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संतति के साथ फल-फूल रहा पर्यावरण
Updated Tue, 23 Oct 2018 11:43 PM IST
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संतान के साथ फलफूल रहा पर्यावरण
मुजफ्फरनगर । पर्यावरण संरक्षण को भावनाओं से जोड़ने का यह अनूठा प्रयास है। जिला महिला अस्पताल में इसकी शुरुआत हो चुकी है। यहां बच्चे को जन्म देने वाली प्रत्येक महिला को अस्पताल से छुट्टी के समय एक पौधा भेंट किया जाता है। कहा जाता है कि वह इस पौधे की अपने बच्चे की तरह परवरिश करे। बच्चे के माता-पिता भी इस पौधे को खुशी से स्वीकार करते हैं। जिला महिला अस्पताल में इस अभियान की शुरुआत मई माह में की गई थी। सीएमएस डॉॅ. अमिता गर्ग ने शुरुआत में नर्सरी से नीम, आम और शीशम के पौधे खरीदकर वितरित कराए। इसके बाद उन्होंने अस्पताल के माली से ही पौधों की नर्सरी तैयार करा ली। एक कर्मचारी अस्पताल के गेट पर प्लास्टिक की बाल्टियों में पौधे लेकर बैठता है और डिलीवरी के बाद अस्पताल से छुट्टी लेकर जाने वाली प्रत्येक माता को एक पौधा भेंट करता है।
इन महिलाओं को दिए पौधे
मंगलवार को जिला अस्पताल से छुट्टी लेकर घर गई कुल्हेड़ी निवासी रुखसार, कृष्णापुरी की किरण, सांझक की ममतेश, अंबा बिहार की सीतू, सरवट की कौसर, सिकंदरपुर की पूजा, मल्लूपुरा की गुलिस्ता और बल्लूपुर की गुड्डी को नीम का एक-एक पौधा भेंट किया गया।
जनभावनाओं से जोड़ना जरूरी है पर्यावरण को
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अमिता गर्ग का कहना है कि पर्यावरण को जनभावनाओं से जोड़ना जरूरी है। लोग पेड़ पौधों को अपने परिजनों की तरह प्रेम करेंगे तब ही पर्यावरण का संरक्षण हो सकेगा।
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मुजफ्फरनगर । पर्यावरण संरक्षण को भावनाओं से जोड़ने का यह अनूठा प्रयास है। जिला महिला अस्पताल में इसकी शुरुआत हो चुकी है। यहां बच्चे को जन्म देने वाली प्रत्येक महिला को अस्पताल से छुट्टी के समय एक पौधा भेंट किया जाता है। कहा जाता है कि वह इस पौधे की अपने बच्चे की तरह परवरिश करे। बच्चे के माता-पिता भी इस पौधे को खुशी से स्वीकार करते हैं। जिला महिला अस्पताल में इस अभियान की शुरुआत मई माह में की गई थी। सीएमएस डॉॅ. अमिता गर्ग ने शुरुआत में नर्सरी से नीम, आम और शीशम के पौधे खरीदकर वितरित कराए। इसके बाद उन्होंने अस्पताल के माली से ही पौधों की नर्सरी तैयार करा ली। एक कर्मचारी अस्पताल के गेट पर प्लास्टिक की बाल्टियों में पौधे लेकर बैठता है और डिलीवरी के बाद अस्पताल से छुट्टी लेकर जाने वाली प्रत्येक माता को एक पौधा भेंट करता है।
इन महिलाओं को दिए पौधे
मंगलवार को जिला अस्पताल से छुट्टी लेकर घर गई कुल्हेड़ी निवासी रुखसार, कृष्णापुरी की किरण, सांझक की ममतेश, अंबा बिहार की सीतू, सरवट की कौसर, सिकंदरपुर की पूजा, मल्लूपुरा की गुलिस्ता और बल्लूपुर की गुड्डी को नीम का एक-एक पौधा भेंट किया गया।
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जनभावनाओं से जोड़ना जरूरी है पर्यावरण को
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अमिता गर्ग का कहना है कि पर्यावरण को जनभावनाओं से जोड़ना जरूरी है। लोग पेड़ पौधों को अपने परिजनों की तरह प्रेम करेंगे तब ही पर्यावरण का संरक्षण हो सकेगा।
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