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कापियां ज्यादा, जांचने वाले परीक्षक कम
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:06 AM IST
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कापियां ज्यादा, जांचने के लिए परीक्षक कम
मुजफ्फरनगर।
जिले में यूपी बोर्ड के मूल्यांकन कार्य की रफ्तार धीमी है। लगातार विषय विशेषज्ञ परीक्षकों को टोटा बना हुआ है। बुधवार को समाजशास्त्र के परीक्षक नहीं मिलने से केंद्रों पर कापियां नहीं खुल सकी है। वहीं, बोर्ड अधिकारियों ने मूल्यांकन कार्य के साथ परीक्षकों की उपस्थिति, अनुपस्थिति को ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से मांगा है। इसके लिए डीआईओएस सभी केंद्रों को निर्देश जारी किए हैं।
जनपद में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों को जांचने के लिए चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर कापियां जांचने का कार्य किया जा रहा है। मूल्यांकन को प्रारंभ हुए पांच दिन बीत गए हैं, लेकिन व्यवस्था संभाले में नहीं आ सकी है। वित्तविहीन शिक्षकों के आंदोलन करने से स्थिति अधिक बेकाबू है। बुधवार को कई केंद्र पर समाजशास्त्र, हिंदी की कापियों को जांचने का खाता नहीं खुल सका है। परीक्षकों के टोटे के कारण मूल्यांकन प्रभावित हो गया है। उधर, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सचिव ने मूल्यांकन केद्रों पर उपस्थित होने वाले सभी परीक्षकों, उप प्रधान परीक्षकों के अलावा कितनी कापियां जांची गई है। इसकी ऑनलाइन विभागीय वेबसाइट पर जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए है। जबकि अनुपस्थित रहने वाले परीक्षकों पर कार्रवाई करने को कहा गया है। डीआईओएस मुनेश कुमार ने सभी केंद्रों के प्रभारी और प्रधानाचार्य को इस बाबत पत्र भेजकर ऑनलाइन रिकार्ड भेजने के निर्देश दिए हैं। यह सभी कार्य कालेज की यूजर आईडी से किया जाएगा। डिबार अध्यापकों को परीक्षक की ड्यूटी नहीं सौंपी जाएगी। जांच-पड़ताल में ऐसा सामने आया तो संबंधित मूल्यांकन केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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मुजफ्फरनगर।
जिले में यूपी बोर्ड के मूल्यांकन कार्य की रफ्तार धीमी है। लगातार विषय विशेषज्ञ परीक्षकों को टोटा बना हुआ है। बुधवार को समाजशास्त्र के परीक्षक नहीं मिलने से केंद्रों पर कापियां नहीं खुल सकी है। वहीं, बोर्ड अधिकारियों ने मूल्यांकन कार्य के साथ परीक्षकों की उपस्थिति, अनुपस्थिति को ऑनलाइन वेबसाइट के माध्यम से मांगा है। इसके लिए डीआईओएस सभी केंद्रों को निर्देश जारी किए हैं।
जनपद में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों को जांचने के लिए चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जिन पर कापियां जांचने का कार्य किया जा रहा है। मूल्यांकन को प्रारंभ हुए पांच दिन बीत गए हैं, लेकिन व्यवस्था संभाले में नहीं आ सकी है। वित्तविहीन शिक्षकों के आंदोलन करने से स्थिति अधिक बेकाबू है। बुधवार को कई केंद्र पर समाजशास्त्र, हिंदी की कापियों को जांचने का खाता नहीं खुल सका है। परीक्षकों के टोटे के कारण मूल्यांकन प्रभावित हो गया है। उधर, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सचिव ने मूल्यांकन केद्रों पर उपस्थित होने वाले सभी परीक्षकों, उप प्रधान परीक्षकों के अलावा कितनी कापियां जांची गई है। इसकी ऑनलाइन विभागीय वेबसाइट पर जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए है। जबकि अनुपस्थित रहने वाले परीक्षकों पर कार्रवाई करने को कहा गया है। डीआईओएस मुनेश कुमार ने सभी केंद्रों के प्रभारी और प्रधानाचार्य को इस बाबत पत्र भेजकर ऑनलाइन रिकार्ड भेजने के निर्देश दिए हैं। यह सभी कार्य कालेज की यूजर आईडी से किया जाएगा। डिबार अध्यापकों को परीक्षक की ड्यूटी नहीं सौंपी जाएगी। जांच-पड़ताल में ऐसा सामने आया तो संबंधित मूल्यांकन केंद्र प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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