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आपसी भाईचारा और एकता से मिटेंगी बुराईयां
Updated Mon, 14 Aug 2017 01:13 AM IST
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नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प
मुजफ्फरनगर। श्री परमधाम न्यास के बैनरतले टाउन हॉल में क्रांतिकारी भीकाजी कामा के बलिदान दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी में महिला क्रांतिकारियों का भी बड़ा योगदान रहा है। इस दौरान अनुयायियों ने नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।
नगरपालिका के टाउन हॉल में आयोजित गोष्ठी में लोकपाल पूनम ने कहा कि देश की आजादी में पुरुषों के साथ महिला क्रांतिकारियों ने भी अपने प्राण न्योछावर किए थे। आजादी की लड़ाई में क्रांतिकारी महिला भीकाजी कामा ने भी योगदान दिया था। उन्होंने महिलाओं के बीच जागरूकता फैलाई और अंग्रेजी शासन से मुक्ति की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के वीर सपूतों और जवानों ने अनेक कष्ट सहकर आजादी दिलाई। पूजा-पाठ और व्रत-दान इनका अपना महत्व है, लेकिन पहले स्थान पर क्रांतिकारियों का सपना और सम्मान भी जरूरी है। इसके लिए खुद भी जागरूक हों और सबको जागरूक किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को नशे और जाति में फंसाया जा रहा है, जो एकजुटता के टूटने की निशानी है। कार्यक्रम में रविता, मीनू, बबीता, रूचि, मुनेश, अलका, नेहा, सुरेश, सत्यवती आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। श्री परमधाम न्यास के बैनरतले टाउन हॉल में क्रांतिकारी भीकाजी कामा के बलिदान दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी में महिला क्रांतिकारियों का भी बड़ा योगदान रहा है। इस दौरान अनुयायियों ने नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।
नगरपालिका के टाउन हॉल में आयोजित गोष्ठी में लोकपाल पूनम ने कहा कि देश की आजादी में पुरुषों के साथ महिला क्रांतिकारियों ने भी अपने प्राण न्योछावर किए थे। आजादी की लड़ाई में क्रांतिकारी महिला भीकाजी कामा ने भी योगदान दिया था। उन्होंने महिलाओं के बीच जागरूकता फैलाई और अंग्रेजी शासन से मुक्ति की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के वीर सपूतों और जवानों ने अनेक कष्ट सहकर आजादी दिलाई। पूजा-पाठ और व्रत-दान इनका अपना महत्व है, लेकिन पहले स्थान पर क्रांतिकारियों का सपना और सम्मान भी जरूरी है। इसके लिए खुद भी जागरूक हों और सबको जागरूक किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को नशे और जाति में फंसाया जा रहा है, जो एकजुटता के टूटने की निशानी है। कार्यक्रम में रविता, मीनू, बबीता, रूचि, मुनेश, अलका, नेहा, सुरेश, सत्यवती आदि मौजूद रहे।
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