{"_id":"5c8565eabdec22141a4a0ade","slug":"181552246250-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम की संस्तुति पर हटाए गए डीआईओएस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम की संस्तुति पर हटाए गए डीआईओएस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएम की संस्तुति पर हटाए गए डीआईओएस
मुजफ्फरनगर। बोर्ड परीक्षा में जनता इंटर कॉलेज बाढ़ के एग्जाम सेंटर पर सामूहिक नकल मामले में डीआईओएस प्रवीण मिश्रा को हटा दिया गया है। एसटीएफ ने 22 फरवरी को इंटरमीडिएट के फिजिक्स के पेपर में छापे की कार्रवाई कर गैर राज्य और गैर बोर्ड के व्यक्तिगत छात्र-छात्राओं को बोल-बोलकर नकल कराने का खुलासा किया था। परीक्षा केंद्र बनाने में शासनादेशों की अनदेखी किए जाने पर शासन ने डीआईओएस का प्रयागराज तबादला कर दिया है।
प्रदेश में सबसे ज्यादा व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के फार्म जिले में भरे गए थे। जीआईसी रोनी हरजीपुर और मुथरा से हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट के 690 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा की सख्ती पर एसटीएफ ने चरथावल ब्लाक के गांव बाढ़ स्थित जनता इंटर कॉलेज में सामूहिक नकल कराने का पर्दाफाश किया था। केंद्र व्यवस्थापक एवं प्रधानाचार्य योगेंद्र पाल सिंह और नकल माफिया कमर इंतखाब और उसके भाई अशहर नसीम उर्फ अख्तर सहित 17 आरोपी हिरासत में लिए गए थे। सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं। गैर राज्य और गैर बोर्ड के अभ्यर्थियों का सेंटर शहर मुख्यालय से 35 किमी दूर जंगल में बनाने के फैसले में डीआईओएस की भूमिका संदेह के घेरे में मानी गई। डीएम अजय शंकर पांडेय ने मामले में जांच सीडीओ को सौंप दी। बोर्ड परीक्षा नियमों के मुताबिक गैर राज्य और गैर बोर्ड के विद्यार्थियों का एग्जाम सेंटर मुख्यालय पर बनाया जाना था। नकल माफिया के इशारे पर उनके मन मुताबिक जनता इंटर कॉलेज बाढ़ को परीक्षा केंद्र बना दिया गया। जहां नकल कराते फर्जी कक्ष निरीक्षक और सॉल्वर एसटीएफ ने मौके से पकड़े। डीआईओएस की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए सीडीओ अर्चना वर्मा ने डीएम को अपनी रिपोर्ट दी। शुक्रवार को डीएम ने डीआईओएस के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर अपनी रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी थी। तत्काल कार्रवाई करते हुए शासन ने डीआईओएस प्रवीण मिश्रा को हटा दिया है। उन्हें प्रयागराज में सहायक शिक्षा निदेशक, अर्थ एवं बीमा कार्य बनाया गया है। बताते चले कि खुड्डा गांव के डॉ जाकिर हुसैन मेमोरियल इंटर कॉलेज के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य कमर इंतखाब बीते डेढ़ दशक से यूपी बोर्ड परीक्षाओं में ठेके पर नकल कराने के धंधे से जुड़ा है।
विवादों में घिरे रहे प्रवीण मिश्रा
मुजफ्फरनगर। डीआईओएस प्रवीण मिश्रा अपने कार्यकाल में विवादों से घिरे रहे। चार जनवरी को स्कूल की मान्यता कराने के बदले डीआईओएस के स्टेनो को मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने दो लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। छपार थाना क्षेत्र के गांव खामपुर स्थित यूनिक हाई स्कूल के प्रबंधक मौहम्मद शाहबाज खान की शिकायत पर लिपिक सुनील शर्मा को जेल जाना पड़ा। योगी सरकार की सख्ती और निर्देशों के बावजूद नकल माफिया के इशारे पर प्राइवेट छात्र-छात्राओं का सेंटर गांव बाढ़ में बना दिया गया, जो शामली जिले के थानाभवन के कस्बे के निकट है। परीक्षा सेंटर नकल माफिया कमर इंतखाब के हवाले था। फर्जी कक्ष निरीक्षकों को ड्यूटी कार्ड तक जारी किए गए थे। रिटायरमेंट के बाद शिक्षकों की पेंशन, ग्रेच्यूटी, मृतक आश्रित नौकरी आदि मामलों में भी डीआईओएस दफ्तर की कार्य प्रणाली विवादित रही। बोर्ड परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन को लेकर भी इस्लामिया इंटर कॉलेज में डीआईओएस और शिक्षकों की बहस बाजी हुई।
विज्ञापन
निशा अस्थाना होंगी नई डीआईओएस
