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62 साल में दूसरे मंत्री बने डॉ. संजीव
Muzaffar nagar
Updated Tue, 27 May 2014 05:33 AM IST
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मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में मुजफ्फरनगर से सांसद डॉ. संजीव बालियान को राज्यमंत्री बनाया गया है। आजादी के बाद लोकसभा के 62 साल के इतिहास में मुजफ्फरनगर सीट से चुने गए सांसदों में डॉ. संजीव बालियान दूसरे व्यक्ति हैं, जिन्हें केंद्र में किसी मंत्रालय की कुर्सी नसीब हुई है। वर्ष 1989 में मुफ्ती मोहम्मद सईद को यहां से जीतने पर केंद्रीय गृहमंत्री के पद से नवाजा गया था।
सोमवार को राष्ट्रपति भवन में मुजफ्फरनगर के सांसद डॉ. संजीव बालियान ने भी कृषि राज्य मंत्री पद की शपथ ली। आजादी के बाद ऐसा केवल दूसरी बार हुआ जब यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचे सांसद को मंत्री पद से नवाजा गया है। पहला मौका वर्ष 1989 में जनता दल से चुनाव लड़े मुफ्ती मोहम्मद सईद को वर्ष 1989 में मिला था। बड़ी जीत हासिल करने पर मुफ्ती को तत्कालीन सरकार में देश का गृहमंत्री बनाया गया था। लोकसभा में जनपद से बड़े-बड़े नाम पहुंचे, लेकिन मंत्रालय की कुर्सियां नसीब नहीं हुईं। दंगे के बाद हॉट बनी मुजफ्फरनगर सीट पर भाजपा के डॉ. संजीव बालियान ने रिकॉर्ड मतों से सफलता दिलाई। मोदी सरकार में उन्हें राज्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संजीव की कामयाबी को भाजपा भविष्य के साथ जोड़कर देख रही है। पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह कहते हैं कि नेतृत्व का फैसला सराहनीय है।
कुटबा गांव में जन्मे हैं संजीव बालियान
मुजफ्फरनगर। सांसद डॉ. संजीव बालियान शाहपुर ब्लाक के कुटबा गांव के रहने वाले हैं। कृषि यूनिवर्सिटी हिसार से वेटनरी एटॉनोमी में पीएचडी संजीव छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। इनकी पत्नी डॉ. सुनीता बालियान हिसार यूनिवर्सिटी में ही वेटनरी सर्जन हैं। परिवार में दो बेटियां केतकी (13) और ताज (6) हैं। पिता डॉ. सुरेंद्र पाल सिंह साधारण किसान हैैं। गांव में 80 बीघा जमीन है। भाजपा की कल्याण सिंह सरकार में सुरेंद्र पाल को 1991 में जिला सहकारी बैंक का चेयरमैन बनाया गया था। एटूजेड डेवलपर्स इंडस्ट्री से जुड़े बालियान ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में पहचान बनाई। दंगे के दौरान फर्जी मुकदमों में पीड़ितों की पैरवी करने पर वह लोगों के करीब आए। 42 साल के बालियान ने अपने करियर का पहला ही चुनाव लड़ा और चार लाख वोटों से बसपा के सिटिंग सांसद कादिर राना को हराया।
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पत्नी और पिता ने भी देखा ऐतिहासिक पल
मुजफ्फरनगर। डॉ. संजीव बालियान को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की जानकारी सोमवार को दी गई। देरी से मिली जानकारी के बाद वह दो घंटे लेट यानि 12 बजे गुजरात भवन पहुंचे। पिता, पत्नी और उनके दो मित्र शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।
डॉ. संजीव बालियान के भाई विवेक बालियान ने बताया कि पहले मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर ऊहापोह का माहौल रहा। सोमवार को करीब नौ बजे तक सांसद जनपद में ही जनता के बीच थे। इसके बाद गुजरात भवन से मंत्रिमंडल में शामिल होने की जानकारी दी गई। साथ ही दस बजे सांसदों की बैठक में शामिल होने के लिए भी कहा गया। देरी से मिली जानकारी के कारण डॉ. संजीव बालियान गुजरात भवन दुपहर 12 बजे ही पहुंच सके। उनके साथ पिता सुरेंद्र सिंह के अलावा पत्नी और दो मित्र मेजर प्रवेंद्र तेवतिया और संजीव सहरावत भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुए। पैतृक गांव कुटबा में परिवार के अन्य सदस्यों ने जश्न मनाया। राज्यमंत्री बनाए जाने की सूचना मिलते ही क्षेत्र के लोगों ने आवास पर पहुंचकर शुभकामनाएं दी।
