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वैदिक संस्कृति सिखाती है नैतिक मार्ग: गुरुदत
Updated Wed, 22 Nov 2017 12:58 AM IST
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मुजफ्फरनगर। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि वैदिक संस्कृति व्यक्ति को नैतिक मूल्यों का मार्ग दिखती है। वेदों में ज्ञान-विज्ञान का खजाना छिपा है।
शामली रोड स्थित ग्रीनलैंड मॉडर्न जूनियर हाईस्कूल में आयोजित वैदिक समारोह में आर्य विद्धान डॉ मोहर सिंह और भजनोपदेशक महाश्य अनूप सिंह आर्य का आचार्य गुरुदत्त आर्य ने अभिनंदन किया। दोनों को शाल और नकद राशि भेंट की गई। आर्य ने कहा कि संसार की सबसे प्राचीन वैदिक संस्कृति को जीवन में धारण करें। महर्षि दयानंद सरस्वती के उपदेशों से ही राष्ट्र और समाज का उत्थान होगा। समाज में विद्धानों और वैदिक प्रचारकों का सम्मान होने से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। दतियाना गांव से पधारे डॉ मोहर सिंह ने कहा कि भारत वेदों के ज्ञान-विज्ञान से सदैव विश्वगुरु रहा है। परिवारों में यज्ञ और वेदों की वाणी गूंजने से भावी पीढ़ी यशस्वी तथा चरित्रवान बनेगी। सौ वर्षीय भजनोपदेशक महाश्य अनूप सिंह ने कहा कि यज्ञ भारत की संस्कृति है। घर-घर में यज्ञ से संस्कार प्रवाहित होंगे, पर्यावरण शुद्ध बनेगा। प्रधानाचार्य सुरेंद्रपाल सिंह आर्य ने कहा कि जब तक देश में वैदिक संस्कृति का प्रचार होता रहा, तब तक समाज में कुरीतियां, बुराइयां नहीं पनपी थी। मौके पर आरपी शर्मा, आनंदपाल सिंह, योगेश्वर दयाल आर्य, पवन बालियान, मंगत सिंह आर्य, राजपाल आर्य, सत्यवीर पंवार, आचार्य रामकिशन सुमन, ओमप्रकाश वर्मा, अंकुर मान, रविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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शामली रोड स्थित ग्रीनलैंड मॉडर्न जूनियर हाईस्कूल में आयोजित वैदिक समारोह में आर्य विद्धान डॉ मोहर सिंह और भजनोपदेशक महाश्य अनूप सिंह आर्य का आचार्य गुरुदत्त आर्य ने अभिनंदन किया। दोनों को शाल और नकद राशि भेंट की गई। आर्य ने कहा कि संसार की सबसे प्राचीन वैदिक संस्कृति को जीवन में धारण करें। महर्षि दयानंद सरस्वती के उपदेशों से ही राष्ट्र और समाज का उत्थान होगा। समाज में विद्धानों और वैदिक प्रचारकों का सम्मान होने से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। दतियाना गांव से पधारे डॉ मोहर सिंह ने कहा कि भारत वेदों के ज्ञान-विज्ञान से सदैव विश्वगुरु रहा है। परिवारों में यज्ञ और वेदों की वाणी गूंजने से भावी पीढ़ी यशस्वी तथा चरित्रवान बनेगी। सौ वर्षीय भजनोपदेशक महाश्य अनूप सिंह ने कहा कि यज्ञ भारत की संस्कृति है। घर-घर में यज्ञ से संस्कार प्रवाहित होंगे, पर्यावरण शुद्ध बनेगा। प्रधानाचार्य सुरेंद्रपाल सिंह आर्य ने कहा कि जब तक देश में वैदिक संस्कृति का प्रचार होता रहा, तब तक समाज में कुरीतियां, बुराइयां नहीं पनपी थी। मौके पर आरपी शर्मा, आनंदपाल सिंह, योगेश्वर दयाल आर्य, पवन बालियान, मंगत सिंह आर्य, राजपाल आर्य, सत्यवीर पंवार, आचार्य रामकिशन सुमन, ओमप्रकाश वर्मा, अंकुर मान, रविंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।