मुजफ्फरनगर। जिला विद्यालय निरीक्षक के पद पर निशा अस्थाना को भेजा गया है। फिलहाल वह गाजियाबाद के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में उप प्राचार्या के पद पर तैनात थीं।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। बोर्ड परीक्षा में जनता इंटर कॉलेज बाढ़ के एग्जाम सेंटर पर सामूहिक नकल मामले में डीआईओएस प्रवीण मिश्रा को हटा दिया गया है। एसटीएफ ने 22 फरवरी को इंटरमीडिएट के फिजिक्स के पेपर में छापे की कार्रवाई कर गैर राज्य और गैर बोर्ड के व्यक्तिगत छात्र-छात्राओं को बोल-बोलकर नकल कराने का खुलासा किया था। परीक्षा केंद्र बनाने में शासनादेशों की अनदेखी किए जाने पर शासन ने डीआईओएस का प्रयागराज तबादला कर दिया है।
प्रदेश में सबसे ज्यादा व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के फार्म जिले में भरे गए थे। जीआईसी रोनी हरजीपुर और मुथरा से हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट के 690 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा की सख्ती पर एसटीएफ ने चरथावल ब्लाक के गांव बाढ़ स्थित जनता इंटर कॉलेज में सामूहिक नकल कराने का पर्दाफाश किया था। केंद्र व्यवस्थापक एवं प्रधानाचार्य योगेंद्र पाल सिंह और नकल माफिया कमर इंतखाब और उसके भाई अशहर नसीम उर्फ अख्तर सहित 17 आरोपी हिरासत में लिए गए थे। सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं। गैर राज्य और गैर बोर्ड के अभ्यर्थियों का सेंटर शहर मुख्यालय से 35 किमी दूर जंगल में बनाने के फैसले में डीआईओएस की भूमिका संदेह के घेरे में मानी गई। डीएम अजय शंकर पांडेय ने मामले में जांच सीडीओ को सौंप दी। बोर्ड परीक्षा नियमों के मुताबिक गैर राज्य और गैर बोर्ड के विद्यार्थियों का एग्जाम सेंटर मुख्यालय पर बनाया जाना था। नकल माफिया के इशारे पर उनके मन मुताबिक जनता इंटर कॉलेज बाढ़ को परीक्षा केंद्र बना दिया गया। जहां नकल कराते फर्जी कक्ष निरीक्षक और सॉल्वर एसटीएफ ने मौके से पकड़े। डीआईओएस की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए सीडीओ अर्चना वर्मा ने डीएम को अपनी रिपोर्ट दी। शुक्रवार को डीएम ने डीआईओएस के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर अपनी रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी थी। तत्काल कार्रवाई करते हुए शासन ने डीआईओएस प्रवीण मिश्रा को हटा दिया है। उन्हें प्रयागराज में सहायक शिक्षा निदेशक, अर्थ एवं बीमा कार्य बनाया गया है। बताते चले कि खुड्डा गांव के डॉ जाकिर हुसैन मेमोरियल इंटर कॉलेज के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य कमर इंतखाब बीते डेढ़ दशक से यूपी बोर्ड परीक्षाओं में ठेके पर नकल कराने के धंधे से जुड़ा है।
विज्ञापन
विवादों में घिरे रहे प्रवीण मिश्रा
मुजफ्फरनगर। डीआईओएस प्रवीण मिश्रा अपने कार्यकाल में विवादों से घिरे रहे। चार जनवरी को स्कूल की मान्यता कराने के बदले डीआईओएस के स्टेनो को मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने दो लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। छपार थाना क्षेत्र के गांव खामपुर स्थित यूनिक हाई स्कूल के प्रबंधक मौहम्मद शाहबाज खान की शिकायत पर लिपिक सुनील शर्मा को जेल जाना पड़ा। योगी सरकार की सख्ती और निर्देशों के बावजूद नकल माफिया के इशारे पर प्राइवेट छात्र-छात्राओं का सेंटर गांव बाढ़ में बना दिया गया, जो शामली जिले के थानाभवन के कस्बे के निकट है। परीक्षा सेंटर नकल माफिया कमर इंतखाब के हवाले था। फर्जी कक्ष निरीक्षकों को ड्यूटी कार्ड तक जारी किए गए थे। रिटायरमेंट के बाद शिक्षकों की पेंशन, ग्रेच्यूटी, मृतक आश्रित नौकरी आदि मामलों में भी डीआईओएस दफ्तर की कार्य प्रणाली विवादित रही। बोर्ड परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन को लेकर भी इस्लामिया इंटर कॉलेज में डीआईओएस और शिक्षकों की बहस बाजी हुई।
विज्ञापन
निशा अस्थाना होंगी नई डीआईओएस
मुजफ्फरनगर। जिला विद्यालय निरीक्षक के पद पर निशा अस्थाना को भेजा गया है। फिलहाल वह गाजियाबाद के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में उप प्राचार्या के पद पर तैनात थीं।