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अब लावारिस लाशों की नहीं होगी दुर्दशा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 14 Aug 2016 12:30 AM IST
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positive news
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। जिले के पोस्टमार्टम हाउस पर लावारिस लाखों की दुर्दशा नहीं होगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से भोपा रोड पर स्थित जटमुझेड़ा गांव में आधुनिक चीरघर (पोस्टमार्टम हाउस) का निर्माण कराया गया है। यह चीर घर आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें लावारिस शवों को सुरक्षित रखने के लिए डीप फ्रिज की सुविधा भी होगी। अगस्त माह के अंत तक इस पोस्टमार्टम हाउस का शुभारंभ कर दिया जाएगा।
जिले में अभी तक रामपुर तिराहे के पास पोस्टमार्टम हाउस संचालित है। मात्र एक कमरे का यह पीएम हाउस नाममात्र का ही है। यहां पर पोस्टमार्टम करने की कोई भी आधुनिक सुविधा नहीं है। अभी तक यहां पर बिजली की सुविधा नहीं थी। रात्रि में यदि किसी शव का पोस्टमार्टम करना पड़ता था तो पेट्रोमैक्स की व्यवस्था लोगों को स्वयं करनी पड़ती थी।
डेढ़ साल पहले यहां लाइट की व्यवस्था हो सकी। यहां पर लावारिस लाश को रखने की कोई सुविधा भी नहीं है। जिस कारण लाश यहां पड़ी सड़ती रहती हैं और उनकी दुर्दशा होती रहती है, क्योंकि नियम है कि लावारिस लाश को पहचान के लिए 72 घंटे तक रखना जरुरी है। मगर अब लावारिस शवों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। शासन ने मुजफ्फरनगर समेत प्रदेश के 61 जिलों में आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस बनाने की योजना को मंजूरी दी थी।
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इस योजना के तहत जिले में भोपा रोड पर स्थित जटमुझेड़ा गांव में आधुनिक चीरघर का निर्माण किया गया है। यहां पर शवों को सुरक्षित रखने के लिए डीप
फ्रिज की भी व्यवस्था रहेगी। पीएम हाउस एयरकंडीशनर बनेगा।
शामली के पोस्टमार्टम अब यहां नहीं होंगे ः शामली जिला बनने के बाद भी वहां के शवों के पोस्टमार्टम यहीं पर होते हैं, मगर अब शामली के पोस्टमार्टम यहां नहीं होंगे, क्योंकि शासन के आदेश पर शामली में नया पोस्टमार्टम हाउस का निर्माण हो रहा है।
इसी महीने शुरू होगा
मुजफ्फरनगर। सीएमओ डॉ सुबोध कुमार ने बताया कि नए पोस्टमार्टम हाउस के लिए फार्मासिस्ट, एक्स रे टेक्नीशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर, वार्ड ब्वाय, सफाई कर्मचारी, चौकीदार, वीडियोग्राफर आदि की नियुक्ति हो गई है। यहां पर दो स्थाई डॉक्टरों की नियुक्ति अभी होनी है, तब तक जिला चिकित्सालय के डॉक्टर ही पोस्टमार्टम करेंगे। इसी माह के अंतिाम सप्ताह में पोस्टमार्टम हाउस को शुरू कराया जाएगा। पीएम हाउस में डीप फ्रिज, एक्सरे मशीन समेत अन्य आधुनिक मशीनें भी जल्द उपलब्ध हो जाएंगी।
68 लाख की लागत से बना पोस्टमार्टम हाउस
मुजफ्फरनगर। शासन से मंजूरी मिलने के बाद जुटमुझेड़ा के ग्राम प्रधान की ओर से ग्राम समाज की करीब ढाई बीघा जमीन स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित की गई। इसके बाद यहां पर 68 लाख रुपये लागत से आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस का निर्माण कराया गया।
प्रदेश के 61 जिलों में बनेंगे आधुनिक चीरघर
मुजफ्फरनगर। प्रदेश के विशेष सचिव अवधेश कुमार पाण्डेय ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उप्र को पत्र भेजकर प्रदेश के 61 जिलों में नए आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस के निर्माण की मंजूरी दी है।
इन जिलों में मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बिजनौर, बागपत, हापुड, बलरामपुर, महोबा, अलीगढ़, फिरोजाबाद, मथुरा, औरेया, प्रतापगढ़, कन्नौज, फरुखाबाद, कानपुर देहात, अंबेडकरनगर, फैजाबाद, खीरी, रामपुर, बुलंदशहर, हमीरपुर, इटावा, श्रावास्ती, बलिया, भदोही, ललितपुर, संतकरीबनगर, कासगंज, कौशम्बी, सोनभद्र, कुशीनगर, पीलीभीत, चित्रकूट, सुल्तानपुर, महाराजगंज, गोंडा, बाराबंकी, बदायूं, आजमगढ़, अमरोहा, मुरादाबाद, मैनपुरी, चंदौली, बस्ती, रायबरेली, उन्नाव, अमेठी, बहराइच, देवरिया, मऊ, सिद्धातनगर, हरदोई, झांसी, सीतापुर, गाजीपुर, एटा, गाजियाबाद, वाराणसी, बरेली और कानपुर नगर जिले शामिल है।
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जिले में अभी तक रामपुर तिराहे के पास पोस्टमार्टम हाउस संचालित है। मात्र एक कमरे का यह पीएम हाउस नाममात्र का ही है। यहां पर पोस्टमार्टम करने की कोई भी आधुनिक सुविधा नहीं है। अभी तक यहां पर बिजली की सुविधा नहीं थी। रात्रि में यदि किसी शव का पोस्टमार्टम करना पड़ता था तो पेट्रोमैक्स की व्यवस्था लोगों को स्वयं करनी पड़ती थी।
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डेढ़ साल पहले यहां लाइट की व्यवस्था हो सकी। यहां पर लावारिस लाश को रखने की कोई सुविधा भी नहीं है। जिस कारण लाश यहां पड़ी सड़ती रहती हैं और उनकी दुर्दशा होती रहती है, क्योंकि नियम है कि लावारिस लाश को पहचान के लिए 72 घंटे तक रखना जरुरी है। मगर अब लावारिस शवों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। शासन ने मुजफ्फरनगर समेत प्रदेश के 61 जिलों में आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस बनाने की योजना को मंजूरी दी थी।
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इस योजना के तहत जिले में भोपा रोड पर स्थित जटमुझेड़ा गांव में आधुनिक चीरघर का निर्माण किया गया है। यहां पर शवों को सुरक्षित रखने के लिए डीप
फ्रिज की भी व्यवस्था रहेगी। पीएम हाउस एयरकंडीशनर बनेगा।
शामली के पोस्टमार्टम अब यहां नहीं होंगे ः शामली जिला बनने के बाद भी वहां के शवों के पोस्टमार्टम यहीं पर होते हैं, मगर अब शामली के पोस्टमार्टम यहां नहीं होंगे, क्योंकि शासन के आदेश पर शामली में नया पोस्टमार्टम हाउस का निर्माण हो रहा है।
इसी महीने शुरू होगा
मुजफ्फरनगर। सीएमओ डॉ सुबोध कुमार ने बताया कि नए पोस्टमार्टम हाउस के लिए फार्मासिस्ट, एक्स रे टेक्नीशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर, वार्ड ब्वाय, सफाई कर्मचारी, चौकीदार, वीडियोग्राफर आदि की नियुक्ति हो गई है। यहां पर दो स्थाई डॉक्टरों की नियुक्ति अभी होनी है, तब तक जिला चिकित्सालय के डॉक्टर ही पोस्टमार्टम करेंगे। इसी माह के अंतिाम सप्ताह में पोस्टमार्टम हाउस को शुरू कराया जाएगा। पीएम हाउस में डीप फ्रिज, एक्सरे मशीन समेत अन्य आधुनिक मशीनें भी जल्द उपलब्ध हो जाएंगी।
68 लाख की लागत से बना पोस्टमार्टम हाउस
मुजफ्फरनगर। शासन से मंजूरी मिलने के बाद जुटमुझेड़ा के ग्राम प्रधान की ओर से ग्राम समाज की करीब ढाई बीघा जमीन स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित की गई। इसके बाद यहां पर 68 लाख रुपये लागत से आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस का निर्माण कराया गया।
प्रदेश के 61 जिलों में बनेंगे आधुनिक चीरघर
मुजफ्फरनगर। प्रदेश के विशेष सचिव अवधेश कुमार पाण्डेय ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उप्र को पत्र भेजकर प्रदेश के 61 जिलों में नए आधुनिक पोस्टमार्टम हाउस के निर्माण की मंजूरी दी है।
इन जिलों में मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बिजनौर, बागपत, हापुड, बलरामपुर, महोबा, अलीगढ़, फिरोजाबाद, मथुरा, औरेया, प्रतापगढ़, कन्नौज, फरुखाबाद, कानपुर देहात, अंबेडकरनगर, फैजाबाद, खीरी, रामपुर, बुलंदशहर, हमीरपुर, इटावा, श्रावास्ती, बलिया, भदोही, ललितपुर, संतकरीबनगर, कासगंज, कौशम्बी, सोनभद्र, कुशीनगर, पीलीभीत, चित्रकूट, सुल्तानपुर, महाराजगंज, गोंडा, बाराबंकी, बदायूं, आजमगढ़, अमरोहा, मुरादाबाद, मैनपुरी, चंदौली, बस्ती, रायबरेली, उन्नाव, अमेठी, बहराइच, देवरिया, मऊ, सिद्धातनगर, हरदोई, झांसी, सीतापुर, गाजीपुर, एटा, गाजियाबाद, वाराणसी, बरेली और कानपुर नगर जिले शामिल है।