{"_id":"64a7f9ef2520ab173a0c1e97","slug":"center-of-faith-juddi-wala-shiva-temple-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1001-3172-2023-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: आस्था का केंद्र जुड्डी वाला शिव मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: आस्था का केंद्र जुड्डी वाला शिव मंदिर
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहपुर। गांव पलड़ा स्थित सिद्धपीठ जुड्डी वाला शिव मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और श्रद्धा का केंद्र है । मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से आकर भगवान शिव का जलाभिषेक करता है, उसकी मन्नत पूरी होती है।
गांव पलड़ा से आधा किलोमीटर दूर सिद्ध पीठ जुड्डी वाला मंदिर स्थित है। मंदिर समिति के देवेंद्र सैनी ने बताया कि यह शिव मंदिर तीन गांवों पलड़ा, पलड़ी और बसी कलां से आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। महंत कुक्कू दास ने बताया कि श्रावण मास में तीनों गांव और कस्बे के अलावा अन्य स्थानों से श्रद्धालु आकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते है। मंदिर में शिवलिंग के अलावा माता पार्वती, भगवान गणेश, नंदी और भगवान हनुमान जी की मूर्ति स्थापित है।
मंदिर में चल रहा जीर्णोद्धार का कार्य
मंदिर समिति के राजू नामदेव और राजीव गर्ग ने बताया कि मंदिर में पिछले चार माह से जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। पत्थर लगाने का कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके अलावा एक बरामदा और दो कमरों का निर्माण कार्य कराया जा चुका है, जबकि एक बड़े हाॅल का निर्माण कार्य और कराया जाएगा ।
विज्ञापन
हरिद्वार से मंगाया गया गंगाजल
15 जुलाई की शाम आठ बजे शिव संध्या और रात्रि में महाआरती होने के बाद 108 कलश से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। हरिद्वार से एक टैंकर गंगाजल का मंगवाया गया है, जिसको दो हजार कैन में भरा गया है।
विज्ञापन
शाहपुर। गांव पलड़ा स्थित सिद्धपीठ जुड्डी वाला शिव मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और श्रद्धा का केंद्र है । मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से आकर भगवान शिव का जलाभिषेक करता है, उसकी मन्नत पूरी होती है।
गांव पलड़ा से आधा किलोमीटर दूर सिद्ध पीठ जुड्डी वाला मंदिर स्थित है। मंदिर समिति के देवेंद्र सैनी ने बताया कि यह शिव मंदिर तीन गांवों पलड़ा, पलड़ी और बसी कलां से आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। महंत कुक्कू दास ने बताया कि श्रावण मास में तीनों गांव और कस्बे के अलावा अन्य स्थानों से श्रद्धालु आकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते है। मंदिर में शिवलिंग के अलावा माता पार्वती, भगवान गणेश, नंदी और भगवान हनुमान जी की मूर्ति स्थापित है।
विज्ञापन
मंदिर में चल रहा जीर्णोद्धार का कार्य
मंदिर समिति के राजू नामदेव और राजीव गर्ग ने बताया कि मंदिर में पिछले चार माह से जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा है। पत्थर लगाने का कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके अलावा एक बरामदा और दो कमरों का निर्माण कार्य कराया जा चुका है, जबकि एक बड़े हाॅल का निर्माण कार्य और कराया जाएगा ।
विज्ञापन
हरिद्वार से मंगाया गया गंगाजल
15 जुलाई की शाम आठ बजे शिव संध्या और रात्रि में महाआरती होने के बाद 108 कलश से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। हरिद्वार से एक टैंकर गंगाजल का मंगवाया गया है, जिसको दो हजार कैन में भरा गया है।