{"_id":"5b2d460e4f1c1b36208b477f","slug":"41529693710-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वरिष्ठ नागरिक प्राणायाम से निरोग: डॉ तनेजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वरिष्ठ नागरिक प्राणायाम से निरोग: डॉ तनेजा
Updated Sat, 23 Jun 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। आयुष विभाग की ओर से नुमाइश पंडाल में योग कार्यशाला का आयोजन होगा। कार्यशाला के योगाचार्य और डॉक्टर योग की विस्तार से जानकारी देंगे।
आयुर्वेद एवं यूनानी की क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. आशा बजाज ने बताया कि 24 जून रविवार को जिला कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी में आयुष विभाग तथा भारतीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान मुजफ्फरनगर द्वारा योग कार्यशाला का आयोजन होगा। मुख्य अतिथि मोरारजी योग संस्थान दिल्ली के निदेशक ईश्वर बसवा रेडड्डी, पटना से स्वामी मंगलतीर्थ, गोरखपुर से डॉ विमल मोदी, कानपुर से डॉ. ओपी आनंद, दिल्ली से डॉ. एसएन यादव, लखनऊ यूनिवर्सिटी से डॉ. अमरजीत यादव, मुजफ्फरनगर के डॉ. एमके तनेजा मुख्य वक्ता होंगे। डॉ तनेजा ने बताया कि व्यक्ति की प्रकृति के अनुरूप ही योग (आसन) एवं प्राणायाम किया जाता है, यह एक विस्तृत विज्ञान है। कपालभांति, भ्रस्त्रिका उज्जयामी प्राणायाम यहां तक की सूर्य नमस्कार भी वरिष्ठ नागरिक को कम ही करना चाहिए। वही युवा में इनसे लाभ होता है। वरिष्ठ नागरिकों में विभक्ति कारक जैसे श्वासन, योग निद्रा, वृक्ष आसन, हस्तपाद आसन, धीमी गति से किया जाने वाला ग्रीवा चालन मस्तिष्क को रक्त संचार को सुचारू करता है। डॉ तनेजा ने बताया कि बाहय अमयन्तर प्राणायाम के द्वारा चित्त वृत्ति प्राणायाम के द्वारा समाधि की प्राप्ति अर्थात समस्त क्लेश तथा दुखों का क्षय सुनिश्चित है।
विज्ञापन
आयुर्वेद एवं यूनानी की क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. आशा बजाज ने बताया कि 24 जून रविवार को जिला कृषि एवं औद्योगिक प्रदर्शनी में आयुष विभाग तथा भारतीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान मुजफ्फरनगर द्वारा योग कार्यशाला का आयोजन होगा। मुख्य अतिथि मोरारजी योग संस्थान दिल्ली के निदेशक ईश्वर बसवा रेडड्डी, पटना से स्वामी मंगलतीर्थ, गोरखपुर से डॉ विमल मोदी, कानपुर से डॉ. ओपी आनंद, दिल्ली से डॉ. एसएन यादव, लखनऊ यूनिवर्सिटी से डॉ. अमरजीत यादव, मुजफ्फरनगर के डॉ. एमके तनेजा मुख्य वक्ता होंगे। डॉ तनेजा ने बताया कि व्यक्ति की प्रकृति के अनुरूप ही योग (आसन) एवं प्राणायाम किया जाता है, यह एक विस्तृत विज्ञान है। कपालभांति, भ्रस्त्रिका उज्जयामी प्राणायाम यहां तक की सूर्य नमस्कार भी वरिष्ठ नागरिक को कम ही करना चाहिए। वही युवा में इनसे लाभ होता है। वरिष्ठ नागरिकों में विभक्ति कारक जैसे श्वासन, योग निद्रा, वृक्ष आसन, हस्तपाद आसन, धीमी गति से किया जाने वाला ग्रीवा चालन मस्तिष्क को रक्त संचार को सुचारू करता है। डॉ तनेजा ने बताया कि बाहय अमयन्तर प्राणायाम के द्वारा चित्त वृत्ति प्राणायाम के द्वारा समाधि की प्राप्ति अर्थात समस्त क्लेश तथा दुखों का क्षय सुनिश्चित है।