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वारदात के बाद मुकीम को चरथावल में मिलती थी पनाह
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चरथावल (मुजफ्फरनगर)। मुकीम काला वेस्ट यूपी में वारदातों को अंजाम देने के बाद चरथावल इलाके में पनाह लेता था। कुल्हेड़ी निवासी कुख्यात हफीज के इशारे पर उसने चरथावल के ज्वैलरी शोरूम को लूटने के लिए ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं, लेकिन कारोबारियों के विरोध के चलते शोरूम लुटने से बच गया था। उस दौरान पुलिस पड़ताल में क्षेत्र में मुकीम के नेटवर्क का खुलासा हुआ था।
23 नवंबर वर्ष 2014 में सांझ ढलने पर मुख्य बाजार में सतीश वर्मा के ज्वैलरी शोरूम को लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने फायरिंग की थी। जिसमें सतीश और मनोज गोली लगने से घायल हो गए थे। थाने में तैनात तत्कालीन एसओ मुनेंद्र पाल सिंह ने मामले की खुलासा करते हुए तीन फरवरी 2015 को हफीज को गिरफ्तार कर मुकीम काला सहित उसके पांच साथियों को वांटेड घोषित किया था। उस घटना के बाद हफीज का मुकीम काला कनेक्शन का पहली बार पर्दाफाश हुआ था।
उसके बाद मुकीम काला का चरथावल थाना क्षेत्र में नेटवर्क खड़ा हो गया था। मुकीम ने वारदात चाहे सहारनपुर में की हो या शामली में, बड़े अपराध को अंजाम देने के बाद यह इलाका उसकी शरणस्थली बना रहा। वर्ष 2014 में सहारनपुर में दो बड़ी वारदातों के बाद मुकीम काला ने कुल्हेड़ी इलाके के जंगल में शरण ले रखी थी। तनिष्क शोरूम में दो करोड़ के लूटे हीरे-जेवरात के खाली डिब्बे कुल्हेड़ी और लड़वा के जंगल में मिले थे।
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मुकीम ने अपने साथियों के साथ चरथावल के व्यापारियों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया था। इसी कड़ी में थाना क्षेत्र के सर्राफा कारोबारी के ज्वैलरी शोरूम को लूटने के योजना में मुख्य हफीज साजिशकर्ता रहा था। हफीज को सहारनपुर पुलिस ने 10 अगस्त 2019 में मुठभेड़ में मार गिराया था।
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23 नवंबर वर्ष 2014 में सांझ ढलने पर मुख्य बाजार में सतीश वर्मा के ज्वैलरी शोरूम को लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने फायरिंग की थी। जिसमें सतीश और मनोज गोली लगने से घायल हो गए थे। थाने में तैनात तत्कालीन एसओ मुनेंद्र पाल सिंह ने मामले की खुलासा करते हुए तीन फरवरी 2015 को हफीज को गिरफ्तार कर मुकीम काला सहित उसके पांच साथियों को वांटेड घोषित किया था। उस घटना के बाद हफीज का मुकीम काला कनेक्शन का पहली बार पर्दाफाश हुआ था।
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उसके बाद मुकीम काला का चरथावल थाना क्षेत्र में नेटवर्क खड़ा हो गया था। मुकीम ने वारदात चाहे सहारनपुर में की हो या शामली में, बड़े अपराध को अंजाम देने के बाद यह इलाका उसकी शरणस्थली बना रहा। वर्ष 2014 में सहारनपुर में दो बड़ी वारदातों के बाद मुकीम काला ने कुल्हेड़ी इलाके के जंगल में शरण ले रखी थी। तनिष्क शोरूम में दो करोड़ के लूटे हीरे-जेवरात के खाली डिब्बे कुल्हेड़ी और लड़वा के जंगल में मिले थे।
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मुकीम ने अपने साथियों के साथ चरथावल के व्यापारियों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया था। इसी कड़ी में थाना क्षेत्र के सर्राफा कारोबारी के ज्वैलरी शोरूम को लूटने के योजना में मुख्य हफीज साजिशकर्ता रहा था। हफीज को सहारनपुर पुलिस ने 10 अगस्त 2019 में मुठभेड़ में मार गिराया था।