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पहले ही बंद हो चुका स्लाटर हाउस
Updated Thu, 18 Jan 2018 12:57 AM IST
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पहले ही बंद हो चुका है स्लाटर हाउस
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका ने शहर में चल रहे स्लाटर हाउस को यहां पहले ही बंद करा दिया है। खालापार में मीट की दुकानें भी भाजपा की सरकार बनने के बाद बंद करा दी गई। मीट का अवैध कारोबार अफसरों और पुलिस की मिलीभगत से चलता था। कैबिनेट के फैसले के बाद अफसरों और पुलिस का खेल भी खत्म हो जाएगा।
यूपी में नगर निगम और नगर पालिका प्रशासन अब स्लॉटर हाउस नहीं चला सकेंगे। इसके लिए अध्यादेश के माध्यम से अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को कैबिनेट ने हरी झंडी दिखा दी है। स्लॉटर हाउस का निर्माण शहर की सीमा से बाहर करने का निर्णय भी लिया गया है। सरकार के इस निर्णय से नगर पालिका क्षेत्र में चलने वाला मीट का अवैध कारोबार नहीं चल पाएगा। अफसरों और पुलिस की मिलीभगत से निकाय क्षेत्र में लंबे समय तक मीट का कारोबार चला। शहर में ही कई स्थानों पर स्लाटर हाउस बने थे। एटूजेड के पास बने स्लाटर हाउस को नगर पालिका ने भी अनुमति दे रखी थी। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से सभी स्लाटर हाउस बंद हैं। खालापार में चलने वाली मीट की दुकानें भी बंद कर दी गई हैं। ईओ विकास सैन ने बताया कि शहर में इस समय कोई स्लाटर हाउस नहीं चल रहा है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट के निर्णय के बाद नगर पालिकाएं स्लाटर हाउस का निर्माण, संचालन और निगरानी नहीं करेंगे। सिर्फ स्लॉटर हाउस को रेगुलेट ही कर सकेंगे। वे न तो इनका निर्माण कराएंगे और न ही अपने स्तर से संचालन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि एनजीटी के दिशा-निर्देशों के तहत स्लॉटर हाउस शहरों की सीमा के बाहर होंगे। सड़क किनारे भी मांस के लिए जानवर नहीं काटे जा सकेंगे।
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मुजफ्फरनगर। नगरपालिका ने शहर में चल रहे स्लाटर हाउस को यहां पहले ही बंद करा दिया है। खालापार में मीट की दुकानें भी भाजपा की सरकार बनने के बाद बंद करा दी गई। मीट का अवैध कारोबार अफसरों और पुलिस की मिलीभगत से चलता था। कैबिनेट के फैसले के बाद अफसरों और पुलिस का खेल भी खत्म हो जाएगा।
यूपी में नगर निगम और नगर पालिका प्रशासन अब स्लॉटर हाउस नहीं चला सकेंगे। इसके लिए अध्यादेश के माध्यम से अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को कैबिनेट ने हरी झंडी दिखा दी है। स्लॉटर हाउस का निर्माण शहर की सीमा से बाहर करने का निर्णय भी लिया गया है। सरकार के इस निर्णय से नगर पालिका क्षेत्र में चलने वाला मीट का अवैध कारोबार नहीं चल पाएगा। अफसरों और पुलिस की मिलीभगत से निकाय क्षेत्र में लंबे समय तक मीट का कारोबार चला। शहर में ही कई स्थानों पर स्लाटर हाउस बने थे। एटूजेड के पास बने स्लाटर हाउस को नगर पालिका ने भी अनुमति दे रखी थी। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद से सभी स्लाटर हाउस बंद हैं। खालापार में चलने वाली मीट की दुकानें भी बंद कर दी गई हैं। ईओ विकास सैन ने बताया कि शहर में इस समय कोई स्लाटर हाउस नहीं चल रहा है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट के निर्णय के बाद नगर पालिकाएं स्लाटर हाउस का निर्माण, संचालन और निगरानी नहीं करेंगे। सिर्फ स्लॉटर हाउस को रेगुलेट ही कर सकेंगे। वे न तो इनका निर्माण कराएंगे और न ही अपने स्तर से संचालन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि एनजीटी के दिशा-निर्देशों के तहत स्लॉटर हाउस शहरों की सीमा के बाहर होंगे। सड़क किनारे भी मांस के लिए जानवर नहीं काटे जा सकेंगे।
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