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सितंबर तक होगा ट्रैक पूरी तरह से ठीक
Updated Thu, 24 Aug 2017 12:51 AM IST
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सितंबर तक होगा ट्रैक पूरी तरह से ठीक
मुजफ्फरनगर। खतौली में दुर्घटनाग्रस्त हुई उत्कल एक्सप्रेस के बाद नए सिरे से ट्रैक बिछा दिया गया है। अभी यहां से रेल गाड़ियां धीरे-धीरे निकल रही हैं। ट्रैक की पूरी तरह से मरम्मत में अभी वक्त लगेगा। यहां रेलवे इंजीनियरों की टीम तैनात की है। साथ ही आरपीएफ ने भी मबले की सुरक्षा में शिफ्टवार ड्यूटी करेगी।
उत्कल एक्सप्रेस के हादसे के कारण ट्रैक तक उखड़ गया था। जिसे रेलवे अधिकारियों ने नए सिरे से बिछा दिया है। हालांकि पूर्व में ट्रैक काफी जमा हुआ था, जिसके स्लीपर भी जमीन में धसकर पकड़ बना चुके थे। भीषण हादसे ने स्लीपर तक उखाड़कर फेंक दिए। स्लीपर के साथ रेलवे ने ट्रैक, सिग्नल ज्वाइंट, ओएचई वॉयर ज्वाइंटों को नए सिरे से मिलाया है। साथ ही ट्रेन यहां से रेंग कर निकाली जा रही है। एक्सप्रेस के साथ यहां पैसेंजर ट्रेन की रफ्तार थम गई है। ट्रैक को पूरी तरह से पटरी पर लौटने में अगस्त माह पूरा लग जाएगा।
उधर, आरपीएफ इंस्पेक्टर सोनी शर्मा ने बताया कि ट्रैक पर दिन-रात कार्य चल रहा है। टेक्निकल बिंदुओं के साथ लाइनों का चेकअप किया जा रहा है। वहीं, दुर्घटनास्थल के निकट उत्कल एक्सप्रेस का मलबा पड़ा है। जिसकी सुरक्षा में 24 घंटे जवानों को तैनात रखा गया है।
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मुजफ्फरनगर। खतौली में दुर्घटनाग्रस्त हुई उत्कल एक्सप्रेस के बाद नए सिरे से ट्रैक बिछा दिया गया है। अभी यहां से रेल गाड़ियां धीरे-धीरे निकल रही हैं। ट्रैक की पूरी तरह से मरम्मत में अभी वक्त लगेगा। यहां रेलवे इंजीनियरों की टीम तैनात की है। साथ ही आरपीएफ ने भी मबले की सुरक्षा में शिफ्टवार ड्यूटी करेगी।
उत्कल एक्सप्रेस के हादसे के कारण ट्रैक तक उखड़ गया था। जिसे रेलवे अधिकारियों ने नए सिरे से बिछा दिया है। हालांकि पूर्व में ट्रैक काफी जमा हुआ था, जिसके स्लीपर भी जमीन में धसकर पकड़ बना चुके थे। भीषण हादसे ने स्लीपर तक उखाड़कर फेंक दिए। स्लीपर के साथ रेलवे ने ट्रैक, सिग्नल ज्वाइंट, ओएचई वॉयर ज्वाइंटों को नए सिरे से मिलाया है। साथ ही ट्रेन यहां से रेंग कर निकाली जा रही है। एक्सप्रेस के साथ यहां पैसेंजर ट्रेन की रफ्तार थम गई है। ट्रैक को पूरी तरह से पटरी पर लौटने में अगस्त माह पूरा लग जाएगा।
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उधर, आरपीएफ इंस्पेक्टर सोनी शर्मा ने बताया कि ट्रैक पर दिन-रात कार्य चल रहा है। टेक्निकल बिंदुओं के साथ लाइनों का चेकअप किया जा रहा है। वहीं, दुर्घटनास्थल के निकट उत्कल एक्सप्रेस का मलबा पड़ा है। जिसकी सुरक्षा में 24 घंटे जवानों को तैनात रखा गया है।
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