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इंसानियत के लिए टूटी मजहब की दीवार
Updated Mon, 21 Aug 2017 01:16 AM IST
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साधु-संतों को निकालने में जुटे मुसलमान
खतौली। उत्कल एक्सप्रेस हादसे के बाद रेल यात्रियों को बचाने के लिए हिंदू और मुस्लिमों ने मिलकर इंसानियत का पैगाम दिया। रेलवे ट्रैक के करीब ही मुस्लिमों की नई आबादी है, जबकि यहां बड़ी संख्या में हिंदू रहते हैं। भयावह दुर्घटना के बाद हर कोई मदद के लिए दौड़ पड़ा। घायलों को निकालने और एंबुलेंस तक पहुंचाने में युवाओं ने कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। हरिद्वार की यात्रा पर निकले तीर्थयात्रियों ने बचाव में जुटे मुस्लिमों को दुआएं दी।
हादसे के बाद मुसाफिरों की जान-माल की रक्षा के लिए धर्म और मजहब की दीवारें टूट गईं। क्या हिंदू और क्या मुसलमान, सभी डिब्बों में फंसे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को निकालने में जुट गए। आसपास के घरों से पलंग, चारपाई, फोल्डिंग पर लादकर घायलों को एंबुलेंस तक पहुंचाया गया। अहमदनगर के रिजवान और मुसर्रफ बताते हैं कि धड़धड़ाहट के साथ उत्कल एक्सप्रेस बेपटरी हुई तो पहले लोग डर गए, जैसे ही दुर्घटना का पता चला हर कोई पटरी की ओर दौड़ने लगा। डिब्बों से चीख आ रही थीं। मदद के लिए कोई सरकारी अमला नहीं पहुंचा था। ऐसे हालात में टोली बनाकर डब्बों से यात्रियों को बचाने का हौसला आ गया। सभी ने मोबाइल पर कॉल कर साथियों को बुला लिया। भीड़ से घायलों को बचाने के लिए रास्तों पर युवकों ने खुद ही बैरिकेडिंग कर दी। घायल सीधे एंबुलेंस तक पहुंचें, इसके लिए मददगारों ने खुद ही रास्ते बना दिए। सलीम, इकराम और जुबेर बताते हैं कि एक स्लिपर कोच से 30 से ज्यादा घायलों को निकाला गया। इस डब्बे में छह से ज्यादा यात्रियों की मौत हो गई थी। इरशाद के मुताबिक जब तक एंबुलेंस नहीं आई, घायलों को चारपाई पर ही लिटाए रखा गया। बड़ी संख्या में साधू पुरी से हरिद्वार जाते हैं। मुसलिमों ने साधु-संतों को एक एक कर डब्बे से बाहर निकाला और पेड़ की छांव में बैठाया।
नगर के मिस्त्री मैकेनिक भी डब्बों को काटने के लिए अपने औजार लेकर पहुंच गए। डब्बों को काटकर बड़ी संख्या में यात्रियों को बचाया गया है। जैसे-जैसे खबर आसपास के गांव में फैली, वहां से भी युवा फरिश्ते बनकर खतौली तहसील के पास पहुंच गए। घायल संत हरिदास और विवेकानंद ने बताया कि तेज धमाके की आवाज के बाद डब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए। कुछ समझ नहीं आया कि क्या हो गया है। जान बचाने के लिए गुहार मची थी। ऐसे में मुस्लिम बस्ती से दौड़े आए युवकों ने हमें बचाया। एंटी करप्शन एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंघल के नेतृत्व में युवाओं की टीम ने घटनास्थल पर उत्कल के रेल यात्रियों की हरसंभव की मदद की। गंभीर रूप से घायल लोगों के सामान की सुरक्षा की गई। जिला अस्पताल में भर्ती घायलों और तिमारदारों को खाद्य सामग्री वितरित की।
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मंत्री-विधायक ने कराई एंबुलेंस की व्यवस्था
मुजफ्फरनगर। रेल हादसे के बाद बचाव कार्य में भाजपा की पूरी टीम जुटी रही। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान और भाजपा विधायक कपिलदेव अग्रवाल ने खतौली और शहर में पीड़ितों की हरसंभव मदद के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। पोस्टमार्टम हाउस पर एंबुलेंस की दिक्कत हुई तो मंत्री ने सीएमओ से बात कर कई एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। बेगराजपुर मेडिकल कालेज और खतौली में घटनास्थल पर भी पहुंचकर भाजपा नेताओं ने बचाव कार्यों का जायजा लिया। सीएमएस और सीएमओ को चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। बालियान के साथ चरथावल विधायक विजय कश्यप, उमेश मलिक, विक्रम सैनी आदि रहे। मामूली रूप से घायलों को उनके घर भेजने के लिए रोडवेज बसों की व्यवस्था भी कराई गई। एमएलए अग्रवाल ने बताया कि डीआरएम ने बंद रेलमार्ग देर रात तक खुलवाने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा अनेक सामाजिक संस्थाएं जुटी रहीं। समाजसेवी भीमसेन कंसल, अनिल टीटू ने भोजन और जलपान की व्यवस्था कराई। समर्पित युवा संगठन, परमधाम, हिंदू और मुस्लिम संगठनों के साथ आरएसएस के पदाधिकारियों ने पीड़ित रेल यात्रियों की मदद की।
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खतौली। उत्कल एक्सप्रेस हादसे के बाद रेल यात्रियों को बचाने के लिए हिंदू और मुस्लिमों ने मिलकर इंसानियत का पैगाम दिया। रेलवे ट्रैक के करीब ही मुस्लिमों की नई आबादी है, जबकि यहां बड़ी संख्या में हिंदू रहते हैं। भयावह दुर्घटना के बाद हर कोई मदद के लिए दौड़ पड़ा। घायलों को निकालने और एंबुलेंस तक पहुंचाने में युवाओं ने कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। हरिद्वार की यात्रा पर निकले तीर्थयात्रियों ने बचाव में जुटे मुस्लिमों को दुआएं दी।
हादसे के बाद मुसाफिरों की जान-माल की रक्षा के लिए धर्म और मजहब की दीवारें टूट गईं। क्या हिंदू और क्या मुसलमान, सभी डिब्बों में फंसे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को निकालने में जुट गए। आसपास के घरों से पलंग, चारपाई, फोल्डिंग पर लादकर घायलों को एंबुलेंस तक पहुंचाया गया। अहमदनगर के रिजवान और मुसर्रफ बताते हैं कि धड़धड़ाहट के साथ उत्कल एक्सप्रेस बेपटरी हुई तो पहले लोग डर गए, जैसे ही दुर्घटना का पता चला हर कोई पटरी की ओर दौड़ने लगा। डिब्बों से चीख आ रही थीं। मदद के लिए कोई सरकारी अमला नहीं पहुंचा था। ऐसे हालात में टोली बनाकर डब्बों से यात्रियों को बचाने का हौसला आ गया। सभी ने मोबाइल पर कॉल कर साथियों को बुला लिया। भीड़ से घायलों को बचाने के लिए रास्तों पर युवकों ने खुद ही बैरिकेडिंग कर दी। घायल सीधे एंबुलेंस तक पहुंचें, इसके लिए मददगारों ने खुद ही रास्ते बना दिए। सलीम, इकराम और जुबेर बताते हैं कि एक स्लिपर कोच से 30 से ज्यादा घायलों को निकाला गया। इस डब्बे में छह से ज्यादा यात्रियों की मौत हो गई थी। इरशाद के मुताबिक जब तक एंबुलेंस नहीं आई, घायलों को चारपाई पर ही लिटाए रखा गया। बड़ी संख्या में साधू पुरी से हरिद्वार जाते हैं। मुसलिमों ने साधु-संतों को एक एक कर डब्बे से बाहर निकाला और पेड़ की छांव में बैठाया।
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नगर के मिस्त्री मैकेनिक भी डब्बों को काटने के लिए अपने औजार लेकर पहुंच गए। डब्बों को काटकर बड़ी संख्या में यात्रियों को बचाया गया है। जैसे-जैसे खबर आसपास के गांव में फैली, वहां से भी युवा फरिश्ते बनकर खतौली तहसील के पास पहुंच गए। घायल संत हरिदास और विवेकानंद ने बताया कि तेज धमाके की आवाज के बाद डब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए। कुछ समझ नहीं आया कि क्या हो गया है। जान बचाने के लिए गुहार मची थी। ऐसे में मुस्लिम बस्ती से दौड़े आए युवकों ने हमें बचाया। एंटी करप्शन एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंघल के नेतृत्व में युवाओं की टीम ने घटनास्थल पर उत्कल के रेल यात्रियों की हरसंभव की मदद की। गंभीर रूप से घायल लोगों के सामान की सुरक्षा की गई। जिला अस्पताल में भर्ती घायलों और तिमारदारों को खाद्य सामग्री वितरित की।
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मंत्री-विधायक ने कराई एंबुलेंस की व्यवस्था
मुजफ्फरनगर। रेल हादसे के बाद बचाव कार्य में भाजपा की पूरी टीम जुटी रही। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान और भाजपा विधायक कपिलदेव अग्रवाल ने खतौली और शहर में पीड़ितों की हरसंभव मदद के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। पोस्टमार्टम हाउस पर एंबुलेंस की दिक्कत हुई तो मंत्री ने सीएमओ से बात कर कई एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। बेगराजपुर मेडिकल कालेज और खतौली में घटनास्थल पर भी पहुंचकर भाजपा नेताओं ने बचाव कार्यों का जायजा लिया। सीएमएस और सीएमओ को चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। बालियान के साथ चरथावल विधायक विजय कश्यप, उमेश मलिक, विक्रम सैनी आदि रहे। मामूली रूप से घायलों को उनके घर भेजने के लिए रोडवेज बसों की व्यवस्था भी कराई गई। एमएलए अग्रवाल ने बताया कि डीआरएम ने बंद रेलमार्ग देर रात तक खुलवाने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा अनेक सामाजिक संस्थाएं जुटी रहीं। समाजसेवी भीमसेन कंसल, अनिल टीटू ने भोजन और जलपान की व्यवस्था कराई। समर्पित युवा संगठन, परमधाम, हिंदू और मुस्लिम संगठनों के साथ आरएसएस के पदाधिकारियों ने पीड़ित रेल यात्रियों की मदद की।