{"_id":"62e81c72a47ab844585a7116","slug":"amar-ujala-campaign-sewer-closed-in-old-city-no-evacuation-in-new-muzaffarnagar-news-mrt5994320113","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला अभियान : पुराने शहर में सीवर बंद, नए में भी निकासी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर उजाला अभियान : पुराने शहर में सीवर बंद, नए में भी निकासी नहीं
विज्ञापन
नगर के कंपनी बाग में निर्माणाधीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
अमर उजाला अभियान : पुराने शहर में सीवर बंद, नए में भी निकासी नहीं
मुजफ्फरनगर। बरसात ने नालों और सीवर लाइन की पोल खोल दी है। लोग बेहाल हैं। घरों, गलियों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन जाती है। नाले छोटे होने के कारण ओवरफ्लो हो जाते हैं। आम जनता को सीवर लाइन और शहर के नाले राहत नहीं दे पा रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर सीवर लाइन बिछाने का फिलहाल कोई लाभ होता नहीं दिख रहा है।
शहर की सबसे पुरानी सीवर लाइन लोहिया बाजार से होकर गुजरती है। लगभग चार दशक पहले बिछाई गई सीवर लाइन जगह-जगह बंद हो चुकी है। जलनिकासी नहीं होने से लोग परेशान हैं। सभासद अमित उर्फ बॉबी का कहना है कि इस समय हमारे यहां सीवर लाइन के ढक्कन नीचे चले गए और सड़क ऊपर आ गई। लोहिया बाजार का जो ऊंचाई का हिस्सा है, वहां से तो पानी नहीं निकल सकता है, जबकि औषधालय के पास लाइन बंद है। इससे पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। नियमित सफाई नहीं हो पाती है।
शहर के मोती महल, बंजारान, पंचमुखी क्षेत्र के सभासद मनोज वर्मा का कहना है कि पुरानी सीवर लाइन हमारे यहां बंद हो चुकी थी। कुछ वर्ष पहले नई सीवर लाइन डाली गई, उसका पाइप इतना छोटा है कि पानी जा ही नहीं पाता। सीवर का आम जनता को लाभ नहीं मिल पा रहा है। बारिश में व्यवस्था पूरी तरह फेल हो जाती है। बार-बार लोग शिकायतें करते हैं, जिनसे पालिका और प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया जाता है। नई मंडी क्षेत्र के सभासद विपुल भटनागर का कहना है कि दो साल पहले सीवर के लिए नई मंडी का सर्वे हुआ था। सीवर का शहर में हाल देखने के बाद हमने यह निर्णय लिया है कि मंडी में लाइन नहीं डलवानी है। सीवर लाइन के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
नियमित सफाई से होगा समाधान
एक्सईएन जल निगम अबूजेब का कहना है कि शहर में जो लाइन पड़ी है, बिल्कुल ठीक है। सीवर लाइन की सफाई और देखभाल जरूरी होती है। नियमित सफाई होती रहे तो कोई समस्या नहीं है। नियमित सफाई से ही इस समस्या का समाधान किया जा सकता है।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। बरसात ने नालों और सीवर लाइन की पोल खोल दी है। लोग बेहाल हैं। घरों, गलियों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन जाती है। नाले छोटे होने के कारण ओवरफ्लो हो जाते हैं। आम जनता को सीवर लाइन और शहर के नाले राहत नहीं दे पा रहे हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर सीवर लाइन बिछाने का फिलहाल कोई लाभ होता नहीं दिख रहा है।
शहर की सबसे पुरानी सीवर लाइन लोहिया बाजार से होकर गुजरती है। लगभग चार दशक पहले बिछाई गई सीवर लाइन जगह-जगह बंद हो चुकी है। जलनिकासी नहीं होने से लोग परेशान हैं। सभासद अमित उर्फ बॉबी का कहना है कि इस समय हमारे यहां सीवर लाइन के ढक्कन नीचे चले गए और सड़क ऊपर आ गई। लोहिया बाजार का जो ऊंचाई का हिस्सा है, वहां से तो पानी नहीं निकल सकता है, जबकि औषधालय के पास लाइन बंद है। इससे पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। नियमित सफाई नहीं हो पाती है।
विज्ञापन
शहर के मोती महल, बंजारान, पंचमुखी क्षेत्र के सभासद मनोज वर्मा का कहना है कि पुरानी सीवर लाइन हमारे यहां बंद हो चुकी थी। कुछ वर्ष पहले नई सीवर लाइन डाली गई, उसका पाइप इतना छोटा है कि पानी जा ही नहीं पाता। सीवर का आम जनता को लाभ नहीं मिल पा रहा है। बारिश में व्यवस्था पूरी तरह फेल हो जाती है। बार-बार लोग शिकायतें करते हैं, जिनसे पालिका और प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया जाता है। नई मंडी क्षेत्र के सभासद विपुल भटनागर का कहना है कि दो साल पहले सीवर के लिए नई मंडी का सर्वे हुआ था। सीवर का शहर में हाल देखने के बाद हमने यह निर्णय लिया है कि मंडी में लाइन नहीं डलवानी है। सीवर लाइन के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
नियमित सफाई से होगा समाधान
एक्सईएन जल निगम अबूजेब का कहना है कि शहर में जो लाइन पड़ी है, बिल्कुल ठीक है। सीवर लाइन की सफाई और देखभाल जरूरी होती है। नियमित सफाई होती रहे तो कोई समस्या नहीं है। नियमित सफाई से ही इस समस्या का समाधान किया जा सकता है।