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बल के साथ विवेक होना जरुरी: ब्रजेश
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:13 AM IST
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मुजफ्फरनगर। कथा व्यास ब्रजेश पाठक ने कहा कि मनुष्य में बल के साथ विवेक होना भी जरूरी है। बिना विवेक का बल निरर्थक हो जाता है। श्रीराम कथा में काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
सनातन धर्म सभा भवन में चल रही श्रीराम कथा में ब्रजेश पाठक ने कहा कि बल के ऊपर विवेक का अंकुश नहीं होने से व्यक्ति का बल आसुरी बल हो जाता है। ऐसा बल समाज को संरक्षण न देेकर अपराध का कारण बन जाता है। महावीर हनुमान और रावण की तुलना करते हुए कहा कि हनुमान जी के जीवन में बल और विवेक दोनो हैं। उन्होंने कभी भी अपने बल का दुरुपयोग नहीं किया। बल्कि अपने बल से सदैव दूसरों के संकट दूर किये। इसी कारण संकट मोचन के नाम से प्रसिद्ध हुए। रावण ने इसके विपरीत बल का सदुपयोग नहीं किया। अपने बल के द्वारा दूसरों को रुलाया और सताया। इसी कारण विश्व के इतिहास में जो स्थान हनुमान को मिला वह स्थान रावण ब्राह्मण होने के बाद भी प्राप्त नहीं कर पाया। मानव को चाहिए कि वह ईश्वर द्वारा प्राप्त सत्ता, संपत्ति और शारीरिक बल का उपयोग विवेक पूर्वक करे। दूसरों के जीवन को आसान बनाये, तभी हमारा स्वयं का और समाज का कल्याण होगा। यज्ञमान गौरव सिंघल सपरिवार रहे। पूर्व विधायक अशोक कंसल, अनिरुद्ध सर्राफ, नरेंद्र गुप्ता, आत्माराम गर्ग, अमित जैन, दीपक मित्तल, सुशील आदि रहे।
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सनातन धर्म सभा भवन में चल रही श्रीराम कथा में ब्रजेश पाठक ने कहा कि बल के ऊपर विवेक का अंकुश नहीं होने से व्यक्ति का बल आसुरी बल हो जाता है। ऐसा बल समाज को संरक्षण न देेकर अपराध का कारण बन जाता है। महावीर हनुमान और रावण की तुलना करते हुए कहा कि हनुमान जी के जीवन में बल और विवेक दोनो हैं। उन्होंने कभी भी अपने बल का दुरुपयोग नहीं किया। बल्कि अपने बल से सदैव दूसरों के संकट दूर किये। इसी कारण संकट मोचन के नाम से प्रसिद्ध हुए। रावण ने इसके विपरीत बल का सदुपयोग नहीं किया। अपने बल के द्वारा दूसरों को रुलाया और सताया। इसी कारण विश्व के इतिहास में जो स्थान हनुमान को मिला वह स्थान रावण ब्राह्मण होने के बाद भी प्राप्त नहीं कर पाया। मानव को चाहिए कि वह ईश्वर द्वारा प्राप्त सत्ता, संपत्ति और शारीरिक बल का उपयोग विवेक पूर्वक करे। दूसरों के जीवन को आसान बनाये, तभी हमारा स्वयं का और समाज का कल्याण होगा। यज्ञमान गौरव सिंघल सपरिवार रहे। पूर्व विधायक अशोक कंसल, अनिरुद्ध सर्राफ, नरेंद्र गुप्ता, आत्माराम गर्ग, अमित जैन, दीपक मित्तल, सुशील आदि रहे।
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