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अमित हत्याकांड : सोमवार शाम से लगातार दोनों दोस्तों के मोबाइल का स्विच ऑफ
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सोमवार शाम से लगातार दोनों दोस्तों के मोबाइल का स्विच ऑफ
मुजफ्फरनगर। शांतिनगर के अमित हत्याकांड में पुलिस की पूरी जांच का फोकस अनुज चौधरी उर्फ अनु पर है, जिसकी गुमशुदगी ने हत्याकांड की गुत्थी को उलझाकर रख दिया है। गांव सिंभालका से आए अमित के चाचा अश्वनी ने बताया कि अमित व अनुज चौधरी के बीच काफी लंबे समय से दोस्ती है। अमित काफी समय से अनुज के ही पास रह रहा था। दोनों ने एक साथ पॉलीटेक्निक किया था। करीब सात माह पूर्व दोनों ने एक साथ फाइनेंस का भी काम शुरू किया था। दोनों एक साथ अनुज चौधरी के ही मकान में रहते थे, जिनका खाना शांतिनगर की ही एक महिला रोजाना आकर बना जाती थी। दोनों दोस्तों के मोबाइल का स्विच सोमवार को ऑफ हुए थे, जो अब तक नहीं खुले हैं। दोनों के एक साथ मोबाइल बंद होने से परिजनों के साथ ही उनके मित्रों को भी आशंकाएं उत्पन्न हुईं थीं, जिसके बाद से उनके दोस्त लगातार मकान पर आकर दोनों का पता लगाने का प्रयास कर रहे थे। अब अमित की लाश मिलने के बाद अनुज चौधरी को लेकर भी पुलिस आशंकित हो उठी है, कि कहीं उसके साथ भी किसी तरह की अनहोनी न हो गई हो। वहीं, अमित के शव के पास से उसका मोबाइल भी नहीं मिला है।
मकान के बाहर खड़ी कार भी बनी रहस्य
मुजफ्फरनगर। शांतिनगर में अनुज चौधरी के जिस मकान में अमित की लाश मिली है, उसमें एक बुलेट व एक पल्सर समेत तीन बाइकें खड़ी मिली हैं। वहीं, एक आल्टो कार भी मकान के बाहर मिली है, जो अनुज चौधरी की ही बताई जा रही है। फोरेंसिक टीम ने लॉक खड़ी उक्त कार को खोलकर उसकी भी तलाशी ली, लेकिन उसमें सिवाए एक बर्गर के कुछ नहीं मिला। वहीं, मामले का खुलासा करने वाले राहुल का कहना है कि जब वह दोनों की तलाश में सोमवार शाम उक्त मकान पर आया था तो आल्टो कार अंदर खड़ी हुई थी और बाहर से ताला लगा था। इसके बाद जब वह मंगलवार सुुबह आया तो मकान के मेन गेट पर तो ताला जस का तस था, लेकिन आल्टो किसी ने बाहर निकालकर खड़ी कर दी थी। देर रात उक्त कार जिस किसी ने भी मकान के अंदर से निकालकर बाहर खड़ी की, उसे मकान में अमित की लाश होने की बखूबी जानकारी थी, लेकिन उसने इसकी सूचना किसी को नहीं दी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि संभवत: हत्यारे ने ही उक्त कार को बाहर निकाला हो।
घटनास्थल पर ही घूमता रहा डॉग स्क्वॉड
मुजफ्फरनगर। शांतिनगर में अमित हत्याकांड में फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वॉड भी मौके पर पहुंची, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद डॉग स्क्वॉड घटनास्थल के आसपास ही घूमता रहा। पुलिस का कहना है कि हत्या को करीब 20 घंटे से अधिक का समय होने और तेज गर्मी के चलते हत्यारे की गंध घटनास्थल से मिट गई, जिसके चलते डॉग स्क्वॉड कारगर नहीं हो सका।
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मुजफ्फरनगर। शांतिनगर के अमित हत्याकांड में पुलिस की पूरी जांच का फोकस अनुज चौधरी उर्फ अनु पर है, जिसकी गुमशुदगी ने हत्याकांड की गुत्थी को उलझाकर रख दिया है। गांव सिंभालका से आए अमित के चाचा अश्वनी ने बताया कि अमित व अनुज चौधरी के बीच काफी लंबे समय से दोस्ती है। अमित काफी समय से अनुज के ही पास रह रहा था। दोनों ने एक साथ पॉलीटेक्निक किया था। करीब सात माह पूर्व दोनों ने एक साथ फाइनेंस का भी काम शुरू किया था। दोनों एक साथ अनुज चौधरी के ही मकान में रहते थे, जिनका खाना शांतिनगर की ही एक महिला रोजाना आकर बना जाती थी। दोनों दोस्तों के मोबाइल का स्विच सोमवार को ऑफ हुए थे, जो अब तक नहीं खुले हैं। दोनों के एक साथ मोबाइल बंद होने से परिजनों के साथ ही उनके मित्रों को भी आशंकाएं उत्पन्न हुईं थीं, जिसके बाद से उनके दोस्त लगातार मकान पर आकर दोनों का पता लगाने का प्रयास कर रहे थे। अब अमित की लाश मिलने के बाद अनुज चौधरी को लेकर भी पुलिस आशंकित हो उठी है, कि कहीं उसके साथ भी किसी तरह की अनहोनी न हो गई हो। वहीं, अमित के शव के पास से उसका मोबाइल भी नहीं मिला है।
मकान के बाहर खड़ी कार भी बनी रहस्य
मुजफ्फरनगर। शांतिनगर में अनुज चौधरी के जिस मकान में अमित की लाश मिली है, उसमें एक बुलेट व एक पल्सर समेत तीन बाइकें खड़ी मिली हैं। वहीं, एक आल्टो कार भी मकान के बाहर मिली है, जो अनुज चौधरी की ही बताई जा रही है। फोरेंसिक टीम ने लॉक खड़ी उक्त कार को खोलकर उसकी भी तलाशी ली, लेकिन उसमें सिवाए एक बर्गर के कुछ नहीं मिला। वहीं, मामले का खुलासा करने वाले राहुल का कहना है कि जब वह दोनों की तलाश में सोमवार शाम उक्त मकान पर आया था तो आल्टो कार अंदर खड़ी हुई थी और बाहर से ताला लगा था। इसके बाद जब वह मंगलवार सुुबह आया तो मकान के मेन गेट पर तो ताला जस का तस था, लेकिन आल्टो किसी ने बाहर निकालकर खड़ी कर दी थी। देर रात उक्त कार जिस किसी ने भी मकान के अंदर से निकालकर बाहर खड़ी की, उसे मकान में अमित की लाश होने की बखूबी जानकारी थी, लेकिन उसने इसकी सूचना किसी को नहीं दी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि संभवत: हत्यारे ने ही उक्त कार को बाहर निकाला हो।
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घटनास्थल पर ही घूमता रहा डॉग स्क्वॉड
मुजफ्फरनगर। शांतिनगर में अमित हत्याकांड में फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वॉड भी मौके पर पहुंची, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद डॉग स्क्वॉड घटनास्थल के आसपास ही घूमता रहा। पुलिस का कहना है कि हत्या को करीब 20 घंटे से अधिक का समय होने और तेज गर्मी के चलते हत्यारे की गंध घटनास्थल से मिट गई, जिसके चलते डॉग स्क्वॉड कारगर नहीं हो सका।
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