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बरसात से राहत के साथ आफत भी
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:43 AM IST
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बरसात से राहत के साथ आफत भी
मुजफ्फरनगर। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं अब ये बारिश गरीबों के लिए मुसीबत बनने लगी है। शहर के लद्दावाला में एक मजदूर की कच्चे मकान की छत भरभरा कर गिर गई। छत के मलबे में दबकर महिला जख्मी हो गई। उधर, छपार क्षेत्र के गांव बसेड़ा और मीरापुर में भी लोगों के मकानों की छत गिर गई।
शनिवार को बारिश के चलते शहर के मोहल्ला लद्दावाला में एक मकान की कच्ची छत कड़ी टूटने के कारण भरभराकर गिर पड़ी। छत गिरने से परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ और महिला को चोट लगी है। हादसे के बाद आसपास के लोग एकत्र हो गए और उन्होंने सामान बाहर निकलवाया। लद्दावाला में पीर वाली गली निवासी नासिर मजदूरी करता है। शुक्रवार रात वह पत्नी शाहिदा और चार बच्चों के साथ मकान में सोया हुआ था। नासिर ने बताया कि शनिवार सवेरे करीब साढ़े चार बजे अचानक ही कड़ी टूटी और छत गिर पड़ी। इसमें शाहिदा को कंधे में चोट लगी है। सामान सारा क्षतिग्रस्त हो गया। महिला को डॉक्टर से उपचार दिलाया गया। मोहल्ले वालों और पीड़ित ने प्रशासन ने आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
छपार। लगातार बारिश होने से शुक्रवार रात में बसेड़ा गांव में एक मकान गिर गया, जिससे कीमती सामान दब गया, लेकिन किसी को चोट नहीं आई। बसेड़ा निवासी बिट्टू के एक कमरे छत नीचे गिर गई, जिससे उसमें रखा अनाज कपडे़, संदूक, बर्तन आदि मिट्टी के नीचे दब गए। बिट्टू ने बताया कि वह बच्चों सहित घर में सोया हुआ था। एकदम से छत की कड़ी टूटने की आवाज हुई, जिससे उसकी आंख खुल गई और बच्चों को उठाकर वह तुरंत ही बाहर निकल गया। देखते ही देखते सारी छत नीचे गिर गई। एक कमरा पिछली बरसात में गिर गया था, जिसमें उसके दस वर्षीय पुत्र अमन काफी चोट लगी थी। उस समय लेखपाल और पंचायत सचिव भी आए थे, लेकिन उसका मकान नहीं बना। अब वह पड़ोसी के मकान में रह रहा है।
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मीरापुर। बारिश के चलते मोहल्ला नवाब पट्टी में महबूब आलम पुत्र फारूक का मकान ढह गया। मकान के गिरे मलबे से मकान मालिक व उसके बच्चे बाल-बाल बचे। पीड़ित ने एसडीएम को पत्र भेज कर आर्थिक सहायता की मांग की है। क्षेत्र में विगत 36 घंटो से हो रही वर्षा से जगह जगह जलभराव की समस्या से लोगों को सामना करना पड़ रहा है। वर्षा को गन्ने की फसल के लिए लाभदायक माना जा रहा है।
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मुजफ्फरनगर। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं अब ये बारिश गरीबों के लिए मुसीबत बनने लगी है। शहर के लद्दावाला में एक मजदूर की कच्चे मकान की छत भरभरा कर गिर गई। छत के मलबे में दबकर महिला जख्मी हो गई। उधर, छपार क्षेत्र के गांव बसेड़ा और मीरापुर में भी लोगों के मकानों की छत गिर गई।
शनिवार को बारिश के चलते शहर के मोहल्ला लद्दावाला में एक मकान की कच्ची छत कड़ी टूटने के कारण भरभराकर गिर पड़ी। छत गिरने से परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ और महिला को चोट लगी है। हादसे के बाद आसपास के लोग एकत्र हो गए और उन्होंने सामान बाहर निकलवाया। लद्दावाला में पीर वाली गली निवासी नासिर मजदूरी करता है। शुक्रवार रात वह पत्नी शाहिदा और चार बच्चों के साथ मकान में सोया हुआ था। नासिर ने बताया कि शनिवार सवेरे करीब साढ़े चार बजे अचानक ही कड़ी टूटी और छत गिर पड़ी। इसमें शाहिदा को कंधे में चोट लगी है। सामान सारा क्षतिग्रस्त हो गया। महिला को डॉक्टर से उपचार दिलाया गया। मोहल्ले वालों और पीड़ित ने प्रशासन ने आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।
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छपार। लगातार बारिश होने से शुक्रवार रात में बसेड़ा गांव में एक मकान गिर गया, जिससे कीमती सामान दब गया, लेकिन किसी को चोट नहीं आई। बसेड़ा निवासी बिट्टू के एक कमरे छत नीचे गिर गई, जिससे उसमें रखा अनाज कपडे़, संदूक, बर्तन आदि मिट्टी के नीचे दब गए। बिट्टू ने बताया कि वह बच्चों सहित घर में सोया हुआ था। एकदम से छत की कड़ी टूटने की आवाज हुई, जिससे उसकी आंख खुल गई और बच्चों को उठाकर वह तुरंत ही बाहर निकल गया। देखते ही देखते सारी छत नीचे गिर गई। एक कमरा पिछली बरसात में गिर गया था, जिसमें उसके दस वर्षीय पुत्र अमन काफी चोट लगी थी। उस समय लेखपाल और पंचायत सचिव भी आए थे, लेकिन उसका मकान नहीं बना। अब वह पड़ोसी के मकान में रह रहा है।
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मीरापुर। बारिश के चलते मोहल्ला नवाब पट्टी में महबूब आलम पुत्र फारूक का मकान ढह गया। मकान के गिरे मलबे से मकान मालिक व उसके बच्चे बाल-बाल बचे। पीड़ित ने एसडीएम को पत्र भेज कर आर्थिक सहायता की मांग की है। क्षेत्र में विगत 36 घंटो से हो रही वर्षा से जगह जगह जलभराव की समस्या से लोगों को सामना करना पड़ रहा है। वर्षा को गन्ने की फसल के लिए लाभदायक माना जा रहा है।