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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - एक्यूआई 297, छाया रहा स्मॉग और बादल
Mon, 20 Nov 2023 12:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 20 Nov 2023 12:47 AM IST
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नगर में सुबह फैली स्माॅग से गुजरते वाहन सवार। संवाद
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। हवा की गुणवत्ता सुधरने का नाम नहीं ले रही है। एक्यूआई का स्तर 297 रहा। लोगों को आंखों में जलन का अहसास हुआ। सुबह के समय आसमान में बादल भी छाए रहे। दिन के तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई है।
रविवार को एक बार फिर हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही। सुबह के समय स्मॉग छाया रहा। जिससे वाहनों की रफ्तार पर भी असर पड़ा। आसमान में बादल भी छाए रहे। इसका असर तापमान पर हुआ। शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन रविवार को तापमान घटकर 27.5 डिग्री रहा। उधर, स्मॉग के चलते आंखों में जलन का अहसास हुआ।
सांस के रोगियों की बढ़ रहीं मुश्किलें
हवा की खराब गुणवत्ता सांस के रोगियों के लिए मुसीबत साबित हो रही है। दमा, अस्थमा और टीबी समेत सांस के अन्य रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ओपीडी में सांस के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टर जहरीली हवा से बचाव की सलाह दे रहे हैं। शहर के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रविंद्र सिंह कहते हैं कि हवा की खराब गुणवत्ता सांस के रोगियों के लिए मुसीबत बन सकती है। ऐसे में यह जरूरी है कि सुबह और शाम की सैर से बचाव किया जाए। स्मॉग के समय सांस के रोगी घर से निकलने से बचें। मॉस्क और चश्में का प्रयोग करना चाहिए।
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मुजफ्फरनगर। हवा की गुणवत्ता सुधरने का नाम नहीं ले रही है। एक्यूआई का स्तर 297 रहा। लोगों को आंखों में जलन का अहसास हुआ। सुबह के समय आसमान में बादल भी छाए रहे। दिन के तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई है।
रविवार को एक बार फिर हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही। सुबह के समय स्मॉग छाया रहा। जिससे वाहनों की रफ्तार पर भी असर पड़ा। आसमान में बादल भी छाए रहे। इसका असर तापमान पर हुआ। शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन रविवार को तापमान घटकर 27.5 डिग्री रहा। उधर, स्मॉग के चलते आंखों में जलन का अहसास हुआ।
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सांस के रोगियों की बढ़ रहीं मुश्किलें
हवा की खराब गुणवत्ता सांस के रोगियों के लिए मुसीबत साबित हो रही है। दमा, अस्थमा और टीबी समेत सांस के अन्य रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ओपीडी में सांस के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टर जहरीली हवा से बचाव की सलाह दे रहे हैं। शहर के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रविंद्र सिंह कहते हैं कि हवा की खराब गुणवत्ता सांस के रोगियों के लिए मुसीबत बन सकती है। ऐसे में यह जरूरी है कि सुबह और शाम की सैर से बचाव किया जाए। स्मॉग के समय सांस के रोगी घर से निकलने से बचें। मॉस्क और चश्में का प्रयोग करना चाहिए।
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