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Muzaffarnagar News: गड्ढामुक्त हुआ चरथावल-थानाभवन मुख्य मार्ग
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चरथावल। चरथावल-थानाभवन मुख्य मार्ग पर बिरालसी से कादरगढ़ तक हॉट मिक्स से सड़क निर्माण अंतिम चरणों में है। अरसे बाद सड़क चौड़ीकरण होने से लोगों को गड्ढों से छुटकारा मिला है। वहीं तीन जिलों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क से जुड़े तमाम सैकड़ों गांवों के लोगों को राहत मिली है।
एक साल से पीनना-थानाभवन मुख्य मार्ग की 19.122 किमी सड़क का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। लोनिवि की अधिकृत कार्यदायी संस्था ने गत मार्च में दधेडू से चरथावल सीमा तक तारकोल का कार्य पूरा करा दिया था। हालांकि कई साल से बिरालसी गांव से थानाभवन की सीमा तक मुख्य मार्ग का कार्य अधर में था। यहां अनगिनत गड्ढों में सफर पीड़ादायक बना था। खस्ताहाल सड़क के कारण लोगों को जान-माल की क्षति उठानी पड़ रही थी।
इन दिनों बिरालसी के बाहरी छोर से कादरगढ़ चौकी तक हॉट मिक्स से सड़क तैयार की जा रही है। इस सड़क को शासन से मंजूरी मिलने के बाद सात मीटर के स्थान पर 10 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। हालांकि शामली जिले की सीमा में कादरगढ़ से थानाभवन तक सड़क की चौड़ाई सात मीटर ही रहेगी। पिछले वर्ष शामली के लोक निर्माण विभाग ने क्षतिग्रस्त सड़क का सुदृढ़ीकरण कराया था। करीब पांच किमी के हिस्से में सड़क सात मीटर है।
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सड़क किनारे पेड़ और खंभे बने खतरा
सड़क चौड़ीकरण के बाद सड़क किनारे विद्युत पोल लोगों के लिए खतरा बने हैं। बिरालसी, दधेडू आदि के निकट कई खंभे सड़क से सटे हैं। उनका वैकल्पिक इंतजाम नहीं किया गया। यही हालत पेड़ों की है। दधेडू से चरथावल तक सैकड़ों पेड़ों को नहीं हटाया गया।
पुलिया निर्माण अधूरा, रजबहों में गिरने की आशंका
वहीं पूर्व जिपंस राकेश वशिष्ठ, बृजेश पुंडीर, लोकेश कुमार, संदीप कंसल, राजेश गोयल आदि कहते है कि अमीगढ़, दधेडू तक कहीं भी पुलिया का निर्माण नहीं होने से गड्ढामुक्त सड़क पर फर्राटा भरने वाले वाहनों के लिए सफर जोखिम बढ़ा रहा है। खासकर दुपहिया वाहनों का नालों और रजबहों में गिरने की आशंका बढ़ गई हैं। पुलिया निर्माण अधूरा छोड़ा गया है और अलर्ट करने के लिए कोई संकेतक नहीं लगाए हैं।
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एक साल से पीनना-थानाभवन मुख्य मार्ग की 19.122 किमी सड़क का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। लोनिवि की अधिकृत कार्यदायी संस्था ने गत मार्च में दधेडू से चरथावल सीमा तक तारकोल का कार्य पूरा करा दिया था। हालांकि कई साल से बिरालसी गांव से थानाभवन की सीमा तक मुख्य मार्ग का कार्य अधर में था। यहां अनगिनत गड्ढों में सफर पीड़ादायक बना था। खस्ताहाल सड़क के कारण लोगों को जान-माल की क्षति उठानी पड़ रही थी।
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इन दिनों बिरालसी के बाहरी छोर से कादरगढ़ चौकी तक हॉट मिक्स से सड़क तैयार की जा रही है। इस सड़क को शासन से मंजूरी मिलने के बाद सात मीटर के स्थान पर 10 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। हालांकि शामली जिले की सीमा में कादरगढ़ से थानाभवन तक सड़क की चौड़ाई सात मीटर ही रहेगी। पिछले वर्ष शामली के लोक निर्माण विभाग ने क्षतिग्रस्त सड़क का सुदृढ़ीकरण कराया था। करीब पांच किमी के हिस्से में सड़क सात मीटर है।
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सड़क किनारे पेड़ और खंभे बने खतरा
सड़क चौड़ीकरण के बाद सड़क किनारे विद्युत पोल लोगों के लिए खतरा बने हैं। बिरालसी, दधेडू आदि के निकट कई खंभे सड़क से सटे हैं। उनका वैकल्पिक इंतजाम नहीं किया गया। यही हालत पेड़ों की है। दधेडू से चरथावल तक सैकड़ों पेड़ों को नहीं हटाया गया।
पुलिया निर्माण अधूरा, रजबहों में गिरने की आशंका
वहीं पूर्व जिपंस राकेश वशिष्ठ, बृजेश पुंडीर, लोकेश कुमार, संदीप कंसल, राजेश गोयल आदि कहते है कि अमीगढ़, दधेडू तक कहीं भी पुलिया का निर्माण नहीं होने से गड्ढामुक्त सड़क पर फर्राटा भरने वाले वाहनों के लिए सफर जोखिम बढ़ा रहा है। खासकर दुपहिया वाहनों का नालों और रजबहों में गिरने की आशंका बढ़ गई हैं। पुलिया निर्माण अधूरा छोड़ा गया है और अलर्ट करने के लिए कोई संकेतक नहीं लगाए हैं।