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मायके से रुपये नहीं लाने पर शौहर ने दिया तलाक
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देवबंद (सहारनपुर)। कारोबार करने के लिए मायके से बीवी तीन लाख रुपये नहीं लाई तो शौहर ने तीन बार तलाक कहकर उससे दो वर्ष पुराना रिश्ता खत्म कर लिया। परिजनों के साथ कोतवाली पहुंची तलाक पीड़िता ने पुलिस से कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। पुलिस ने इस मामले में पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सुप्रीम कोर्ट ने भले ही एक साथ तीन तलाक बोलने को प्रतिबंधित कर दिया हो और उलमा ने इसे समाज के लिए कलंक बताया हो, लेकिन उसके बावजूद भी तीन तलाक दिए जाने के मामले रुक नहीं रहे हैं। ताजा मामला देवबंद के मोहल्ला खानकाह की रोशन कॉलोनी में रहने वाली नजमा का है। जिसे उसके शौहर सलीम ने महज इसलिए तीन तलाक दे दिया, क्योंकि वह उसकी मांग के मुताबिक कारोबार करने के लिए मायके से तीन लाख रुपये लेकर नहीं आई थी। परिजनों के साथ कोतवाली पहुंची नजमा ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व उसका निकाह दारुल उलूम वक्फ स्थित कालोनी निवासी सलीम के साथ हुआ था। आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही शौहर कम दहेज के लिए उसे परेशान करने लगा और कई बार उसके साथ मारपीट भी की गई। नजमा के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से वह उस पर कारोबार करने के लिए मायके से तीन लाख रुपये लेकर आने का दबाव बना रहा था। शुक्रवार की दोपहर उसने फिर से उससे मायके से पैसे लेकर आने को कहा। आरोप है कि जब उसने परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इससे इंकार किया तो पति ने उसके साथ मारपीट शुरु कर दी और मिट्टी तेल डालकर उसे जलाने का प्रयास किया। जान बचाकर घर से बाहर भागकर सड़क पर पहुंची तो शौहर ने वहीं पर उसे तीन बार तलाक कह दिया। नजमा के पिता मो. आकिल ने बताया कि सलीम अपनी दो माह की बेटी के साथ भी मारपीट करता है। कई बार उसे समझाया गया, लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। इस मामले में आकिल ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
मामले की जांच के बाद होगी कार्रवाई: सीओ
देवबंद। सीओ अजेय शर्मा का कहना है कि नजमा नाम की महिला ने शौहर के उत्पीड़न के खिलाफ तहरीर दी है। आरोप लगाया है कि शौहर को मायके से रुपये नहीं मिले तो उसने तलाक दे दिया। मामले में पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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सुप्रीम कोर्ट ने भले ही एक साथ तीन तलाक बोलने को प्रतिबंधित कर दिया हो और उलमा ने इसे समाज के लिए कलंक बताया हो, लेकिन उसके बावजूद भी तीन तलाक दिए जाने के मामले रुक नहीं रहे हैं। ताजा मामला देवबंद के मोहल्ला खानकाह की रोशन कॉलोनी में रहने वाली नजमा का है। जिसे उसके शौहर सलीम ने महज इसलिए तीन तलाक दे दिया, क्योंकि वह उसकी मांग के मुताबिक कारोबार करने के लिए मायके से तीन लाख रुपये लेकर नहीं आई थी। परिजनों के साथ कोतवाली पहुंची नजमा ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व उसका निकाह दारुल उलूम वक्फ स्थित कालोनी निवासी सलीम के साथ हुआ था। आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही शौहर कम दहेज के लिए उसे परेशान करने लगा और कई बार उसके साथ मारपीट भी की गई। नजमा के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से वह उस पर कारोबार करने के लिए मायके से तीन लाख रुपये लेकर आने का दबाव बना रहा था। शुक्रवार की दोपहर उसने फिर से उससे मायके से पैसे लेकर आने को कहा। आरोप है कि जब उसने परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इससे इंकार किया तो पति ने उसके साथ मारपीट शुरु कर दी और मिट्टी तेल डालकर उसे जलाने का प्रयास किया। जान बचाकर घर से बाहर भागकर सड़क पर पहुंची तो शौहर ने वहीं पर उसे तीन बार तलाक कह दिया। नजमा के पिता मो. आकिल ने बताया कि सलीम अपनी दो माह की बेटी के साथ भी मारपीट करता है। कई बार उसे समझाया गया, लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। इस मामले में आकिल ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
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मामले की जांच के बाद होगी कार्रवाई: सीओ
देवबंद। सीओ अजेय शर्मा का कहना है कि नजमा नाम की महिला ने शौहर के उत्पीड़न के खिलाफ तहरीर दी है। आरोप लगाया है कि शौहर को मायके से रुपये नहीं मिले तो उसने तलाक दे दिया। मामले में पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
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