मां बोली, भरोसे पर खरा उतरेगा संजीव
शाहपुर। दिल्ली में ताजपोशी के बाद कुटबा-कुटबी में जश्न का माहौल है। राज्यमंत्री के घर पर बधाइयां देने वालों का तांता लगा है। डॉ संजीव बालियान की मां रविंद्री देवी कहती हैं कि जनता ने जो भरोसा दिखाया, संजीव उस पर खरा उतरेगा।
सुबह करीब नौ बजे ही कुटबा में खबर पहुंच गई थी कि संजीव बालियान को राज्यमंत्री का दर्जा दिया जा रहा है। आधा परिवार दिल्ली रवाना हो गया, जबकि आधे ने गांव में ही खुशी मनाई। मां रविंद्री देवी, भाई विवेक बालियान, भाभी अर्चना बालियान और ताई अजबो देवी ने आसपास के गांवों से पहुंच रहे लोगों की खातिरदारी की। मीडियाकर्मियों का भी यहां दिनभर आना-जाना लगा रहा। रविंद्री देवी ने कहा कि जिले के लोगों ने संजीव पर जो भरोसा दिखाया है, उसी के बल पर राज्यमंत्री बनाया गया। हर आदमी के न्याय की लड़ाई लड़ी जाएगी। जिले की सड़कों की हालत बेहद खराब है। अपने क्षेत्र का विकास कराना प्राथमिकता में शामिल रहेगा। ग्रामीण महिला सीमा, सरला और रामकली ने कहा कि उनके गांव के लिए आज खुशियों का दिन है।
फिर चमका कुटबा-कुटबी का सितारा
कुटबा-कुटबी गांव का सितारा फिर बुलंदियों पर पहुंच गया। मुंबई हमले के बाद एटीएस के चीफ बनाए गए आईपीएस केपी रघुवंशी कुटबा के ही रहने वाले हैं। आईएएस बहनें जया और वीनस का ताल्लुक भी कुटबी से है। देश-विदेश में यहां के ढेरों युवा बड़े पदों पर कार्य कर रहे हैं। बॉलीवुड में बड़ी-बड़ी फिल्मों का निर्माण करने वाले शैलेंद्र चौधरी इसी गांव से ताल्लुक रखते हैं। राजनीति में संजीव बालियान की कामयाबी से गांव में खुशी का माहौल है।
आज खुशी का दिन : जया
कुटबी की आईएएस और इन दिनों वित्त मंत्रालय मुंबई में डिप्टी कमिश्नर के पद पर कार्यरत जया ने कहा कि गांव के लिए संजीव बालियान की कामयाबी बड़ी है। क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता के साथ लेकर चलना चाहिए। उनकी मां उर्मिला ने भी खुशी जताई है।
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सोमवार को राष्ट्रपति भवन में मुजफ्फरनगर के सांसद डॉ. संजीव बालियान ने भी कृषि राज्य मंत्री पद की शपथ ली। आजादी के बाद ऐसा केवल दूसरी बार हुआ जब यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचे सांसद को मंत्री पद से नवाजा गया है। पहला मौका वर्ष 1989 में जनता दल से चुनाव लड़े मुफ्ती मोहम्मद सईद को वर्ष 1989 में मिला था। बड़ी जीत हासिल करने पर मुफ्ती को तत्कालीन सरकार में देश का गृहमंत्री बनाया गया था। लोकसभा में जनपद से बड़े-बड़े नाम पहुंचे, लेकिन मंत्रालय की कुर्सियां नसीब नहीं हुईं। दंगे के बाद हॉट बनी मुजफ्फरनगर सीट पर भाजपा के डॉ. संजीव बालियान ने रिकॉर्ड मतों से सफलता दिलाई। मोदी सरकार में उन्हें राज्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संजीव की कामयाबी को भाजपा भविष्य के साथ जोड़कर देख रही है। पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह कहते हैं कि नेतृत्व का फैसला सराहनीय है।
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कुटबा गांव में जन्मे हैं संजीव बालियान
