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सफाई कराते ही अट गया पचेंडा रोड का नाला
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गंदगी से अटा पड़ा पचेंडा रोड का नाला।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
सफाई कराते ही अट गया पचेंडा रोड का नाला
मुजफ्फरनगर। शहर में नालों की सफाई का अभियान परवान नहीं चढ़ पा रहा है। नगर पालिका जहां सफाई करा रही है वहां भी हालात बदतर हो रहे हैं। पचेंडा नाले की सफाई होते ही यह फिर से अट गया। स्थानीय लोग घरों एवं दुकानों का कूड़ा नाले में फेंक रहे हैं। इसके चलते कई कॉलोनियों के गंदे पानी की निकासी करने वाला यह नाला ठप हो गया है। बारिश होते ही गांधी कॉलोनी सहित कई मोहल्ले जलमग्न हो जाएंगे।
पचेंडा रोड के किनारे के बड़े नाले में आसपास की कई कॉलोनियों का गंदा पानी जाता है। यह नाला आगे जाकर सिंचाई विभाग के नाले में मिल जाता है। गांधी कॉलोनी व पचेंडा रोड की अन्य कॉलोनियों के लिए यह नाला काफी महत्वपूर्ण है। स्थानीय दुकानदार मोहित कुमार बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान नगर पालिका ने नाले की सफाई कराई। जेसीबी से काफी मात्रा में सिल्ट निकाला गया था, लेकिन यह फिर अट गया है। प्रवेंद्र का कहना है कि कॉलोनियों के लोग कूड़ा इकट्ठा कर लाते हैं और नाले में फेंक देते हैं। इसलिए यह कुछ दिनों में ही अट जाता है। इस खामियाजा बरसात में भुगतना पड़ता है। निकासी नहीं होने से मुख्य सड़क तक पर पानी भर जाता है। इस बार फिर बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या से दो-चार होना होगा।
बोले नागरिक...
एक महीने पहले नाले की सफाई कराई गई थी। लोग इसमें कूड़ा डाल रहे हैं। कोई यह नहीं देखता कि बारिश के दिनों में दिक्कत तो उन्हें ही होनी है। हर साल बरसात के सीजन में जलभराव होता है। इस बार भी ऐसा ही होगा।
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- मोहनलाल, दुकानदार, पचेंडा रोड।
कई कॉलोनियों का पानी पचेंडा रोड के नाले में आता है। कूड़े के कारण यह अट जाता है तो पीछे की कॉलोनियों का पानी नाले में नहीं आ पाता। इससे गांधी कॉलोनी और अन्य कई मोहल्लों में जलभराव हो जाता है। यह समस्या हर साल होती है। नाले को पक्का एवं जाल ढका हुआ बनाया जाना चाहिए।
- राजकुमार, पचेंडा रोड।
इन्होंने कहा...
पचेंडा रोड के नाले की सफाई जेसीबी से कराई जा चुकी है। यदि जरूरत होगी तो एक बार फिर से सफाई करा दी जाएगी।
- विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ।
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मुजफ्फरनगर। शहर में नालों की सफाई का अभियान परवान नहीं चढ़ पा रहा है। नगर पालिका जहां सफाई करा रही है वहां भी हालात बदतर हो रहे हैं। पचेंडा नाले की सफाई होते ही यह फिर से अट गया। स्थानीय लोग घरों एवं दुकानों का कूड़ा नाले में फेंक रहे हैं। इसके चलते कई कॉलोनियों के गंदे पानी की निकासी करने वाला यह नाला ठप हो गया है। बारिश होते ही गांधी कॉलोनी सहित कई मोहल्ले जलमग्न हो जाएंगे।
पचेंडा रोड के किनारे के बड़े नाले में आसपास की कई कॉलोनियों का गंदा पानी जाता है। यह नाला आगे जाकर सिंचाई विभाग के नाले में मिल जाता है। गांधी कॉलोनी व पचेंडा रोड की अन्य कॉलोनियों के लिए यह नाला काफी महत्वपूर्ण है। स्थानीय दुकानदार मोहित कुमार बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान नगर पालिका ने नाले की सफाई कराई। जेसीबी से काफी मात्रा में सिल्ट निकाला गया था, लेकिन यह फिर अट गया है। प्रवेंद्र का कहना है कि कॉलोनियों के लोग कूड़ा इकट्ठा कर लाते हैं और नाले में फेंक देते हैं। इसलिए यह कुछ दिनों में ही अट जाता है। इस खामियाजा बरसात में भुगतना पड़ता है। निकासी नहीं होने से मुख्य सड़क तक पर पानी भर जाता है। इस बार फिर बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या से दो-चार होना होगा।
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बोले नागरिक...
एक महीने पहले नाले की सफाई कराई गई थी। लोग इसमें कूड़ा डाल रहे हैं। कोई यह नहीं देखता कि बारिश के दिनों में दिक्कत तो उन्हें ही होनी है। हर साल बरसात के सीजन में जलभराव होता है। इस बार भी ऐसा ही होगा।
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- मोहनलाल, दुकानदार, पचेंडा रोड।
कई कॉलोनियों का पानी पचेंडा रोड के नाले में आता है। कूड़े के कारण यह अट जाता है तो पीछे की कॉलोनियों का पानी नाले में नहीं आ पाता। इससे गांधी कॉलोनी और अन्य कई मोहल्लों में जलभराव हो जाता है। यह समस्या हर साल होती है। नाले को पक्का एवं जाल ढका हुआ बनाया जाना चाहिए।
- राजकुमार, पचेंडा रोड।
इन्होंने कहा...
पचेंडा रोड के नाले की सफाई जेसीबी से कराई जा चुकी है। यदि जरूरत होगी तो एक बार फिर से सफाई करा दी जाएगी।
- विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ।