फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Muzaffarnagar News: Abbasi furqan returned home after 13 years

खुशी के आंसू: ईद जैसी खुशियों के बीच 13 साल बाद घर लौटा फुरकान, बेटे को देखने लिए उमड़ा हुजूम

Tue, 30 Nov 2021 11:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Tue, 30 Nov 2021 11:32 AM IST
सार

करीब 13 साल पहले परिवार से बिछड़ा युवक घर पहुंचा तो मां की आंखों में आंसू छलक पड़े। युवक को देखने के लिए गांव के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

विज्ञापन
Muzaffarnagar News: Abbasi furqan returned home after 13 years
मुजफ्फरनगर: फुगाना थाना में मौजूद फुरकान। - फोटो : amar ujala

विस्तार

शफियाबाद लोटी की बुजुर्ग महिला अब्बासी के घर में ईद जैसी खुशियां हैं। वजह है, कलियर मेले में बिछड़ा परिवार का बेटा फुरकान 13 साल बाद बुढ़ाना क्षेत्र के खरड़ गांव में मिल गया। फुगाने थाने में पुलिस ने बिछड़े बेटे को मां से मिलाया तो आंखें छलक उठीं। वह घर लौटा तो गांव के लोग भी उसे देखने पहुंचे।

विज्ञापन


मेरठ के मुंडाली थाना क्षेत्र के शफियाबाद लोटी से 13 साल पहले अब्बासी का मंझला बेटा फुरकान (22) परिवार के साथ कलियर गया था। भीड़ में वह गुम हो गया और परिवार तलाश कर वापस लौट आया। साल बीतते गए, लेकिन अब्बासी के दिल में लाडले के लिए कसक बाकी रही। सोमवार को कहानी में नया मोड़ आ गया।
विज्ञापन


खरड़ गांव के पूर्व प्रधान बिजेंद्र सिंह मलिक ने फुगाना थाने पहुंचकर एसओ नीरज सिंह को जानकारी दी कि उनके घर पर मानसिक रूप से बीमार फुरकान नाम का युवक है, उसने अपने गांव का नाम लोटी बताया है। पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। मुंडाली थाना क्षेत्र के शफियाबाद लोटी के पूर्व प्रधान इकराम त्यागी से संपर्क किया गया, तो फुरकान के परिवार तक पुलिस पहुंच गई। परिजन ग्रामीणों के साथ फुगाना थाने पहुंचे तो पता चला कि 13 साल पहले कलियर में परिवार से बिछड़ गया फुरकान है। मां अब्बासी को देखते ही वह लिपट गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


छह साल पहले पहुंचा था खरड़
पूर्व प्रधान बिजेंद्र मलिक ने बताया कि छह साल पहले रात के समय उनके घर के बाहर फुरकान खड़ा था। उसे गंभीर चोटें लगी थी। वह भूखा था और मदद मांग रहा था। डॉक्टर को बुलाकर उपचार कराया और खाना खिलाया। मानसिक तौर पर बीमार होने के कारण वह पता नहीं बता सका था।

यह भी पढ़ें: कलेजा चीर रहीं ये तस्वीरें: आंखों के सामने जिंदा जल गईं मासूम बेटियां, खौफनाक मंजर देख बेहोश हुईं दोनों मां, सदमे में परिवार

इलाज मिला तो बता दिया गांव का नाम

पूर्व प्रधान बिजेंद्र मलिक की ओर से किए गए प्रयास के कारण ही फुरकान अपने परिवार से मिल पाया। मलिक ने पहले शामली के डॉ. खुर्शीद अनवर से फुरकान का उपचार शुरू कराया। लेकिन हालत में सुधार धीरे-धीरे हुआ। करीब एक सप्ताह पहले से ही वह बार-बार लोटी गांव का नाम ले रहा था। साथ में यह भी कहा कि उनके घर में चक्की है। उम्मीद जगी तो पूर्व प्रधान रविवार को थाने पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी।

यह भी पढ़ें: यूपी में कितने बेखौफ हैं बदमाश, सच्चाई के लिए काफी है बैंक में लूट की ये वारदात, देखें तस्वीरें

इसलिए फुरकान पहुंच गया अपने घर
फुगाना थाना प्रभारी नीरज सिंह मेरठ के मुंडाली थाने में तैनात रहे हैं। फुगाना के पूर्व प्रधान बिजेंद्र मलिक ने जैसी ही लोटी गांव का नाम लिया तो उन्होंने तुरंत ही शफियाबाद लोटी के अपने परिचितों से संपर्क किया। वहां के पूर्व प्रधान इकराम त्यागी ने परिवार की मदद की और यह मिलन हो गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed