{"_id":"5b85a06e42c79246435d7abd","slug":"171535484014-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मीरापुर पुलिस के खिलाफ दलितों का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मीरापुर पुलिस के खिलाफ दलितों का प्रदर्शन
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मीरापुर पुलिस के खिलाफ दलितों का प्रदर्शन
जानसठ। मीरापुर के गांव कुतुबपुर के दलितों ने तहसील में प्रदर्शन कर मीरापुर पुलिस पर आरोपी युवक को बचाने का आरोप लगाया। सीओ ने जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
मंगलवार को मीरापुर के गांव कुतुबपुर से दलित समाज के लोगों ने तहसील में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी दलितों ने मीरापुर पुलिस पर मुकदमे के आरोपी युवक को बचाने का आरोप लगाते हुए बताया कि दलित समाज के बाबूराम पुत्र मुख्त्यारे का गांव निवासी जाट समाज के बिरम सिंह से खेत की डोल का विवाद चल रहा है। पीड़ित द्वारा शिकायत करने पर पुलिस ने गांव में दोनों पक्षों की बैठक बुलाकर समझौता कराने का प्रयास किया। हालांकि दूसरे पक्ष ने पुलिस के सामने ही उसे देख लेने की धमकी दी। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और थाने लौट गई। 20 अगस्त को बाबूराम अपने खेत से पशुओं के लिए चारा लेने जा रहा था। इसी दौरान बिरम सिंह पुत्र चरण सिंह उसके पुत्र जितेंद्र, देवेंद्र, रामेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे रोक लिया और जातिसूचक शब्द कहते हुए लाठी डंडों से मारपीट करते हुए गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया। पीड़ित बाबू राम द्वारा तहरीर देने पर पुलिस ने मेडिकल कराकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस द्वारा मुकदमा में कोई भी कार्रवाई न करने पर आरोपी पक्षा के लोग अब पीड़ित को गांव छोडऩे के लिए मजबूर कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों में दयाराम, विशाल, रतन सिंह, बबलू, अतर सिंह, संजय, धर्मवीर व शीशपाल आदि शामिल थे। सीओ एसकेएस प्रताप ने दलितों को जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
जानसठ। मीरापुर के गांव कुतुबपुर के दलितों ने तहसील में प्रदर्शन कर मीरापुर पुलिस पर आरोपी युवक को बचाने का आरोप लगाया। सीओ ने जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
मंगलवार को मीरापुर के गांव कुतुबपुर से दलित समाज के लोगों ने तहसील में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी दलितों ने मीरापुर पुलिस पर मुकदमे के आरोपी युवक को बचाने का आरोप लगाते हुए बताया कि दलित समाज के बाबूराम पुत्र मुख्त्यारे का गांव निवासी जाट समाज के बिरम सिंह से खेत की डोल का विवाद चल रहा है। पीड़ित द्वारा शिकायत करने पर पुलिस ने गांव में दोनों पक्षों की बैठक बुलाकर समझौता कराने का प्रयास किया। हालांकि दूसरे पक्ष ने पुलिस के सामने ही उसे देख लेने की धमकी दी। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और थाने लौट गई। 20 अगस्त को बाबूराम अपने खेत से पशुओं के लिए चारा लेने जा रहा था। इसी दौरान बिरम सिंह पुत्र चरण सिंह उसके पुत्र जितेंद्र, देवेंद्र, रामेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे रोक लिया और जातिसूचक शब्द कहते हुए लाठी डंडों से मारपीट करते हुए गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया। पीड़ित बाबू राम द्वारा तहरीर देने पर पुलिस ने मेडिकल कराकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस द्वारा मुकदमा में कोई भी कार्रवाई न करने पर आरोपी पक्षा के लोग अब पीड़ित को गांव छोडऩे के लिए मजबूर कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों में दयाराम, विशाल, रतन सिंह, बबलू, अतर सिंह, संजय, धर्मवीर व शीशपाल आदि शामिल थे। सीओ एसकेएस प्रताप ने दलितों को जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन