{"_id":"5be9cf6bbdec2269bb420760","slug":"131542049643-muzaffarnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेहडा सादात में हुसैनी मजलिस का आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेहडा सादात में हुसैनी मजलिस का आयोजन
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सच्चाई की हमेशा जीत होगी
मोरना। गांव बेहड़ा सादात के इमामबाड़ा में हुसैनी मजलिस में शिया सोगवारों ने भाग लिया। मजलिस के बाद मातमपुर्सी की गई। अंजुमन-ए सज्जादिया द्वारा आयोजित मजलिस का शुभारंभ मोहम्मद हुसैन ने मरसिया पढ़कर किया। राजस्थान के अजमेर से आए मौलाना सैय्यद गुलजार हुसैन ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि सच्चाई की हमेशा जीत होती है। सच्चाई के रास्ते पर प्राणों का बलिदान देने वाले ही कल्याण करते हैं। हुसैन व उनके परिवार की शहादत सच्चाई व हक को जिंदा करने के लिए थी। हमें इमाम हुसैन की जिंदगी से प्रेरणा लेनी चाहिए। इसके उपरांत नोहाख्वानी असद मेमन ने तथा अंजुमने सज्जादिया से जुड़े सदस्यों ने सीनाजनीं की। अजादारों ने रसूल के नवासे हजरत इमाम हुसैन का पुरसा दिया। इस मौके पर अकील हुसैन, मेहंदी हसन, मुस्तफा हुसैन, मुर्तजा हुसैन, शाहिद रजा, रियाज बाकर, रफत हुसैन, जीशान अकबर, हसन आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
मोरना। गांव बेहड़ा सादात के इमामबाड़ा में हुसैनी मजलिस में शिया सोगवारों ने भाग लिया। मजलिस के बाद मातमपुर्सी की गई। अंजुमन-ए सज्जादिया द्वारा आयोजित मजलिस का शुभारंभ मोहम्मद हुसैन ने मरसिया पढ़कर किया। राजस्थान के अजमेर से आए मौलाना सैय्यद गुलजार हुसैन ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि सच्चाई की हमेशा जीत होती है। सच्चाई के रास्ते पर प्राणों का बलिदान देने वाले ही कल्याण करते हैं। हुसैन व उनके परिवार की शहादत सच्चाई व हक को जिंदा करने के लिए थी। हमें इमाम हुसैन की जिंदगी से प्रेरणा लेनी चाहिए। इसके उपरांत नोहाख्वानी असद मेमन ने तथा अंजुमने सज्जादिया से जुड़े सदस्यों ने सीनाजनीं की। अजादारों ने रसूल के नवासे हजरत इमाम हुसैन का पुरसा दिया। इस मौके पर अकील हुसैन, मेहंदी हसन, मुस्तफा हुसैन, मुर्तजा हुसैन, शाहिद रजा, रियाज बाकर, रफत हुसैन, जीशान अकबर, हसन आदि उपस्थित रहे।