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भूमि विवाद निपटाएगी राजस्व और पुलिस टीम
Updated Sat, 13 Jan 2018 01:01 AM IST
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मुजफ्फरनगर।
जमीनी फसाद और रंजिश के कारण पुलिस अधिक परेशान है। जांच के साथ मुल्जिमों पर कार्रवाई में कई तरह के पेंच फंसते हैं। आधा कार्य प्रशासन के हाथ में होता है, जबकि गिरफ्तारी पुलिस को सौंपी जाती है। अब पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम जमीनी झगड़ों का निपटारा गांव पहुंचकर करेगी। इसी माह से महकमा प्लान को लागू करने की तैयारी में है।
पुलिस महकमे में यह योजना श्रावस्ती में लागू की गई है। इसकी सफलता के बाद अब इसे सभी जनपदों में लागू किया जा रहा है। भूमि विवादों को लंबे समय तक निस्तारण नहीं होने के कारण आपसी रंजिश बढ़ती है। इससे पुलिस और प्रशासन को परेशानियों से जूझना पड़ता है। भूमि विवाद, मुल्जिमों पर कार्रवाई आदि प्रक्रिया से निपटने के लिए पुलिस राजस्व विभाग के साथ मिलकर कार्य करेगी। संयुक्त टीम बनाकर गांव-गांव में जाकर इन विवादों का निपटारा होगा। भूमि विवाद से संबंधित समस्याओं के निस्तारण के लिए मुख्य सचिव राजस्व विभाग ने जनपद में पत्र भेजा है। जिसमें श्रावस्ती मॉडल को आधार बताया गया है। अब पुलिस 31 जनवरी अभियान चलाएगी। इसके लिए आईजीआरएस व अन्य माध्यमों से मिली शिकायतों को तहसीलदारों से एकत्र किया जाएगा। एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि भूमि विवादों को निपटाने के लिए राजस्व टीम के साथ कार्य किया जाएगा। ताकि समय से पीड़ितों को न्याय मिले और आरोपियों पर कार्रवाई हो सके।
सबूत साथ रखेंगे दोनों पक्ष
मुजफ्फरनगर। पुलिस और राजस्व विभाग की कार्रवाई के दौरान तहसील स्तर से व्यापक प्रचार कराया जाएगा। जिसमें दोनों पक्षों को मौके पर सबूतों, अभिलेखों साथ मौजूद रहना पड़ेगा। संयुक्त टीम इन तथ्यों की जांच करने के बाद अपनी कार्रवाई को अंजाम देगी। यह टीम सूचिबद्ध मामलों के अलावा मौके पर पहुंचने वाली शिकायतों का भी निस्तारण करेगी।
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पहले जीडी में डलेगा तस्करा
मुजफ्फरनगर। अभियान के दिन संयुक्त टीम सुबह नौ बजे थाने से रवाना होगी। कोतवाली, थाने की जीडी में सूचना दर्ज करने के बाद उसकी नकल अपने पास रखेगी। जिसे निस्तारण आख्या के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं, एसडीएम, सीओ गांवों का भ्रमण कर गठित टीमों के कार्य की जांच और कार्रवाई को परखेगी।
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जमीनी फसाद और रंजिश के कारण पुलिस अधिक परेशान है। जांच के साथ मुल्जिमों पर कार्रवाई में कई तरह के पेंच फंसते हैं। आधा कार्य प्रशासन के हाथ में होता है, जबकि गिरफ्तारी पुलिस को सौंपी जाती है। अब पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीम जमीनी झगड़ों का निपटारा गांव पहुंचकर करेगी। इसी माह से महकमा प्लान को लागू करने की तैयारी में है।
पुलिस महकमे में यह योजना श्रावस्ती में लागू की गई है। इसकी सफलता के बाद अब इसे सभी जनपदों में लागू किया जा रहा है। भूमि विवादों को लंबे समय तक निस्तारण नहीं होने के कारण आपसी रंजिश बढ़ती है। इससे पुलिस और प्रशासन को परेशानियों से जूझना पड़ता है। भूमि विवाद, मुल्जिमों पर कार्रवाई आदि प्रक्रिया से निपटने के लिए पुलिस राजस्व विभाग के साथ मिलकर कार्य करेगी। संयुक्त टीम बनाकर गांव-गांव में जाकर इन विवादों का निपटारा होगा। भूमि विवाद से संबंधित समस्याओं के निस्तारण के लिए मुख्य सचिव राजस्व विभाग ने जनपद में पत्र भेजा है। जिसमें श्रावस्ती मॉडल को आधार बताया गया है। अब पुलिस 31 जनवरी अभियान चलाएगी। इसके लिए आईजीआरएस व अन्य माध्यमों से मिली शिकायतों को तहसीलदारों से एकत्र किया जाएगा। एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने बताया कि भूमि विवादों को निपटाने के लिए राजस्व टीम के साथ कार्य किया जाएगा। ताकि समय से पीड़ितों को न्याय मिले और आरोपियों पर कार्रवाई हो सके।
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सबूत साथ रखेंगे दोनों पक्ष
मुजफ्फरनगर। पुलिस और राजस्व विभाग की कार्रवाई के दौरान तहसील स्तर से व्यापक प्रचार कराया जाएगा। जिसमें दोनों पक्षों को मौके पर सबूतों, अभिलेखों साथ मौजूद रहना पड़ेगा। संयुक्त टीम इन तथ्यों की जांच करने के बाद अपनी कार्रवाई को अंजाम देगी। यह टीम सूचिबद्ध मामलों के अलावा मौके पर पहुंचने वाली शिकायतों का भी निस्तारण करेगी।
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पहले जीडी में डलेगा तस्करा
मुजफ्फरनगर। अभियान के दिन संयुक्त टीम सुबह नौ बजे थाने से रवाना होगी। कोतवाली, थाने की जीडी में सूचना दर्ज करने के बाद उसकी नकल अपने पास रखेगी। जिसे निस्तारण आख्या के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। वहीं, एसडीएम, सीओ गांवों का भ्रमण कर गठित टीमों के कार्य की जांच और कार्रवाई को परखेगी।