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जम्मू कश्मीर में शांति, लीडरों को दबाने से आएगी-कल्बे जव्वाद

Sun, 21 Oct 2018 12:18 AM IST
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:18 AM IST
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जम्मू कश्मीर में शांति, लीडरों को दबाने से आएगी-कल्बे जव्वाद
जम्मू-कश्मीर में आम जनता को दबाने से शांति नहीं होगी
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मोरना (मुजफ्फरनगर। शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने मजलिस को खिताब फरमाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में आम जनता को दबाने से शांति नहीं होगी, बल्कि लीडरों को दबाने से आएगी। सरकार को आम जनता का सहयोग लेकर लीडरों पर शिकंजा कसना चाहिए।

शनिवार को गांव तिस्सा के मोहल्ला ऊंचे पर आयोजित मजलिस में शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि विकास के लिए युवक और युवतियों को शिक्षित करना होगा, तभी उन्नति होगी। केंद्र में मोदी सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, कमीशन खोरी, अपराध पर अंकुश लगा है, लेकिन मुसलिम समाज नाराज है। सरकार ने चार हजार उर्दू शिक्षकों की नौकरी छीनकर उनके परिवारों को बर्बाद कर दिया है। रोजगार छीन लेने से विकास नहीं होता, बल्कि बेरोजगारों को रोजगार देने से विकास होता है। देश के राजा को अपनी प्रजा को बराबर का हक देना चाहिए। मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि मोदी सरकार में ठेकेदार और बिचौलिए, अफसर परेशान और बेचैन हैं। यह सरकार न तो खाती है और ना ही खाने देती है। इलाहाबाद का नाम प्रयागराज कर दिया गया है। नाम बदलने से विकास नहीं होगा, काम करने से होगा। जम्मू-कश्मीर में लीडरों को छूट देना सरकार को महंगा साबित हो रहा है। गरीब जनता को दबाया जा रहा है। लीडरों को सुरक्षा, महिलाओं और बच्चों को दबाने की मुहिम अमल में लाकर सरकार परेशान और लाचार है। मुसलमान शिक्षा को अमल में लाए। गरीब बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें। इससे पूर्व, मजलिस को मौलाना सैय्यद आबिद अब्बास, मौलाना अली मेंहदी, मौलाना मुबशिर हुसैन, मौलाना कासिम ने भी विचार रखे। मजलिस के आयोजन में अंजुमने अब्बासिया तिस्सा के सदर जावेद अब्बास, सचिव हुसैन अली, अनीस, जव्वाद, मजहर, रहीश, आरिफ, अनवर अली, मुसी, नसीम, शमशुल, मोहसिन, मोहम्मद रजा आदि ने मुख्य भूमिका निभाई। गांव जौली, ककरौली, बेहड़ा सादात, टंढेड़ा, बेलड़ा, युसुफपुर, गादला, जानसठ, मीरापुर, संधावली, खतौली, मवाना, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, सहारनपुर, शामली, बिजनौर आदि से आए शिया समाज के लोगों ने मजलिस में भाग लिया।
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