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बाजार की उत्पादन नीति को समझें विद्यार्थी
Updated Sat, 07 Apr 2018 12:08 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
चौधरी छोटूराम पीजी कालेज में कृषि की समस्या एवं निदान पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि भौतिक जुड़ाव से ही किसान की जमीन बच सकती है। बदलते परिवेश मेेें कृषि की दुर्दशा हो रही है। ऐसे में आधुनिक तकनीक और उपायों से इसे और बेहतर बनाया जा सकता है।
शुभारंभ भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार, धर्मेंद्र मलिक, अशोक बालियान ने संयुक्त रुप से किया। मुख्य वक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जमीन से भौतिक जुड़ाव रखने पर ही कृषि, किसान के प्रति नजरिया बदलेगा। नंगे पैरों से ही अपनी जमीन पर टहलना चाहिए, ताकि जमीन के प्रति जुड़ाव बढ़ सकें। धर्मेंद्र मलिक ने वर्तमान में कृषि की दुर्दशा, समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। अशोक बालियान ने कहा कि विद्यार्थी जब तक कृषि उत्पादन की बाजार नीति को बारीकि से नहीं समझेंगे, तब तक देश के उत्थान भागीदारी संभव नहीं है। प्राचार्य डॉ नरेश मलिक ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है। यहां की 70 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर है। आज के दौर में कृषि की नवीन तकनीक इजाद हो गई हैं, इन्हें विद्यार्थियों को समझना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ. ओमबीर सिंह, डॉ. हरेंद्र सिंह सिरोही, डॉ. नरेश पूर्थी, डॉ. विजय ढाका, डॉ. आईजे सिंह, डॉ. सुभाष, विकास, इंद्रपाल, सहेंद्र, रामेंद्र, योगेश आदि मौजूद रहे।
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चौधरी छोटूराम पीजी कालेज में कृषि की समस्या एवं निदान पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि भौतिक जुड़ाव से ही किसान की जमीन बच सकती है। बदलते परिवेश मेेें कृषि की दुर्दशा हो रही है। ऐसे में आधुनिक तकनीक और उपायों से इसे और बेहतर बनाया जा सकता है।
शुभारंभ भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार, धर्मेंद्र मलिक, अशोक बालियान ने संयुक्त रुप से किया। मुख्य वक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि जमीन से भौतिक जुड़ाव रखने पर ही कृषि, किसान के प्रति नजरिया बदलेगा। नंगे पैरों से ही अपनी जमीन पर टहलना चाहिए, ताकि जमीन के प्रति जुड़ाव बढ़ सकें। धर्मेंद्र मलिक ने वर्तमान में कृषि की दुर्दशा, समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। अशोक बालियान ने कहा कि विद्यार्थी जब तक कृषि उत्पादन की बाजार नीति को बारीकि से नहीं समझेंगे, तब तक देश के उत्थान भागीदारी संभव नहीं है। प्राचार्य डॉ नरेश मलिक ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है। यहां की 70 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर है। आज के दौर में कृषि की नवीन तकनीक इजाद हो गई हैं, इन्हें विद्यार्थियों को समझना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ. ओमबीर सिंह, डॉ. हरेंद्र सिंह सिरोही, डॉ. नरेश पूर्थी, डॉ. विजय ढाका, डॉ. आईजे सिंह, डॉ. सुभाष, विकास, इंद्रपाल, सहेंद्र, रामेंद्र, योगेश आदि मौजूद रहे।
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