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सराफा बाजार में तीस करोड़ का कारोबार चौपट
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सराफा बाजार में तीस करोड़ का कारोबार चौपट
मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण ने अक्षय तृतीया पर्व की रौनक भी खत्म कर दी है। लगातार दो साल से अक्षय तृतीया पर बाजार बंद रहने से सराफा बाजार को बड़ा झटका लगा है। शहर में सराफा बाजार में करीब 400 दुकानें हैं। अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना गया है। मगर कोरोना कर्फ्यू के चलते शहर में करीब तीस करोड़ का कारोबार चौपट हो गया। दुकानदारों का कहना है कि संक्रमण ज्यादा है, इसलिए इस बार पहले जान बचाना जरूरी है।
भगत सिंह रोड पर रामबाबू सराफ के मालिक संजय वर्मा कहते हैं कि अक्षय तृतीया पर कई शादियां बुक थीं, मगर कोरोना संक्रमण के कारण लोगों ने शादियां निरस्त कर दीं। सात शादी का बयाना वापस देना पड़ा है। कोरोना काल में दुकान बंद रखना ही बेहतर है।
रामकुमार ज्वैलर्स के स्वामी संजय कुमार कहते हैं कि दो साल से अक्षय तृतीय पर्व की रौनक कोरोना संक्रमण ने खत्म कर दी। अच्छे कारोबार की उम्मीद इस पर्व पर रहती है, मगर जान बची रहना जरूरी है। इसलिए लॉकडाउन से एक सप्ताह पहले ही उन्होंने स्वेच्छा से अपनी दुकान बंद कर दी थी।
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भगत सिंह रोड पर रतनदीप ज्वैलर्स के मालिक सुरेंद्र अग्रवाल करते हैं कि तीन माह पहले शादियां की बुकिंग कराई थी, मगर सब रद्द हो गई है। शहर के सराफा बाजार में करीब तीस करोड़ का कारोबार इस पर्व पर होता था। इस बार कोरोना संक्रमण से सब डरे हुए हैं। इसलिए घरों में रहना ही बेहतर है।
खतौली निवासी सराफ मोहित जैन का कहना है कि पहले कोरोना की चेन तोड़ना जरूरी है। जब लोग जिंदा रहेंगेे तो सामान की भी बिक्री होगी। इस बार आशा थी कि अक्षय तृतीया पर कारोबार अच्छा होगा, लेकिन कोरोना कर्फ्यू के कारण सब तैयारियां बेकार हो गईं।
अमित जैन का कहना है कि कोरोना संक्रमण में आई तेजी के कारण फिर से कोरोना कर्फ्यू की मार सराफा व्यापारियों पर पड़ी है। अक्षय तृतीया पर शादी के साये से एक सप्ताह पहले लोग खरीदारी शुरू कर देते थे, लेकिन इस बार दुकानें बंद हैं।
संजय वर्मा का कहना है कि शादी के साये में आभूषणों की बिक्री को देखते हुए काफी तैयारी की गई थी, अक्षय तृतीया पर आभूषणों की खरीद विवाह वाले लोग तो करते ही हैं, अन्य लोग भी इस दिन को शुभ मानते हुए आभूषण खरीदते हैं, लेकिन कोरोना कर्फ्यू के कारण इस बार ज्वलैर्स को काफी नुकसान हुआ है।
संजय जैन का कहना है कि अक्षय तृतीया पर आभूषणों की बिक्री में बढ़ोत्तरी होती है, कोरोना कर्फ्यू न लगता तो अच्छी बिक्री हो सकती थी, गत वर्ष भी लॉकडाउन होने के कारण सराफा का कारोबार प्रभावित हुआ था, इस बार भी ऐसा होने से सराफा व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ। शादी की तारीख पीछे हटाने के कारण जिन्होंने आभूषण लेने के लिए कहा था, वे भी पीछे हट गए हैं।
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मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण ने अक्षय तृतीया पर्व की रौनक भी खत्म कर दी है। लगातार दो साल से अक्षय तृतीया पर बाजार बंद रहने से सराफा बाजार को बड़ा झटका लगा है। शहर में सराफा बाजार में करीब 400 दुकानें हैं। अक्षय तृतीया पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना गया है। मगर कोरोना कर्फ्यू के चलते शहर में करीब तीस करोड़ का कारोबार चौपट हो गया। दुकानदारों का कहना है कि संक्रमण ज्यादा है, इसलिए इस बार पहले जान बचाना जरूरी है।
भगत सिंह रोड पर रामबाबू सराफ के मालिक संजय वर्मा कहते हैं कि अक्षय तृतीया पर कई शादियां बुक थीं, मगर कोरोना संक्रमण के कारण लोगों ने शादियां निरस्त कर दीं। सात शादी का बयाना वापस देना पड़ा है। कोरोना काल में दुकान बंद रखना ही बेहतर है।
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रामकुमार ज्वैलर्स के स्वामी संजय कुमार कहते हैं कि दो साल से अक्षय तृतीय पर्व की रौनक कोरोना संक्रमण ने खत्म कर दी। अच्छे कारोबार की उम्मीद इस पर्व पर रहती है, मगर जान बची रहना जरूरी है। इसलिए लॉकडाउन से एक सप्ताह पहले ही उन्होंने स्वेच्छा से अपनी दुकान बंद कर दी थी।
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भगत सिंह रोड पर रतनदीप ज्वैलर्स के मालिक सुरेंद्र अग्रवाल करते हैं कि तीन माह पहले शादियां की बुकिंग कराई थी, मगर सब रद्द हो गई है। शहर के सराफा बाजार में करीब तीस करोड़ का कारोबार इस पर्व पर होता था। इस बार कोरोना संक्रमण से सब डरे हुए हैं। इसलिए घरों में रहना ही बेहतर है।
खतौली निवासी सराफ मोहित जैन का कहना है कि पहले कोरोना की चेन तोड़ना जरूरी है। जब लोग जिंदा रहेंगेे तो सामान की भी बिक्री होगी। इस बार आशा थी कि अक्षय तृतीया पर कारोबार अच्छा होगा, लेकिन कोरोना कर्फ्यू के कारण सब तैयारियां बेकार हो गईं।
अमित जैन का कहना है कि कोरोना संक्रमण में आई तेजी के कारण फिर से कोरोना कर्फ्यू की मार सराफा व्यापारियों पर पड़ी है। अक्षय तृतीया पर शादी के साये से एक सप्ताह पहले लोग खरीदारी शुरू कर देते थे, लेकिन इस बार दुकानें बंद हैं।
संजय वर्मा का कहना है कि शादी के साये में आभूषणों की बिक्री को देखते हुए काफी तैयारी की गई थी, अक्षय तृतीया पर आभूषणों की खरीद विवाह वाले लोग तो करते ही हैं, अन्य लोग भी इस दिन को शुभ मानते हुए आभूषण खरीदते हैं, लेकिन कोरोना कर्फ्यू के कारण इस बार ज्वलैर्स को काफी नुकसान हुआ है।
संजय जैन का कहना है कि अक्षय तृतीया पर आभूषणों की बिक्री में बढ़ोत्तरी होती है, कोरोना कर्फ्यू न लगता तो अच्छी बिक्री हो सकती थी, गत वर्ष भी लॉकडाउन होने के कारण सराफा का कारोबार प्रभावित हुआ था, इस बार भी ऐसा होने से सराफा व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ। शादी की तारीख पीछे हटाने के कारण जिन्होंने आभूषण लेने के लिए कहा था, वे भी पीछे हट गए हैं।