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नैतिक मूल्यों से ही चरित्र निर्माण संभव: ओमानंद
Updated Mon, 11 Dec 2017 12:18 AM IST
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नैतिक मूल्यों से ही चरित्र निर्माण संभव : ओमानंद
मुजफ्फरनगर। भागवत पीठ शुकदेव आश्रम शुक्रताल के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि नैतिक मूल्यों की शिक्षा से राष्ट्र के चरित्र का निर्माण होता है। सुशिक्षित बेटियों से देश का भविष्य संवरेगा।
गुरु विरजानंद इंटर कॉलेज रामपुर में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि नैतिक शिक्षा से व्यक्तित्व का निर्माण होता है। उच्च शिक्षा के साथ जीवन में नैतिक मूल्यों को आत्मसात करें, तभी देश के चरित्र का निर्माण होगा। विद्यार्थी सत्यनिष्ठा, कर्तव्य परायण, परिश्रम, देश भक्ति, अनुशासन और ईमानदारी जैसे सद्गुणों को धारण करें। राष्ट्र और समाज के प्रति प्रत्येक व्यक्ति को अपना दायित्व निष्ठा से पूरा करना चाहिए। शिक्षकों की राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका है। समाज की उन्नत व्यवस्था के लिए कन्या शिक्षा अहम है। बेटियां सुशिक्षित बनेगी, तभी समाज और राष्ट्र का उत्थान संभव है। स्वामी ओमानंद सरस्वती ने संस्था के छात्र-छात्राओं को ऊनी वस्त्र वितरित किए। प्रधानाचार्य बारुराम शर्मा ने सभी का आभार जताया।
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मुजफ्फरनगर। भागवत पीठ शुकदेव आश्रम शुक्रताल के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि नैतिक मूल्यों की शिक्षा से राष्ट्र के चरित्र का निर्माण होता है। सुशिक्षित बेटियों से देश का भविष्य संवरेगा।
गुरु विरजानंद इंटर कॉलेज रामपुर में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी ओमानंद सरस्वती ने कहा कि नैतिक शिक्षा से व्यक्तित्व का निर्माण होता है। उच्च शिक्षा के साथ जीवन में नैतिक मूल्यों को आत्मसात करें, तभी देश के चरित्र का निर्माण होगा। विद्यार्थी सत्यनिष्ठा, कर्तव्य परायण, परिश्रम, देश भक्ति, अनुशासन और ईमानदारी जैसे सद्गुणों को धारण करें। राष्ट्र और समाज के प्रति प्रत्येक व्यक्ति को अपना दायित्व निष्ठा से पूरा करना चाहिए। शिक्षकों की राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका है। समाज की उन्नत व्यवस्था के लिए कन्या शिक्षा अहम है। बेटियां सुशिक्षित बनेगी, तभी समाज और राष्ट्र का उत्थान संभव है। स्वामी ओमानंद सरस्वती ने संस्था के छात्र-छात्राओं को ऊनी वस्त्र वितरित किए। प्रधानाचार्य बारुराम शर्मा ने सभी का आभार जताया।
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