खुशी के आंसू: ईद जैसी खुशियों के बीच 13 साल बाद घर लौटा फुरकान, बेटे को देखने लिए उमड़ा हुजूम
करीब 13 साल पहले परिवार से बिछड़ा युवक घर पहुंचा तो मां की आंखों में आंसू छलक पड़े। युवक को देखने के लिए गांव के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।
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शफियाबाद लोटी की बुजुर्ग महिला अब्बासी के घर में ईद जैसी खुशियां हैं। वजह है, कलियर मेले में बिछड़ा परिवार का बेटा फुरकान 13 साल बाद बुढ़ाना क्षेत्र के खरड़ गांव में मिल गया। फुगाने थाने में पुलिस ने बिछड़े बेटे को मां से मिलाया तो आंखें छलक उठीं। वह घर लौटा तो गांव के लोग भी उसे देखने पहुंचे।
मेरठ के मुंडाली थाना क्षेत्र के शफियाबाद लोटी से 13 साल पहले अब्बासी का मंझला बेटा फुरकान (22) परिवार के साथ कलियर गया था। भीड़ में वह गुम हो गया और परिवार तलाश कर वापस लौट आया। साल बीतते गए, लेकिन अब्बासी के दिल में लाडले के लिए कसक बाकी रही। सोमवार को कहानी में नया मोड़ आ गया।
खरड़ गांव के पूर्व प्रधान बिजेंद्र सिंह मलिक ने फुगाना थाने पहुंचकर एसओ नीरज सिंह को जानकारी दी कि उनके घर पर मानसिक रूप से बीमार फुरकान नाम का युवक है, उसने अपने गांव का नाम लोटी बताया है। पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। मुंडाली थाना क्षेत्र के शफियाबाद लोटी के पूर्व प्रधान इकराम त्यागी से संपर्क किया गया, तो फुरकान के परिवार तक पुलिस पहुंच गई। परिजन ग्रामीणों के साथ फुगाना थाने पहुंचे तो पता चला कि 13 साल पहले कलियर में परिवार से बिछड़ गया फुरकान है। मां अब्बासी को देखते ही वह लिपट गया।
छह साल पहले पहुंचा था खरड़
पूर्व प्रधान बिजेंद्र मलिक ने बताया कि छह साल पहले रात के समय उनके घर के बाहर फुरकान खड़ा था। उसे गंभीर चोटें लगी थी। वह भूखा था और मदद मांग रहा था। डॉक्टर को बुलाकर उपचार कराया और खाना खिलाया। मानसिक तौर पर बीमार होने के कारण वह पता नहीं बता सका था।
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इलाज मिला तो बता दिया गांव का नाम
पूर्व प्रधान बिजेंद्र मलिक की ओर से किए गए प्रयास के कारण ही फुरकान अपने परिवार से मिल पाया। मलिक ने पहले शामली के डॉ. खुर्शीद अनवर से फुरकान का उपचार शुरू कराया। लेकिन हालत में सुधार धीरे-धीरे हुआ। करीब एक सप्ताह पहले से ही वह बार-बार लोटी गांव का नाम ले रहा था। साथ में यह भी कहा कि उनके घर में चक्की है। उम्मीद जगी तो पूर्व प्रधान रविवार को थाने पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी।
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इसलिए फुरकान पहुंच गया अपने घर
फुगाना थाना प्रभारी नीरज सिंह मेरठ के मुंडाली थाने में तैनात रहे हैं। फुगाना के पूर्व प्रधान बिजेंद्र मलिक ने जैसी ही लोटी गांव का नाम लिया तो उन्होंने तुरंत ही शफियाबाद लोटी के अपने परिचितों से संपर्क किया। वहां के पूर्व प्रधान इकराम त्यागी ने परिवार की मदद की और यह मिलन हो गया।