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व्हाट्सएप ग्रुप पर लीक होती है छापे की सूचना
Updated Fri, 15 Sep 2017 01:16 AM IST
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क्लीनिकों पर ताले लगाकर झोलाछाप भागे
मुजफ्फरनगर। पुरकाजी, छपार में झोलाछाप चिकित्सकों पर छापामारी की सूचना टीम के पहुंचने से पहले ही लीक हो गई। इस पर कथित चिकित्सक क्लीनिकों पर तालाबंदी कर फरार हो गए। विभागीय टीम बंद पड़े क्लीनिकों के नाम-पते नोट कर लौट आई।
जिलेभर में झोलाछाप, नीम-हकीम, वैद्यों की सूची बनाई गई। विभाग के रिकार्ड में दो हजार से अधिक फर्जी चिकित्सक सामने आए हैं। चरथावल, छपार और पुरकाजी विभाग के रडार पर हैं। आयुर्वेदिक रिकार्ड में भी यहां कम ही चिकित्सक पंजीकृत हैं। अन्य सभी अवैध रूप से नीम-हकीम बने बैठे हैं। बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने पुरकाजी, छपार क्षेत्र में झोलाछापों पर कार्रवाई के लिए टीम भेजी थी। यहां टीम गोपनीय रूप से गई जरूर, मगर कार्रवाई में खाली हाथ लौट आई। टीम के क्षेत्रों में घुसते ही छापेमारी की सूचना लीक हो गई। इसकी जांच हुई तो पता चला कि झोलाछाप चिकित्सकों ने खुद का व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा है, जिस पर विभाग के पल-पल रवैये और कार्रवाई की जानकारी एक-दूसरे को दी जा रही है। अब विभाग इस ग्रुप और उसके एडमिन की तलाश में है। पुरकाजी और छपार में आयुर्वेदिक विंग में ही एक भी चिकित्सक पंजीकृत नहीं है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि अवैध चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए छापेमारी की योजना बना ली गई है। जल्द ही एक साथ कई टीमों को लगाकर जिलेभर में अभियान चलाया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। पुरकाजी, छपार में झोलाछाप चिकित्सकों पर छापामारी की सूचना टीम के पहुंचने से पहले ही लीक हो गई। इस पर कथित चिकित्सक क्लीनिकों पर तालाबंदी कर फरार हो गए। विभागीय टीम बंद पड़े क्लीनिकों के नाम-पते नोट कर लौट आई।
जिलेभर में झोलाछाप, नीम-हकीम, वैद्यों की सूची बनाई गई। विभाग के रिकार्ड में दो हजार से अधिक फर्जी चिकित्सक सामने आए हैं। चरथावल, छपार और पुरकाजी विभाग के रडार पर हैं। आयुर्वेदिक रिकार्ड में भी यहां कम ही चिकित्सक पंजीकृत हैं। अन्य सभी अवैध रूप से नीम-हकीम बने बैठे हैं। बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने पुरकाजी, छपार क्षेत्र में झोलाछापों पर कार्रवाई के लिए टीम भेजी थी। यहां टीम गोपनीय रूप से गई जरूर, मगर कार्रवाई में खाली हाथ लौट आई। टीम के क्षेत्रों में घुसते ही छापेमारी की सूचना लीक हो गई। इसकी जांच हुई तो पता चला कि झोलाछाप चिकित्सकों ने खुद का व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा है, जिस पर विभाग के पल-पल रवैये और कार्रवाई की जानकारी एक-दूसरे को दी जा रही है। अब विभाग इस ग्रुप और उसके एडमिन की तलाश में है। पुरकाजी और छपार में आयुर्वेदिक विंग में ही एक भी चिकित्सक पंजीकृत नहीं है। सीएमओ डॉ पीएस मिश्रा ने बताया कि अवैध चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए छापेमारी की योजना बना ली गई है। जल्द ही एक साथ कई टीमों को लगाकर जिलेभर में अभियान चलाया जाएगा।
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