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प्रशासन ने खड़ी फसल पर जेसीबी चलवाई, हंगामा

Fri, 18 Sep 2020 11:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2020 11:51 PM IST
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Administration again put JCB on crop, uproar
मुजफ्फरनगर : आखलौर में भूमि अधिग्रहण का विरोध करते भाकियू कार्यकर्ता और किसान। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर/रोहाना। आखलौर के जंगल में प्रशासन ने रेलवे के डेडीकेडेट फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के लिए अधिग्रहीत भूमि पर कब्जा लेने के लिए ज्वार और गन्ने की खड़ी फसल पर जेसीबी चलवा दी, जिसका विरोध करते हुए किसानों ने धरना, प्रदर्शन करते हुए आक्रोश जताया। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मौके पर जाकर काम रुकवा दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को गन्ने की फसल काटने के लिए पंद्रह दिनों को समय मिलना चाहिए। चार घंटे की लंबी वार्ता के बाद प्रशासनिक अधिकारी लौट आए।
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डेडीकेडेट फ्रेट कॉरिडोर में कछौली, जट नंगला, बधाई खुर्द, आखलौर के किसानों की भूमि अधिग्रहीत की गई थी, जिन्हें सर्किल रेट से चार गुना अधिक रेट पर भुगतान किया गया था। वर्तमान में इस भूमि पर किसानों की ज्वार और गन्ने की फसल खड़ी है। शुक्रवार को एडीएम वित्त आलोक कुमार, एसडीएम दीपक कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह, सीओ सिटी राजेश द्विवेदी भारी पुलिस बल और पीएसी लेकर आखलौर के जंगल में पहुंचे। वहां अधिग्रहीत जमीन पर कब्जा लेने के लिए खड़ी फसल पर जेसीवी चलवा दी। जिसकी जानकारी पाकर काफी किसान मौके पर पहुंचे और बिना मुआवजा दिए ही फसल उजाड़ने का आरोप लगा कर हंगामा करते हुए धरना शुरू कर दिया।
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जानकारी मिलने पर काफी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता भी पहुंच गए और भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने जमीन पर कब्जे का काम रुकवाते हुए कहा कि किसानों को गन्ने की फसल काटने के कम से कम पंद्रह दिन समय मिलना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो प्रशासन को फसल का भी मुआवजा देना चाहिए। नलकूप, पेड़ और फसल का उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। तीन बजे तक चले हंगामे के बाद प्रशासनिक अधिकारी किसानों को कुछ समय देने की बात कह कर लौट गए। हालांकि इस दौरान आखलौर के किसान राजीव त्यागी पूर्व प्रधान, रोहित एडवोकेट, नितिन त्यागी, बबलू, अरविंद, ईश्वर ने प्रशासन को अधिग्रहीत जमीन पर कब्जा देने की सहमति दे दी है।
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हंगामा प्रदर्शन करने वालों में भाकियू के सदर तहसील अध्यक्ष विकास शर्मा, शाहबाज त्यागी, सतीश भारद्वाज, अभिषेक बंसल, दीपक त्यागी, सोनू त्यागी, संजीव भारद्वाज ,सुशील राणा, सुधीर राणा, ऋषि पाल, मनोज कुमार, दुष्यंत शेरावत, प्रभात, योगेश शर्मा, मोनू ठाकुर, कुलदीप कुमार, पीयूष, कमल शर्मा, कुशलवीर, बबलू प्रधान, मनोज आदि शामिल रहे।
इन्होंने कहा
किसानों को फसल काटने का मौका मिलना चाहिए। गन्ने की फसल को ऐसे बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। फसल कटने पर ही प्रशासन को जमीन पर कब्जा करने दिया जाएगा - राकेश टिकैत, भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता

किसानों को भूमि का मुआवजा दे दिया गया है। जो किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं, उनका सर्वे कराया जा रहा है। अधिग्रहीत भूमि पर कब्जा करने की कार्रवाई जारी रहेगी - आलोक कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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