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बुजुर्गो की अपील: जीवन की रक्षा को घर में रहें
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बुजुर्गों की अपील, जीवन की रक्षा को घर में रहें
मुजफ्फरनगर। शहर के बुजुर्गों ने जिले की जनता से अपील की है कि वह अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के साथ राष्ट्रहित में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का पालन करें। सरकार ने सोच समझकर निर्णय लिया है। संकट की इस घड़ी में सरकार के निर्देशों का पालन करना चाहिए। सरकार का निर्णय सबके हित में है।
जिला बार संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता 90 वर्षीय जयप्रकाश आजाद कहते हैं कि पूरी दुनिया इस समय कोरोना के संकट से जूझ रही है। ऐसी स्थिति में हमें इसे लापरवाही में नहीं लेना चाहिए। पुराने जमाने में जब किसी गांव में महामारी आती थी, तो बच्चों को बचाने के लिए दूसरे गांवों में रिश्तेदारी में भेज देते थे। जितनी भी महामारी हैं, सब एक-दूसरे से लगती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्णय जनहित और राष्ट्रहित में है।
वैदिक संस्कार चेतना अभियान के संयोजक 85 वर्षीय आचार्य गुरुदत्त आर्य का कहना है कि हमारी संस्कृति में दूर से नमस्ते की परंपरा है, पूरी दुनिया को अब इसी पर आना पड़ रहा है। दुनिया में महामारी आई है, हमारी सरकार हमें सुरक्षित रखने के लिए जो भी निर्णय ले रही है, हम सबको इनका पालन करना है। शाम को पांच बजे थाली बजाने, शंख बजाने का जो आह्वान है इसका भी पालन करना है।
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जिले के प्रमुख समाजशास्त्री एवं डीएवी कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष 80 वर्षीय डॉ कलम सिंह का कहना है कि कोरोना के सर्किल को तोड़ना ही होगा। यदि लॉक डाउन अधिक दिन के लिए लगे तो भी बुराई नहीं। साइंटिफिक बात होनी चाहिए। कम्यूनिटी पर अटैक से पहले महामारी को रोकने का सरकार का प्रयास सराहनीय है। आशा है कि सभी लोग किसी और के लिए नहीं अपने लिए इसका पालन करेंगे। डब्ल्यूएचओ ने भी लॉक डाउन का समर्थन किया हैं। राष्ट्रीय आह्वान का जनता हमेशा पालन करती आई है। 1962 की लड़ाई में चाहे सरकार को सोना दान करने की बात हो, या लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर एक दिन के उपवास रखने की बात हो। मोदी की अपील को जनता राष्ट्रीय आह्वान मानकर पालन करेगी।
शहर के प्रमुख समाजसेवी सोमनाथ भाटिया कहते हैं कि स्वस्थ जीवन ही सुखी जीवन है। हमें सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए सरकार ने जो निर्णय लिया है, इसका सभी को पालन करना है। बुजुर्गों से अपील है कि जब तक कोरोना महामारी है वह अपने घरों में ही रहें। एक दिन के जनता कर्फ्यू का सभी को पालन करना है। वायरस की गति को तोड़ना है। पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर हैं। हमें अपनी सरकार का साथ देकर दुनिया के सामने मिसाल पेश करनी है और कोरोना जैसी महामारी को हराना है।
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मुजफ्फरनगर। शहर के बुजुर्गों ने जिले की जनता से अपील की है कि वह अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के साथ राष्ट्रहित में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का पालन करें। सरकार ने सोच समझकर निर्णय लिया है। संकट की इस घड़ी में सरकार के निर्देशों का पालन करना चाहिए। सरकार का निर्णय सबके हित में है।
जिला बार संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता 90 वर्षीय जयप्रकाश आजाद कहते हैं कि पूरी दुनिया इस समय कोरोना के संकट से जूझ रही है। ऐसी स्थिति में हमें इसे लापरवाही में नहीं लेना चाहिए। पुराने जमाने में जब किसी गांव में महामारी आती थी, तो बच्चों को बचाने के लिए दूसरे गांवों में रिश्तेदारी में भेज देते थे। जितनी भी महामारी हैं, सब एक-दूसरे से लगती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निर्णय जनहित और राष्ट्रहित में है।
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वैदिक संस्कार चेतना अभियान के संयोजक 85 वर्षीय आचार्य गुरुदत्त आर्य का कहना है कि हमारी संस्कृति में दूर से नमस्ते की परंपरा है, पूरी दुनिया को अब इसी पर आना पड़ रहा है। दुनिया में महामारी आई है, हमारी सरकार हमें सुरक्षित रखने के लिए जो भी निर्णय ले रही है, हम सबको इनका पालन करना है। शाम को पांच बजे थाली बजाने, शंख बजाने का जो आह्वान है इसका भी पालन करना है।
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जिले के प्रमुख समाजशास्त्री एवं डीएवी कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष 80 वर्षीय डॉ कलम सिंह का कहना है कि कोरोना के सर्किल को तोड़ना ही होगा। यदि लॉक डाउन अधिक दिन के लिए लगे तो भी बुराई नहीं। साइंटिफिक बात होनी चाहिए। कम्यूनिटी पर अटैक से पहले महामारी को रोकने का सरकार का प्रयास सराहनीय है। आशा है कि सभी लोग किसी और के लिए नहीं अपने लिए इसका पालन करेंगे। डब्ल्यूएचओ ने भी लॉक डाउन का समर्थन किया हैं। राष्ट्रीय आह्वान का जनता हमेशा पालन करती आई है। 1962 की लड़ाई में चाहे सरकार को सोना दान करने की बात हो, या लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर एक दिन के उपवास रखने की बात हो। मोदी की अपील को जनता राष्ट्रीय आह्वान मानकर पालन करेगी।
शहर के प्रमुख समाजसेवी सोमनाथ भाटिया कहते हैं कि स्वस्थ जीवन ही सुखी जीवन है। हमें सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए सरकार ने जो निर्णय लिया है, इसका सभी को पालन करना है। बुजुर्गों से अपील है कि जब तक कोरोना महामारी है वह अपने घरों में ही रहें। एक दिन के जनता कर्फ्यू का सभी को पालन करना है। वायरस की गति को तोड़ना है। पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर हैं। हमें अपनी सरकार का साथ देकर दुनिया के सामने मिसाल पेश करनी है और कोरोना जैसी महामारी को हराना है।