करेगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी मौहम्मद मुशफेकीन ने बताया कि जो बच्चे किसी भी कारणवश अकेले हैं और उनकी देखरेख करने वाला इस समय कोई नहीं है उनकी देखभाल बाल कल्याण समिति करेगी। ऐसे बच्चों के संबंध में चाइल्ड लाइन-1098 एवं महिला हेल्पलाइन-181 को सूचित किया जा सकता है। बच्चों के चिन्हांकन में ग्राम निगरानी समिति एवं मोहल्ला निगरानी समिति सहित विभिन्न स्तरों पर गठित बाल संरक्षण समितियों का सहयोग भी लिया जाएगा। ऐसे बच्चों का प्रकरण मुजफ्फरनगर के महावीर चौक स्थित बाल कल्याण समिति के समक्ष आनलाईन-ऑफलाईन प्रस्तुत किया जाएगा। जनपद के लोग ऐसे बच्चों की हेल्प कर सकते हैं और हमें सीधी जानकारी दे सकते हैं।
चाइल्ड लाइन के टोल फ्री नम्बर-1098 या महिला हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर-181 पर जानकारी दी जा सकती है। महामारी के दौरान गैर कानूनी रूप से बच्चों को गोद दिए जाने से संबंधित संदेश भी प्रकाश में आए हैं जो गैर कानूनी तथा दंडनीय हैं। ऐसे संदेशों के प्रति जन-सामान्य को सजग किया जाना है तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत कारा (CARA)-केंद्रीय दत्तक ग्रहण अभिकरण, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित प्रक्रिया, गाइड लाइन के अनुसार संपन्न की जाती है। गैर कानूनी रूप से बच्चों को गोद लेना या देना एक दंडनीय अपराध है।
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मुजफ्फरनगर। कोविड-19 के कारण जिन बच्चों के माता-पिता या दोनों में से किसी एक की मृत्यु हो चुकी है या ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता कोविड-19 से संक्रमित होने के कारण अस्पताल, होम आइसोलेशन में हैं और इन बच्चों की देखरेख करने वाला कोई नहीं है, ऐसे बच्चों की देखरेख जिले की बाल कल्याण समिति करेगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी मौहम्मद मुशफेकीन ने बताया कि जो बच्चे किसी भी कारणवश अकेले हैं और उनकी देखरेख करने वाला इस समय कोई नहीं है उनकी देखभाल बाल कल्याण समिति करेगी। ऐसे बच्चों के संबंध में चाइल्ड लाइन-1098 एवं महिला हेल्पलाइन-181 को सूचित किया जा सकता है। बच्चों के चिन्हांकन में ग्राम निगरानी समिति एवं मोहल्ला निगरानी समिति सहित विभिन्न स्तरों पर गठित बाल संरक्षण समितियों का सहयोग भी लिया जाएगा। ऐसे बच्चों का प्रकरण मुजफ्फरनगर के महावीर चौक स्थित बाल कल्याण समिति के समक्ष आनलाईन-ऑफलाईन प्रस्तुत किया जाएगा। जनपद के लोग ऐसे बच्चों की हेल्प कर सकते हैं और हमें सीधी जानकारी दे सकते हैं।
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चाइल्ड लाइन के टोल फ्री नम्बर-1098 या महिला हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर-181 पर जानकारी दी जा सकती है। महामारी के दौरान गैर कानूनी रूप से बच्चों को गोद दिए जाने से संबंधित संदेश भी प्रकाश में आए हैं जो गैर कानूनी तथा दंडनीय हैं। ऐसे संदेशों के प्रति जन-सामान्य को सजग किया जाना है तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत कारा (CARA)-केंद्रीय दत्तक ग्रहण अभिकरण, नई दिल्ली द्वारा निर्धारित प्रक्रिया, गाइड लाइन के अनुसार संपन्न की जाती है। गैर कानूनी रूप से बच्चों को गोद लेना या देना एक दंडनीय अपराध है।
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