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सुखों का महासागर है भागवत कथा
Updated Sun, 07 Jan 2018 12:50 AM IST
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मोरना। प्राचीन तीर्थनगरी स्थित शुकदेव आश्रम में चल रही भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा हाल को रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया। कथा श्रवण कर रहे भक्तों ने भगवान के अवतरण पर ढोल मजीरों के साथ नृत्य किया।
गुजरात राज्य के दामोदर बंशी परिवार द्वारा भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के रतलाम से आए कथावाचक पंडित नरेंद्र शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि भगवान के जन्म पर संपूर्ण ब्रह्मांड में खुशी मनाई गई। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन आनंद की अनुभूति कराता है। भागवत कथा सुखों का महासागर है। शुकतीर्थ में भागवत कथा श्रवण का बड़ा महत्व है। देवस्थान पर भागवत श्रवण से पापों से मुक्ति मिलती है तथा अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है। मन की चंचलता व आत्मा पर सांसारिक भार भागवत कथा के श्रवण से दूर हो जाता है। भागवत पुण्य का प्रवाह है, जिसमें दुख बह जाते हैं। इस अवसर पर राजेश परिहार, राजेंद्र चौहान, बाल मुकंद चावड़ा, रमेश सिसौदिया, बद्रीलाल परिहार, बंदी राम परमार, कलाबाई राठौर, शांति परमार, रेखा सोलंकी, अचल कृष्ण शास्त्री, श्याम आदि उपस्थित रहे।
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गुजरात राज्य के दामोदर बंशी परिवार द्वारा भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के रतलाम से आए कथावाचक पंडित नरेंद्र शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि भगवान के जन्म पर संपूर्ण ब्रह्मांड में खुशी मनाई गई। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन आनंद की अनुभूति कराता है। भागवत कथा सुखों का महासागर है। शुकतीर्थ में भागवत कथा श्रवण का बड़ा महत्व है। देवस्थान पर भागवत श्रवण से पापों से मुक्ति मिलती है तथा अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है। मन की चंचलता व आत्मा पर सांसारिक भार भागवत कथा के श्रवण से दूर हो जाता है। भागवत पुण्य का प्रवाह है, जिसमें दुख बह जाते हैं। इस अवसर पर राजेश परिहार, राजेंद्र चौहान, बाल मुकंद चावड़ा, रमेश सिसौदिया, बद्रीलाल परिहार, बंदी राम परमार, कलाबाई राठौर, शांति परमार, रेखा सोलंकी, अचल कृष्ण शास्त्री, श्याम आदि उपस्थित रहे।
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