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प्रधानाचार्य बोले, उन्हें 10 लाख का नुकसान
Updated Mon, 21 Aug 2017 01:11 AM IST
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पलभर में ही पटरी से उतर गईं बोगियां
मुजफ्फरनगर। कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे चौधरी तिलकराम इंटर कॉलेज और मकान में घुस गए थे, जिन्हें रविवार को एनडीआरएफ और रेलवे सुरक्षा बलों ने डीएसएल क्रेन की मदद से हटाया। हादसे में एक मकान का बाहरी हिस्सा बुरी तरह टूट गया, जबकि स्कूल को भी क्षति पहुंची है। स्कूल के प्रधानाचार्य ने कहा कि स्कूल और मकान में घुसे डिब्बों के कारण उन्हें कम से कम 10 लाख का नुकसान हुआ है। उनके बड़े भाई को हादसे में चोटें भी आई है।
पलभर में ही तेज रफ्तार से दौड़ रही उत्कल एक्सप्रेस की बोगियां पटरी से उतर गई थी। दो डिब्बे स्कूल और मकान में जा घुसे। एसी कोच को छोड़कर बाकी की हालत बुरी हो गई। हादसे से सड़क तक धंस गई। सड़क पर कई स्थानों पर ट्रेन से टूटकर मलबा धंस गया। रविवार को क्रेन की मदद से एनडीआरएफ, रेलवे सुरक्षा बल और अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत कर मकान और स्कूल में घुसे डिब्बों को हटवाया। चौधरी तिलक राम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य चौधरी सुरेंद्र पाल सिंह अहलावत ने बताया कि हादसे के दौरान वह घर के बाहर ही कुछ दूरी पर बैठे थे। हल्की बारिश का मौसम था और ट्रैक पर कर्मचारी काम कर रहे थे। अचानक कर्मचारी भागने लगे। इतने में ही ट्रेन के निकल कर उछल पड़ेे और मकानों में घुस गए। एक डिब्बा उनके स्कूल में घुसा है। मकान और स्कूल में हादसे के कारण उन्हें कम से कम 10 लाख का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी ट्रैक क्रेक होने पर जून माह में पैसेंजर ट्रेन को स्कूल के चौकीदार राधेलाल ने हादसे का शिकार होने से बचाया था। लगातार ट्रैक क्रेक होने को लेकर कई बार स्टेशन मास्टर से मिला गया, लेकिन कोई सुनवाई हुई। इस हादसे में उनके बड़े भाई जगत सिंह को भी चोटें लगी है।
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मुजफ्फरनगर। कलिंग उत्कल एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे चौधरी तिलकराम इंटर कॉलेज और मकान में घुस गए थे, जिन्हें रविवार को एनडीआरएफ और रेलवे सुरक्षा बलों ने डीएसएल क्रेन की मदद से हटाया। हादसे में एक मकान का बाहरी हिस्सा बुरी तरह टूट गया, जबकि स्कूल को भी क्षति पहुंची है। स्कूल के प्रधानाचार्य ने कहा कि स्कूल और मकान में घुसे डिब्बों के कारण उन्हें कम से कम 10 लाख का नुकसान हुआ है। उनके बड़े भाई को हादसे में चोटें भी आई है।
पलभर में ही तेज रफ्तार से दौड़ रही उत्कल एक्सप्रेस की बोगियां पटरी से उतर गई थी। दो डिब्बे स्कूल और मकान में जा घुसे। एसी कोच को छोड़कर बाकी की हालत बुरी हो गई। हादसे से सड़क तक धंस गई। सड़क पर कई स्थानों पर ट्रेन से टूटकर मलबा धंस गया। रविवार को क्रेन की मदद से एनडीआरएफ, रेलवे सुरक्षा बल और अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत कर मकान और स्कूल में घुसे डिब्बों को हटवाया। चौधरी तिलक राम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य चौधरी सुरेंद्र पाल सिंह अहलावत ने बताया कि हादसे के दौरान वह घर के बाहर ही कुछ दूरी पर बैठे थे। हल्की बारिश का मौसम था और ट्रैक पर कर्मचारी काम कर रहे थे। अचानक कर्मचारी भागने लगे। इतने में ही ट्रेन के निकल कर उछल पड़ेे और मकानों में घुस गए। एक डिब्बा उनके स्कूल में घुसा है। मकान और स्कूल में हादसे के कारण उन्हें कम से कम 10 लाख का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी ट्रैक क्रेक होने पर जून माह में पैसेंजर ट्रेन को स्कूल के चौकीदार राधेलाल ने हादसे का शिकार होने से बचाया था। लगातार ट्रैक क्रेक होने को लेकर कई बार स्टेशन मास्टर से मिला गया, लेकिन कोई सुनवाई हुई। इस हादसे में उनके बड़े भाई जगत सिंह को भी चोटें लगी है।
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