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कूड़ाघर में तब्दील हुए उपकेंद्र
Updated Sat, 09 Jun 2018 12:24 AM IST
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मोरना। सरकार के स्वच्छ भारत अभियान व बेहाल स्वास्थ्य सेवाओं की पोल कूड़े के ढेर में तब्दील हो रहे उपकेंद्र अपने उजड़ने की दास्तान स्वयं ही बयां कर रहे हैं। स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवा दोनों को सफल बनाने के सरकारी दावे दम तोड़ चुके हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में बने उपकेंद्रों की हालत में सुधार कर उन पर कर्मचारियों की तैनाती की मांग की है।
मोरना ब्लाक क्षेत्र के ग्राम करहेड़ा, जौली, गादला, मजलिसपुर तौफीर, चौरावाला, बेहड़ा सादात आदि स्थानों पर बने उपकेंद्रों पर गोबर व कूड़े के बड़े ढेर लगे हुए हैं। जनता के कमाई से तैयार वर्षों पुराने भवन अपने जीर्णोद्धार की बांटजोह रहे हैं। वहीं ककरौली व तेवड़ा, तिस्सा में भी स्टाफ की कमी के चलते स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं बेहाल हैं। बीस हजार की आबादी वाली नगर पंचायत भोकरहेड़ी स्थित एडिशनल पीएचसी पर तैनात एक मात्र डॉक्टर कभी कभार ही समय पर आते हैं। वहीं, भोपा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भारी स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतें आए दिन मिलती रहती हैं। क्षेत्र में दम तोड़ रही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नागरिकों ने चिंता प्रकट करते हुए प्रशासन से मोरना क्षेत्र में बेहाल स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करने की मांग पुन: दोहराई है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी बीके ओझा ने बताया कि फिलहाल स्टाफ की कमी है। उच्चाधिकारियों से बात कर समस्याओं का निवारण कराया जाएगा।
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मोरना ब्लाक क्षेत्र के ग्राम करहेड़ा, जौली, गादला, मजलिसपुर तौफीर, चौरावाला, बेहड़ा सादात आदि स्थानों पर बने उपकेंद्रों पर गोबर व कूड़े के बड़े ढेर लगे हुए हैं। जनता के कमाई से तैयार वर्षों पुराने भवन अपने जीर्णोद्धार की बांटजोह रहे हैं। वहीं ककरौली व तेवड़ा, तिस्सा में भी स्टाफ की कमी के चलते स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं बेहाल हैं। बीस हजार की आबादी वाली नगर पंचायत भोकरहेड़ी स्थित एडिशनल पीएचसी पर तैनात एक मात्र डॉक्टर कभी कभार ही समय पर आते हैं। वहीं, भोपा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भारी स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतें आए दिन मिलती रहती हैं। क्षेत्र में दम तोड़ रही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नागरिकों ने चिंता प्रकट करते हुए प्रशासन से मोरना क्षेत्र में बेहाल स्वास्थ्य सेवाओं को बहाल करने की मांग पुन: दोहराई है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी बीके ओझा ने बताया कि फिलहाल स्टाफ की कमी है। उच्चाधिकारियों से बात कर समस्याओं का निवारण कराया जाएगा।
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