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गन्ने की फसल में कम करें रसायनों का उपयोग
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प्रगतिशीत गन्ना किसानों को किया गया सम्मानित
शाहपुर। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से गन्ने की फसल में कम रसायनिक उर्वरक का प्रयोग करने का आह्वान किया। गोष्ठी में प्रगतिशील दस गन्ना किसानों को सम्मानित भी किया गया।
कस्बे में वसंतकालीन गन्ना बुआई से अधिक उत्पादन प्राप्त करने हेतु सुझाव व सावधानियों को लेकर आयोजित कृषि गोष्ठी में किसानों को गन्ने के अच्छे उत्पादन के तरीके बताए गए। वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने कहा कि गन्ने की फसल में किसान अधिक कीटनाशक व रसायनिक उर्वरकों का प्रयोग कर रहे हैं, जो हानिकारक है। उन्होंने किसानों से गन्ने की फसल में कम रसायनिक उर्वरकों का प्रयोग करने का आह्वान किया। कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि जिस खेत में गन्ने की बुआई करनी हो पहले खेत को तैयार कर पांच किलोग्राम यूरिया डालकर उसमें पानी का छिड़काव करें। उसके बाद बुआई के समय प्रति एकड़ में एसएसपी दो बैग, पोटाश एक बैग व जिंक 12 किग्रा की दर से डालने के बाद गन्ने की बुआई करें। उन्होंने बताया कि फसल में जलभराव न कर हल्की सिंचाई करें तथा 60 , 90 व 120 दिनों के अंतराल पर कूड़ों पर मिट्टी का जमाव करें, जिससे गन्ना न गिरे। गोष्ठी में मंसूरपुर गन्ना मिल के मुख्य गन्ना प्रबंधक सोमप्रकाश, जोनल मैनेजर मुनेश चौधरी, नरेश बालियान आदि ने क्षेत्र के दस प्रगतिशील किसान सतीश सैनी , नीशू त्यागी, नौशाद खान, राजपाल, राकेश, उमेश, संजय बिजेंद्र आदि को सम्मानित किया। गांव रसूलपुर जाटान के ग्राम प्रधान पति नरेश बालियान ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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शाहपुर। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से गन्ने की फसल में कम रसायनिक उर्वरक का प्रयोग करने का आह्वान किया। गोष्ठी में प्रगतिशील दस गन्ना किसानों को सम्मानित भी किया गया।
कस्बे में वसंतकालीन गन्ना बुआई से अधिक उत्पादन प्राप्त करने हेतु सुझाव व सावधानियों को लेकर आयोजित कृषि गोष्ठी में किसानों को गन्ने के अच्छे उत्पादन के तरीके बताए गए। वैज्ञानिक डॉ. विकास मलिक ने कहा कि गन्ने की फसल में किसान अधिक कीटनाशक व रसायनिक उर्वरकों का प्रयोग कर रहे हैं, जो हानिकारक है। उन्होंने किसानों से गन्ने की फसल में कम रसायनिक उर्वरकों का प्रयोग करने का आह्वान किया। कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि जिस खेत में गन्ने की बुआई करनी हो पहले खेत को तैयार कर पांच किलोग्राम यूरिया डालकर उसमें पानी का छिड़काव करें। उसके बाद बुआई के समय प्रति एकड़ में एसएसपी दो बैग, पोटाश एक बैग व जिंक 12 किग्रा की दर से डालने के बाद गन्ने की बुआई करें। उन्होंने बताया कि फसल में जलभराव न कर हल्की सिंचाई करें तथा 60 , 90 व 120 दिनों के अंतराल पर कूड़ों पर मिट्टी का जमाव करें, जिससे गन्ना न गिरे। गोष्ठी में मंसूरपुर गन्ना मिल के मुख्य गन्ना प्रबंधक सोमप्रकाश, जोनल मैनेजर मुनेश चौधरी, नरेश बालियान आदि ने क्षेत्र के दस प्रगतिशील किसान सतीश सैनी , नीशू त्यागी, नौशाद खान, राजपाल, राकेश, उमेश, संजय बिजेंद्र आदि को सम्मानित किया। गांव रसूलपुर जाटान के ग्राम प्रधान पति नरेश बालियान ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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