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बच्चों के एडमिशन को लेकर पैरेंट्स की टेंशन
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बच्चों के दाखिले के लिए मची मारामारी
मुजफ्फरनगर। अप्रैल महीना आते ही पैरेंट्स को अपने बच्चों के एडमिशन की चिंता सताने लगी है। शहर के कई स्कूलों में दाखिले को लेकर मारामारी मची। वहीं, बेलगाम पब्लिक स्कूल संचालक भी मनमानी पर उतर आए हैं।
अप्रैल माह में नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत हो गई है। अपने बच्चों के प्रवेश को लेकर अभिभावक टेंशन में है। वो बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है, जो नामचीन पब्लिक स्कूलों में बच्चों का एडमिशन कराना चाह रहे हैं। स्कूलों में नए शैक्षिक सत्र के दाखिलों की प्रक्रिया चल रही है। अभिभावक सभी कार्यों को दरकिनार करके बच्चों का अच्छे स्कूल में एडमिशन कराने को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे मौके पर पब्लिक स्कूल संचालक भी पूरा फायदा उठा रहे हैं। क्योंकि पब्लिक स्कूलों पर सीबीएसई बोर्ड या सरकार को कोई दबाव नहीं है, जिस कारण पब्लिक स्कूल संचालक बेेलगाम है। बच्चे के एडमिशन से लेकर फीस, सेलेबस, यूनिफार्म में खूब खेल हो रहा है। पब्लिक स्कूल संचालक अपने स्कूल में ही ड्रेस और किताबों की दुकानें खुलवा रखी है, जहां पर अभिभावकों से किताबों को बिना कोई छूट दिए ही प्रिंट्स रेट से ही दाम वसूले जा रहे हैं। दोपहर तक स्कूलों में यूनिफार्म और सेलेबस दिया जाता है, बाद में तयशुदा दुकान पर किताबें और ड्रेस बेची जाती है। इसके अलावा पब्लिक स्कूल संचालकों ने कमीशन के खेल में दुकानें निर्धारित कर रखी है, जहां पर स्कूल की डे्स और सिलेबस मिल रहा है। एडमिशन के दौरान ही अभिभावकों को तय दुकानों की लिस्ट सौंप दी जाती है। ऐसा करके अभिभावकों इन दुकानों से ही यूनिफार्म और किताबें खरीदने को मजबूर किया जा रहा है।
क्या है निर्देश
सीबीएसई के निर्देश है कि पब्लिक स्कूलों में एनसीआरटी की ही किताबें पाठ्यक्रम में लगाई जाए, मगर इन निर्देश को दरकिनार करके स्कूल संचालक कमीशन के फेर में प्राईवेट पब्लिकेशंस की किताबेें कोर्स में शामिल करते है।
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अभिभावक शिकायत करें- बीएसए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेश शर्मा कहते हैं कि अभिभावक इस संबंध में शिकायत कर सकते हैं। यदि अभिभावक संबंधित स्कूल के खिलाफ उन्हें शिकायत करते है तो वो जांच करा कर प्रभावी कार्रवाई भी करेंगे।
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मुजफ्फरनगर। अप्रैल महीना आते ही पैरेंट्स को अपने बच्चों के एडमिशन की चिंता सताने लगी है। शहर के कई स्कूलों में दाखिले को लेकर मारामारी मची। वहीं, बेलगाम पब्लिक स्कूल संचालक भी मनमानी पर उतर आए हैं।
अप्रैल माह में नए शैक्षिक सत्र की शुरुआत हो गई है। अपने बच्चों के प्रवेश को लेकर अभिभावक टेंशन में है। वो बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है, जो नामचीन पब्लिक स्कूलों में बच्चों का एडमिशन कराना चाह रहे हैं। स्कूलों में नए शैक्षिक सत्र के दाखिलों की प्रक्रिया चल रही है। अभिभावक सभी कार्यों को दरकिनार करके बच्चों का अच्छे स्कूल में एडमिशन कराने को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे मौके पर पब्लिक स्कूल संचालक भी पूरा फायदा उठा रहे हैं। क्योंकि पब्लिक स्कूलों पर सीबीएसई बोर्ड या सरकार को कोई दबाव नहीं है, जिस कारण पब्लिक स्कूल संचालक बेेलगाम है। बच्चे के एडमिशन से लेकर फीस, सेलेबस, यूनिफार्म में खूब खेल हो रहा है। पब्लिक स्कूल संचालक अपने स्कूल में ही ड्रेस और किताबों की दुकानें खुलवा रखी है, जहां पर अभिभावकों से किताबों को बिना कोई छूट दिए ही प्रिंट्स रेट से ही दाम वसूले जा रहे हैं। दोपहर तक स्कूलों में यूनिफार्म और सेलेबस दिया जाता है, बाद में तयशुदा दुकान पर किताबें और ड्रेस बेची जाती है। इसके अलावा पब्लिक स्कूल संचालकों ने कमीशन के खेल में दुकानें निर्धारित कर रखी है, जहां पर स्कूल की डे्स और सिलेबस मिल रहा है। एडमिशन के दौरान ही अभिभावकों को तय दुकानों की लिस्ट सौंप दी जाती है। ऐसा करके अभिभावकों इन दुकानों से ही यूनिफार्म और किताबें खरीदने को मजबूर किया जा रहा है।
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क्या है निर्देश
सीबीएसई के निर्देश है कि पब्लिक स्कूलों में एनसीआरटी की ही किताबें पाठ्यक्रम में लगाई जाए, मगर इन निर्देश को दरकिनार करके स्कूल संचालक कमीशन के फेर में प्राईवेट पब्लिकेशंस की किताबेें कोर्स में शामिल करते है।
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अभिभावक शिकायत करें- बीएसए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेश शर्मा कहते हैं कि अभिभावक इस संबंध में शिकायत कर सकते हैं। यदि अभिभावक संबंधित स्कूल के खिलाफ उन्हें शिकायत करते है तो वो जांच करा कर प्रभावी कार्रवाई भी करेंगे।