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मछली पालन के पटटे को लेकर दो पक्षों में विवाद
Updated Sun, 02 Sep 2018 12:29 AM IST
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मछली पालन के पट्टे को लेकर दो पक्षों में विवाद
जानसठ। गांव चितौड़ा के मत्स्य पालन के तालाब को लेकर दो पक्षों में विवाद की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शांत किया। दोनों पक्षों द्वारा कागजात दिखाने पर एसडीएम ने पहले पट्टेदार को मछली पालन का आदेश दिया है।
गांव चितौड़ा निवासी प्रवीण पुत्र गोवर्धन को 2017 में तालाब नंबर 210 मत्स्य पालन को 10 साल के लिए पट्टे पर आवंटन किया गया था। प्रवीण द्वारा दो लाख रुपये तो जमा कर दिए गए थे, लेकिन तालाब की मछली मरने के कारण वह पैसे जमा नहीं कर पाया था, जिससे सरकार ने तालाब का पट्टा निरस्त कर दूसरे को तालाब आवंटित कर दिया था। इसी दौरान प्रवीण राजस्व परिषद में पहुंचा और बाकी की बची हुई रकम जमा कर स्टे ले आया था। शनिवार को दूसरा पट्टा धारक जाकर तालाब पर मछली निकालने लगा तो दोनों पक्षों में विवाद हो गया। तालाब पर विवाद की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कर अपने कागजात दिखाने को कहा। इस दौरान नायब तहसीलदार इंद्रदेव सिंह भी मौके पर पहुंच गए और दोनों पक्षों को एसडीएम के पास भेज दिया। पहले पट्टेदार प्रवीण कश्यप ने एसडीएम विजय कुमार को राजस्व परिषद के स्टे की कॉपी दिखा दी। एसडीएम ने प्रवीन को ही तालाब के आवंटन के लिए आदेश कर दिया।
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जानसठ। गांव चितौड़ा के मत्स्य पालन के तालाब को लेकर दो पक्षों में विवाद की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शांत किया। दोनों पक्षों द्वारा कागजात दिखाने पर एसडीएम ने पहले पट्टेदार को मछली पालन का आदेश दिया है।
गांव चितौड़ा निवासी प्रवीण पुत्र गोवर्धन को 2017 में तालाब नंबर 210 मत्स्य पालन को 10 साल के लिए पट्टे पर आवंटन किया गया था। प्रवीण द्वारा दो लाख रुपये तो जमा कर दिए गए थे, लेकिन तालाब की मछली मरने के कारण वह पैसे जमा नहीं कर पाया था, जिससे सरकार ने तालाब का पट्टा निरस्त कर दूसरे को तालाब आवंटित कर दिया था। इसी दौरान प्रवीण राजस्व परिषद में पहुंचा और बाकी की बची हुई रकम जमा कर स्टे ले आया था। शनिवार को दूसरा पट्टा धारक जाकर तालाब पर मछली निकालने लगा तो दोनों पक्षों में विवाद हो गया। तालाब पर विवाद की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कर अपने कागजात दिखाने को कहा। इस दौरान नायब तहसीलदार इंद्रदेव सिंह भी मौके पर पहुंच गए और दोनों पक्षों को एसडीएम के पास भेज दिया। पहले पट्टेदार प्रवीण कश्यप ने एसडीएम विजय कुमार को राजस्व परिषद के स्टे की कॉपी दिखा दी। एसडीएम ने प्रवीन को ही तालाब के आवंटन के लिए आदेश कर दिया।
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