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दीन-ए-इस्लाम के रास्ते पर चलकर जिंदगी गुजारें
Updated Sun, 12 Nov 2017 12:30 AM IST
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दीन-ए-इस्लाम के रास्ते पर चलकर जिंदगी गुजारें
मुजफ्फरनगर।
निराना के मदरसा अरबिया फैज-ए-मुहम्मदी में दीनी जलसा आयोजित किया गया। कुरान-ए-हाफिज करने वाले बच्चों की दस्तारबंदी की गई।
उलेमा ने फरमाया कि मुसलमानों को दीन-ए-इस्लाम के रास्ते पर चल कर जिंदगी गुजारनी चाहिए। पैग़ंबर साहब के आदर्शों को अपनाकर नेक इंसान बनें और दूसरों को भी इस चलने के लिए जागरूक करें। दीनी जलसे का आगाज कुरान-ए पाक की तिलावत से हुआ। मौलाना इमरान ने फरमाया कि मजहब-ए-इस्लाम अमन और शांति, इंसानियत का संदेश देता है। कोई मजहब आपस में बैर और एक दुसरे का हक दबाने की सीख नहीं देता है। पैग़ंबर साहब के बताए रास्तों पर चलकर जिंदगी को बेहतर बनाएं। हाफिज मोहम्मद ताजीम ने कहा कि बच्चों को दीनी और दुनियावी तालीम दिलाएं। मुसलमानों को चाहिए कि वह किसी की बुराई और मुखालफत करने से दूर रहे। अब्दुल खालिद ने कहा कि इंसान को नेक काम करते रहने चाहिए, क्योंकि यह वह पूंजी है, जिसका अज्र दुनिया और आख़िरत में मिलता है। इस दौरान पांच बच्चों के हाफिज बनने पर दस्तारबंदी की गई।
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मुजफ्फरनगर।
निराना के मदरसा अरबिया फैज-ए-मुहम्मदी में दीनी जलसा आयोजित किया गया। कुरान-ए-हाफिज करने वाले बच्चों की दस्तारबंदी की गई।
उलेमा ने फरमाया कि मुसलमानों को दीन-ए-इस्लाम के रास्ते पर चल कर जिंदगी गुजारनी चाहिए। पैग़ंबर साहब के आदर्शों को अपनाकर नेक इंसान बनें और दूसरों को भी इस चलने के लिए जागरूक करें। दीनी जलसे का आगाज कुरान-ए पाक की तिलावत से हुआ। मौलाना इमरान ने फरमाया कि मजहब-ए-इस्लाम अमन और शांति, इंसानियत का संदेश देता है। कोई मजहब आपस में बैर और एक दुसरे का हक दबाने की सीख नहीं देता है। पैग़ंबर साहब के बताए रास्तों पर चलकर जिंदगी को बेहतर बनाएं। हाफिज मोहम्मद ताजीम ने कहा कि बच्चों को दीनी और दुनियावी तालीम दिलाएं। मुसलमानों को चाहिए कि वह किसी की बुराई और मुखालफत करने से दूर रहे। अब्दुल खालिद ने कहा कि इंसान को नेक काम करते रहने चाहिए, क्योंकि यह वह पूंजी है, जिसका अज्र दुनिया और आख़िरत में मिलता है। इस दौरान पांच बच्चों के हाफिज बनने पर दस्तारबंदी की गई।