{"_id":"59aef8724f1c1b60078b471d","slug":"71504639090-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नंत चतुर्दशी के पर्व पर जल कलश यात्रा निकाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नंत चतुर्दशी के पर्व पर जल कलश यात्रा निकाली
Updated Wed, 06 Sep 2017 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनंत चतुर्दशी पर कलश यात्रा निकाली
खतौली (मुजफ्फरनगर)। दशलक्षण पर्व के अंतर्गत अनंत चतुर्दशी के मंगलमयी अवसर पर कलश यात्रा का आयोजन किया गया। जैन मंडी मंदिर से यात्रा का शुभारंभ हुआ।
यात्रा जैन मंडी से चलकर बिददीवाड़ा, से गुजरती हुई बाजार स्थित मंदिरों से होकर जीटी रोड स्थित नसिया जी जैन मंदिर पहुंची। यात्रा में श्रद्धालुओं की टोली भक्ति नृत्य कर रही थीं। शोभायात्रा के पीछे स्त्री, पुरुष व बच्चे भक्तिभाव से चल रहे थे। नसिया जी पवित्र जल लाकर इंद्रों ने नगर के सभी नौ मंदिरों में जिनेंद्र प्रभु का अभिषेक मंत्रोच्चार के साथ किया। धर्मसभा में अंतसमती व आमर्षमती माताजी ने बताया कि पर्वराज पर्युषण हमें विकारों से मुक्ति दिलाता है। जैन धर्म में विकारों से मुक्ति हेतु धर्म के दशलक्षण बताए गए हैं। इन दस लक्षणों को अपने आचरण में उतारने के लिए जो साधना करता है, वह एक दिन निर्विकार हो जाता है। हमें विकारों से बचते हुए धर्म मार्ग पर चलना है।
मौके पर अमरचंद, रतनलाल, नेमचंद, शिखरचंद, प्रदीप टीकरी, सिद्धार्थ, रवि, आदीश प्रवक्ता, नीरज प्रवक्ता, राजेंद्र दादरी, सुनील ठेकेदार, मुकेश, शीलचंद, शशांक, अकलंक, सुभाष सर्राफ, योगेश सर्राफ, सुधीर मुखिया, बल्लू सर्राफ, हितेष, कल्पेंद्र, मुकेश, अजय प्रवक्ता, दीपक, पतेंद्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
खतौली (मुजफ्फरनगर)। दशलक्षण पर्व के अंतर्गत अनंत चतुर्दशी के मंगलमयी अवसर पर कलश यात्रा का आयोजन किया गया। जैन मंडी मंदिर से यात्रा का शुभारंभ हुआ।
यात्रा जैन मंडी से चलकर बिददीवाड़ा, से गुजरती हुई बाजार स्थित मंदिरों से होकर जीटी रोड स्थित नसिया जी जैन मंदिर पहुंची। यात्रा में श्रद्धालुओं की टोली भक्ति नृत्य कर रही थीं। शोभायात्रा के पीछे स्त्री, पुरुष व बच्चे भक्तिभाव से चल रहे थे। नसिया जी पवित्र जल लाकर इंद्रों ने नगर के सभी नौ मंदिरों में जिनेंद्र प्रभु का अभिषेक मंत्रोच्चार के साथ किया। धर्मसभा में अंतसमती व आमर्षमती माताजी ने बताया कि पर्वराज पर्युषण हमें विकारों से मुक्ति दिलाता है। जैन धर्म में विकारों से मुक्ति हेतु धर्म के दशलक्षण बताए गए हैं। इन दस लक्षणों को अपने आचरण में उतारने के लिए जो साधना करता है, वह एक दिन निर्विकार हो जाता है। हमें विकारों से बचते हुए धर्म मार्ग पर चलना है।
मौके पर अमरचंद, रतनलाल, नेमचंद, शिखरचंद, प्रदीप टीकरी, सिद्धार्थ, रवि, आदीश प्रवक्ता, नीरज प्रवक्ता, राजेंद्र दादरी, सुनील ठेकेदार, मुकेश, शीलचंद, शशांक, अकलंक, सुभाष सर्राफ, योगेश सर्राफ, सुधीर मुखिया, बल्लू सर्राफ, हितेष, कल्पेंद्र, मुकेश, अजय प्रवक्ता, दीपक, पतेंद्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन