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लिंटर घोलने के लिए पिया था जहरीली शराब का जाम

Sun, 10 Feb 2019 12:59 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 10 Feb 2019 12:59 AM IST
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लिंटर घोलने के लिए पिया था जहरीली शराब का जाम
देवबंद (सहारनपुर)। खेड़ामुगल में मौत का जाम पीने वाले मंगल, माठा और सुरेशपाल को गांव के एक घर में लिंटर घोलने के लिए मजदूरी पर जाना था। लेकिन उनके लिए यह जाम आखिरी साबित हुआ।
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उन्हें नहीं पता था कि थकान महसूस न होने के लिए वो जिस शराब के जाम को पी रहे हैं वो उन्हें ऐसी गहरी नींद में सुला देगा कि फिर कभी उन्हें थकान का अहसास ही नहीं होगा। दरअसल खेड़ामुगल गांव में एक घर में निर्माण कार्य चल रहा है। रात्रि में उसका लिंटर डलना था और माठा, सुरेशपाल व मंगल को वहां मजदूरी करने के लिए जाना था। तीनों ने काम के दौरान थकान महसूस न हो उसके लिए बालूपुर गांव से शराब लाकर बेचने वाले किसी व्यक्ति से जहरीली शराब का जाम खरीदा था। उसे पीने के कुछ समय बाद ही उनकी हालत बिगड़ गई। जबकि चौथा मृतक सहेंद्र पैर में गांठ पड़ने के कारण मजदूरी करने में असमर्थ था, लेकिन उसने तीनों लोगों के साथ बैठकर शराब पी।
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मृतक सहेंद्र की पत्नी कुसुम उठा रही है घर का खर्च
देवबंद। मृतक सहेंद्र के तीन बेटे और एक शादी लायक बेटी है। वह मजदूरी आदि करके परिवार का पालन पोषण कर रहा था। लेकिन काफी दिन पहले उसके पैर में गांठ पड़ गई और वह काम करने में असमर्थ हो गया। जिसके बाद उसकी पत्नी कुसुम घास आदि काटकर परिवार का खर्च उठा रही है। जबकि उसके बेटे भी मजदूरी करते हैं।
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-- बेटी की शादी धूमधाम से करने की बात कहता था मृतक मंगल
देवबंद। मृतक मंगल सब्जी बेचकर परिवार को खर्च उठा रहा था। इसके साथ ही वह मजदूरी करने के लिए भी चला जाता था। घर में सबसे छोटी बेटी है जिसे मंगल बहुत प्यार करता था और अकसर कहता था कि इसकी शादी धूमधाम से करेगा। लेकिन मौत ने उसकी यह ख्वाहिश पूरी ही नहीं होने दी।

-- नहीं जले चूल्हे, पड़ोसियों ने ही खिलाया खाना
देवबंद। खेड़ामुगल में जहरीली शराब का जाम पीने से हुई चार मौतों के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। गांव की गलियों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। लेकिन इन सब में सबसे बुरा हाल उन चार परिवारों का है जिनके मुखिया चल बसे। चारों घरों में शनिवार को चूल्हे ठंडे पड़े रहे। जब छोटे बच्चों ने रोती बिलखती अपनी माताओं से भूख लगने की बात कही तो आस पड़ोस के लोगों ने उन्हें खाना लाकर खिलाया।
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