{"_id":"5c7d738cbdec2214787e21d7","slug":"51551725452-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संविधान और आरक्षण बचाने को दलितों का प्रदर्शन आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संविधान और आरक्षण बचाने को दलितों का प्रदर्शन आज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। धनगर के साथ ओबीसी में शामिल पाल, गडरिया और बघेल जाति के लोगों को एससी का प्रमाणपत्र जारी किए जाने के विरोध में अनुसूचित जाति समाज के लोग मंगलवार को जीआईसी के मैदान में प्रदर्शन करेंगे।
बालाजी चौक स्थित एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता में सुरेंद्र मैनवाल, दीपक गंभीर वाल्मीकि, शिक्षक नेता हरकेश सिंह, बाबू सिंह बौद्ध ने कहा कि प्रमुख सचिव ने धनगर के साथ पाल, गडरिया और बघेल को जोड़ने का जो शासनादेश जारी किया है, वह नियम विरुद्ध है। इससे दो जातियों में टकराव के हालात बन गए हैं। हम किसी जाति के खिलाफ नहीं है। यदि गडरिया जाति को एससी में शामिल करना है तो विधिक प्रक्रिया अपनाई जाए। एक तरफ पाल समाज के लोग ओबीसी का लाभ लेते हुए प्रधान, बीडीसी बनने के साथ सरकारी नौकरियों में लाभ लिए हुए हैं, दूसरी तरफ एससी में दावा जता रहे हैं। शासनादेश सरकार को भ्रम में रखकर जारी किया गया है। सरकार को उसकी गलती बताने के लिए जीआईसी के मैदान में मंगलवार को प्रदर्शन होगा। इस प्रदर्शन को अधिकतम सभी दलित संगठनों भीम आर्मी, वाल्मीकि मुक्ति मोर्चा, खटीक महासभा, लार्ड बुद्धा ट्रस्ट, उत्तर प्रदेश अंबेडकर महासभा, अंबेडकर वेलफेयर एसोसिएशन, डॉ भीमराव अंबेडकर बौद्ध ट्रस्ट, रविदास महासभा का समर्थन रहेगा। पत्रकार वार्ता में राजकुमार सिद्धार्थ, श्रवण मोघा, सुधीर वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बालाजी चौक स्थित एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से वार्ता में सुरेंद्र मैनवाल, दीपक गंभीर वाल्मीकि, शिक्षक नेता हरकेश सिंह, बाबू सिंह बौद्ध ने कहा कि प्रमुख सचिव ने धनगर के साथ पाल, गडरिया और बघेल को जोड़ने का जो शासनादेश जारी किया है, वह नियम विरुद्ध है। इससे दो जातियों में टकराव के हालात बन गए हैं। हम किसी जाति के खिलाफ नहीं है। यदि गडरिया जाति को एससी में शामिल करना है तो विधिक प्रक्रिया अपनाई जाए। एक तरफ पाल समाज के लोग ओबीसी का लाभ लेते हुए प्रधान, बीडीसी बनने के साथ सरकारी नौकरियों में लाभ लिए हुए हैं, दूसरी तरफ एससी में दावा जता रहे हैं। शासनादेश सरकार को भ्रम में रखकर जारी किया गया है। सरकार को उसकी गलती बताने के लिए जीआईसी के मैदान में मंगलवार को प्रदर्शन होगा। इस प्रदर्शन को अधिकतम सभी दलित संगठनों भीम आर्मी, वाल्मीकि मुक्ति मोर्चा, खटीक महासभा, लार्ड बुद्धा ट्रस्ट, उत्तर प्रदेश अंबेडकर महासभा, अंबेडकर वेलफेयर एसोसिएशन, डॉ भीमराव अंबेडकर बौद्ध ट्रस्ट, रविदास महासभा का समर्थन रहेगा। पत्रकार वार्ता में राजकुमार सिद्धार्थ, श्रवण मोघा, सुधीर वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन