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भरोसे में हुआ बिरालसी के आशुतोष का कत्ल
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चरथावल (मुजफ्फरनगर)। बिरालसी के सराफ के बेटे आशुतोष उर्फ आशू की हत्या का नतीजा भरोसे का कत्ल माना जा रहा है। पुलिस ने हत्यारोपियों की निशानदेही पर शव के अलावा हत्या में प्रयुक्त रस्सी और अन्य सामान बरामद कर लिया। फिरौती के लिए अपहरण, हत्या और शव छिपाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर तीनों को जेल भेज दिया।
गांव के सराफा कारोबारी जगपाल के बेटे आशुतोष वर्मा के कत्ल की गुत्थी खुल गई है। रविवार को थाना प्रभारी ने बताया कि हत्या के आरोप में पकड़े गए आरोपी रमेश, सुमित उर्फ घातक और हिमांशु का आशुतोष के साथ संबंध था। वह गांव और खेतों में साथ-साथ घूमते भी थे। 18 फरवरी को आरोपी सुमित और उसके मौसा रमेश ने मोबाइल फोन से कॉल करके जंगल में बुलवाया। वहां खाने पीने के साथ चारों में कहासुनी हुई और रस्सी से गला दबाकर हत्या को अंजाम दिया। तीनों आरोपियों ने शव को प्लास्टिक के बैग में भरा और गड्ढे में दबा दिया था। परिजनों की गुहार पर शव का पोस्टमार्टम प्रशासन ने शनिवार रात में करा दिया। गमगीन माहौल में रविवार को अंतिम संस्कार हुआ।
एक कॉल से हो गया खुलासा
चरथावल। आरोपियों ने कत्ल 18 फरवरी को कर दिया था। यदि आरोपी परिजनों को गुमराह करने के लिए चिट्ठी नहीं डालते, तो खुलासा करना पुलिस के लिए आसान नहीं था। 25 फरवरी को दो लाख रुपये फिरौती की चिट्ठी आशुतोष के पिता जगपाल को मिली, तो पुलिस हरकत में आ गई। शक की बुनियाद पर आरोपी सुमित की कॉल डिटेल खंगाली गई। वर्ष 2020 में हुई मंदिर से चोरी की घटना में जेल गए सुमित के दिमाग में पुरानी रंजिश घर कर रही थी। इसी वजह से साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची गई और भरोसे में आशू का कत्ल कर दिया गया। 18 फरवरी को उसकी आखिरी बार बात उसके फोन पर हुई थी। इसी कॉल से पुलिस आरोपियों की गर्दन तक पहुंच गई।
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गांव के सराफा कारोबारी जगपाल के बेटे आशुतोष वर्मा के कत्ल की गुत्थी खुल गई है। रविवार को थाना प्रभारी ने बताया कि हत्या के आरोप में पकड़े गए आरोपी रमेश, सुमित उर्फ घातक और हिमांशु का आशुतोष के साथ संबंध था। वह गांव और खेतों में साथ-साथ घूमते भी थे। 18 फरवरी को आरोपी सुमित और उसके मौसा रमेश ने मोबाइल फोन से कॉल करके जंगल में बुलवाया। वहां खाने पीने के साथ चारों में कहासुनी हुई और रस्सी से गला दबाकर हत्या को अंजाम दिया। तीनों आरोपियों ने शव को प्लास्टिक के बैग में भरा और गड्ढे में दबा दिया था। परिजनों की गुहार पर शव का पोस्टमार्टम प्रशासन ने शनिवार रात में करा दिया। गमगीन माहौल में रविवार को अंतिम संस्कार हुआ।
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एक कॉल से हो गया खुलासा
चरथावल। आरोपियों ने कत्ल 18 फरवरी को कर दिया था। यदि आरोपी परिजनों को गुमराह करने के लिए चिट्ठी नहीं डालते, तो खुलासा करना पुलिस के लिए आसान नहीं था। 25 फरवरी को दो लाख रुपये फिरौती की चिट्ठी आशुतोष के पिता जगपाल को मिली, तो पुलिस हरकत में आ गई। शक की बुनियाद पर आरोपी सुमित की कॉल डिटेल खंगाली गई। वर्ष 2020 में हुई मंदिर से चोरी की घटना में जेल गए सुमित के दिमाग में पुरानी रंजिश घर कर रही थी। इसी वजह से साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची गई और भरोसे में आशू का कत्ल कर दिया गया। 18 फरवरी को उसकी आखिरी बार बात उसके फोन पर हुई थी। इसी कॉल से पुलिस आरोपियों की गर्दन तक पहुंच गई।
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