राजा वाल्मीकि हत्याकांड: पूर्व चेयरमैन पारस जैन की जमानत अर्जी खारिज, सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली थी राहत
Muzaffarnagar News : मुजफ्फरनगर में राजा वाल्मीकि की हत्या के मामले में आरोपी नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन पारस जैन का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया।
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मुजफ्फरनगर में खतौली के सात साल पुराने राजा वाल्मीकि हत्याकांड में आरोपी नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन पारस जैन का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया। विशेष न्यायालय एससी/एसटी कोर्ट में सुनवाई हुई। पूर्व चेयरमैन पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है।
खतौली के कारोबारी एवं भाजपा कार्यकर्ता राजा वाल्मीकि की होली चौक स्थित दुकान पर पांच अप्रैल 2017 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद आरोपी बनाया गया पारस जैन सरेंडर कर जेल चला गया था। अंतरिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद नियमित जमानत अर्जी दाखिल की।
अभियोजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार शर्मा ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि पारस जैन का नियमित जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया है।
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क्या था मामला
मृतक राजा वाल्मीकि के भाई राणा प्रताप ने मोहल्ला देवीदास निवासी राजू वाल्मीकि, गोरा उर्फ गौरव, पूर्व चेयरमैन पारस जैन और दो अज्ञात को आरोपी बनाया गया था। पारस जैन को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी थी। पीड़ित पक्ष ने प्रार्थना पत्र देकर एससी/एसटी कोर्ट में पूर्व चेयरमैन को तलब कराया था, लेकिन आरोपी को जमानत मिल गई थी। जमानत के खिलाफ वादी हाईकोर्ट गए। हाईकोर्ट ने पारस जैन की जमानत खारिज कर दी और जैन को लोअर कोर्ट में सरेंडर करने का समय दिया गया था। पारस जैन राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट गया। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखते हुए पारस जैन को जिला कोर्ट में पेश होने का समय दिया गया था। जिसके बाद सरेंडर कर पारस जैन जेल चला गया था।
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