मुजफ्फरनगर। सांसद डॉ. संजीव बालियान शाहपुर ब्लाक के कुटबा गांव के रहने वाले हैं। कृषि यूनिवर्सिटी हिसार से वेटनरी एटॉनोमी में पीएचडी संजीव छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। इनकी पत्नी डॉ. सुनीता बालियान हिसार यूनिवर्सिटी में ही वेटनरी सर्जन हैं। परिवार में दो बेटियां केतकी (13) और ताज (6) हैं। पिता डॉ. सुरेंद्र पाल सिंह साधारण किसान हैैं। गांव में 80 बीघा जमीन है। भाजपा की कल्याण सिंह सरकार में सुरेंद्र पाल को 1991 में जिला सहकारी बैंक का चेयरमैन बनाया गया था। एटूजेड डेवलपर्स इंडस्ट्री से जुड़े बालियान ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में पहचान बनाई। दंगे के दौरान फर्जी मुकदमों में पीड़ितों की पैरवी करने पर वह लोगों के करीब आए। 42 साल के बालियान ने अपने करियर का पहला ही चुनाव लड़ा और चार लाख वोटों से बसपा के सिटिंग सांसद कादिर राना को हराया।
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पत्नी और पिता ने भी देखा ऐतिहासिक पल
मुजफ्फरनगर। डॉ. संजीव बालियान को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की जानकारी सोमवार को दी गई। देरी से मिली जानकारी के बाद वह दो घंटे लेट यानि 12 बजे गुजरात भवन पहुंचे। पिता, पत्नी और उनके दो मित्र शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए।
डॉ. संजीव बालियान के भाई विवेक बालियान ने बताया कि पहले मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर ऊहापोह का माहौल रहा। सोमवार को करीब नौ बजे तक सांसद जनपद में ही जनता के बीच थे। इसके बाद गुजरात भवन से मंत्रिमंडल में शामिल होने की जानकारी दी गई। साथ ही दस बजे सांसदों की बैठक में शामिल होने के लिए भी कहा गया। देरी से मिली जानकारी के कारण डॉ. संजीव बालियान गुजरात भवन दुपहर 12 बजे ही पहुंच सके। उनके साथ पिता सुरेंद्र सिंह के अलावा पत्नी और दो मित्र मेजर प्रवेंद्र तेवतिया और संजीव सहरावत भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुए। पैतृक गांव कुटबा में परिवार के अन्य सदस्यों ने जश्न मनाया। राज्यमंत्री बनाए जाने की सूचना मिलते ही क्षेत्र के लोगों ने आवास पर पहुंचकर शुभकामनाएं दी।
मां बोली, भरोसे पर खरा उतरेगा संजीव
शाहपुर। दिल्ली में ताजपोशी के बाद कुटबा-कुटबी में जश्न का माहौल है। राज्यमंत्री के घर पर बधाइयां देने वालों का तांता लगा है। डॉ संजीव बालियान की मां रविंद्री देवी कहती हैं कि जनता ने जो भरोसा दिखाया, संजीव उस पर खरा उतरेगा।
सुबह करीब नौ बजे ही कुटबा में खबर पहुंच गई थी कि संजीव बालियान को राज्यमंत्री का दर्जा दिया जा रहा है। आधा परिवार दिल्ली रवाना हो गया, जबकि आधे ने गांव में ही खुशी मनाई। मां रविंद्री देवी, भाई विवेक बालियान, भाभी अर्चना बालियान और ताई अजबो देवी ने आसपास के गांवों से पहुंच रहे लोगों की खातिरदारी की। मीडियाकर्मियों का भी यहां दिनभर आना-जाना लगा रहा। रविंद्री देवी ने कहा कि जिले के लोगों ने संजीव पर जो भरोसा दिखाया है, उसी के बल पर राज्यमंत्री बनाया गया। हर आदमी के न्याय की लड़ाई लड़ी जाएगी। जिले की सड़कों की हालत बेहद खराब है। अपने क्षेत्र का विकास कराना प्राथमिकता में शामिल रहेगा। ग्रामीण महिला सीमा, सरला और रामकली ने कहा कि उनके गांव के लिए आज खुशियों का दिन है।
फिर चमका कुटबा-कुटबी का सितारा
कुटबा-कुटबी गांव का सितारा फिर बुलंदियों पर पहुंच गया। मुंबई हमले के बाद एटीएस के चीफ बनाए गए आईपीएस केपी रघुवंशी कुटबा के ही रहने वाले हैं। आईएएस बहनें जया और वीनस का ताल्लुक भी कुटबी से है। देश-विदेश में यहां के ढेरों युवा बड़े पदों पर कार्य कर रहे हैं। बॉलीवुड में बड़ी-बड़ी फिल्मों का निर्माण करने वाले शैलेंद्र चौधरी इसी गांव से ताल्लुक रखते हैं। राजनीति में संजीव बालियान की कामयाबी से गांव में खुशी का माहौल है।
आज खुशी का दिन : जया
कुटबी की आईएएस और इन दिनों वित्त मंत्रालय मुंबई में डिप्टी कमिश्नर के पद पर कार्यरत जया ने कहा कि गांव के लिए संजीव बालियान की कामयाबी बड़ी है। क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता के साथ लेकर चलना चाहिए। उनकी मां उर्मिला ने भी खुशी जताई है।