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केंद्रीय विद्यालय में गंदा पानी पी रहे थे विद्यार्थी
Updated Fri, 01 Sep 2017 01:48 AM IST
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केंद्रीय विद्यालय में गंदा पानी पी रहे थे विद्यार्थी
मुजफ्फरनगर। डीएम को व्हाट्सएप पर शिकायत मिली कि केंद्रीय विद्यालय में पीने का पानी साफ नहीं है। बच्चों को गंदा पानी ही पिलाया जा रहा है। शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को जांच के लिए विद्यालय भेजा। शिकायत सही पाए जाने पर प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
डीएम प्रियदर्शी ने बताया कि व्हाट्सएप पर उन्हें केंद्रीय विद्यालय में गंदा पानी पिलाए जाने की शिकायत मिली थी। जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए नगर मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा को मौके पर भेजकर जांच कराई गई। सबसे पहले पीने के पानी के टैंक जो स्कूल की छत पर रखे हुए हैं, उनको चेक किया गया। टैंक के बाहर गंदगी पाई गई। टैंकों पर कोई ढक्कन नहीं मिले। ढक्कन के स्थान पर लोहे की कांटेदार जंग लगी तारों को लपेटकर रखा गया था। टैंकों के पास से बिजली का केबिल जा रहा है जो कटा और खुला हुआ मिला, जिस पर टेप आदि भी नहीं लगाई गई थी। इससे कोई भी विद्युत दुर्घटना हो सकती थी। टैंक में भरा हुआ पानी खुला हुआ और गंदा मिला। गंदे पानी को पीने से छात्रों की तबियत बिगड़ सकती है। विद्यालय में आरओ भी लगा हुआ है, लेकिन वह भी खराब पड़ा मिला है। प्रधानाचार्य से पूछा गया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने लापरवाही पर प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
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मुजफ्फरनगर। डीएम को व्हाट्सएप पर शिकायत मिली कि केंद्रीय विद्यालय में पीने का पानी साफ नहीं है। बच्चों को गंदा पानी ही पिलाया जा रहा है। शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को जांच के लिए विद्यालय भेजा। शिकायत सही पाए जाने पर प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
डीएम प्रियदर्शी ने बताया कि व्हाट्सएप पर उन्हें केंद्रीय विद्यालय में गंदा पानी पिलाए जाने की शिकायत मिली थी। जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए नगर मजिस्ट्रेट वैभव मिश्रा को मौके पर भेजकर जांच कराई गई। सबसे पहले पीने के पानी के टैंक जो स्कूल की छत पर रखे हुए हैं, उनको चेक किया गया। टैंक के बाहर गंदगी पाई गई। टैंकों पर कोई ढक्कन नहीं मिले। ढक्कन के स्थान पर लोहे की कांटेदार जंग लगी तारों को लपेटकर रखा गया था। टैंकों के पास से बिजली का केबिल जा रहा है जो कटा और खुला हुआ मिला, जिस पर टेप आदि भी नहीं लगाई गई थी। इससे कोई भी विद्युत दुर्घटना हो सकती थी। टैंक में भरा हुआ पानी खुला हुआ और गंदा मिला। गंदे पानी को पीने से छात्रों की तबियत बिगड़ सकती है। विद्यालय में आरओ भी लगा हुआ है, लेकिन वह भी खराब पड़ा मिला है। प्रधानाचार्य से पूछा गया तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने लापरवाही पर प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
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